संध्या समय न्यूज
भारत निर्वाचन आयोग ने महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और बिहार की 16 राज्यसभा सीटों पर द्विवार्षिक चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। अधिसूचना 26 फरवरी 2026 को जारी होगी। नामांकन की अंतिम तिथि 5 मार्च, जांच 6 मार्च और नाम वापसी की आखिरी तारीख 9 मार्च 2026 तय की गई है। मतदान 16 मार्च को होगा और उसी दिन शाम 5 बजे मतगणना के साथ नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे। पूरी प्रक्रिया 20 मार्च 2026 तक संपन्न होगी। इन चुनावों ने कई दिग्गज नेताओं के संसदीय भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासतौर पर बिहार, महाराष्ट्र और हरियाणा की राजनीति में समीकरण तेजी से बदल रहे हैं।
महाराष्ट्र: शरद पवार के संन्यास के बाद नई जंग
महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा राजनीतिक सरगर्मी है। शरद पवार पहले ही सक्रिय राजनीति से संन्यास का संकेत दे चुके हैं। ऐसे में उनकी राज्यसभा सीट पर किसे मौका मिलेगा, यह बड़ा सवाल है। राज्य से अप्रैल 2026 में जिन सांसदों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उनमें धैर्यशील पाटिल, भागवत कराड, फौजिया खान, शरद पवार, प्रियंका चतुर्वेदी, रामदास अठावले और रजनी पाटिल शामिल हैं। उद्धव ठाकरे गुट की घटती विधायी ताकत के बीच प्रियंका चतुर्वेदी की वापसी आसान नहीं मानी जा रही। विधानसभा में संख्या बल के आधार पर क्रॉस-वोटिंग या गठबंधन की मजबूती उनके भविष्य का फैसला करेगी।
बिहार: बदले गठबंधन समीकरण, क्या फिर मिल पाएगा मौका?
बिहार से 9 अप्रैल 2026 को अमरेंद्र धारी सिंह, प्रेम चंद गुप्ता, रामनाथ ठाकुर, हरिवंश नारायण सिंह और उपेंद्र कुशवाहा का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। राज्य में मौजूदा समीकरणों के अनुसार दो सीटें राजद, एक जदयू और एक राष्ट्रीय लोक मोर्चा के पास हैं। लेकिन गठबंधन की आंतरिक राजनीति और बदलते समीकरणों के बीच कुशवाहा की दोबारा उम्मीदवारी पर संशय बना हुआ है। अगर सत्ता पक्ष एकजुट रहा तो वापसी संभव है, अन्यथा नए चेहरे को मौका मिल सकता है।
हरियाणा: बीजेपी का दबदबा, पर क्या दोहराया जाएगा भरोसा?
हरियाणा में 9 अप्रैल 2026 को किरण चौधरी और राम चंदर जांगड़ा का कार्यकाल खत्म होगा। दोनों सीटें फिलहाल बीजेपी के पास हैं। पार्टी के भीतर संतुलन और आगामी विधानसभा रणनीति को देखते हुए यह तय होगा कि मौजूदा चेहरों पर फिर भरोसा जताया जाए या संगठन को साधने के लिए नया दांव खेला जाए।
भारत मंडपम में जुटे 100+ देशों के प्रतिनिधि, एआई पर वैश्विक मंथन शुरू
छत्तीसगढ़ और हिमाचल: सीधा मुकाबला
छत्तीसगढ़ में कवि तेजपाल सिंह ‘तुलसी’ और फूलो देवी नेताम का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। यहां एक-एक सीट बीजेपी और कांग्रेस के पास है, जिससे सीधा राजनीतिक मुकाबला देखने को मिल सकता है। हिमाचल प्रदेश में इंदु बाला गोस्वामी की सीट खाली हो रही है, जो फिलहाल बीजेपी के खाते में है।
राज्यसभा में दलगत तस्वीर
इन पांच राज्यों की 16 सीटों पर चुनाव का असर राज्यसभा के कुल दलगत संतुलन पर भी पड़ेगा। खासतौर पर महाराष्ट्र और बिहार के नतीजे राष्ट्रीय स्तर की राजनीति को प्रभावित कर सकते हैं।

























