Petrol-Diesel Price: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की बढ़ती कीमतों और पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में बिगड़ते सैन्य हालातों का असर अब भारतीय उपभोक्ताओं की जेब पर साफ़ दिखाई देने लगा है। देश की सरकारी तेल कंपनियों (OMCs) ने मंगलवार सुबह पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगभग 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी है। यह एक ही हफ्ते के भीतर ईंधन की कीमतों में हुई दूसरी बड़ी वृद्धि है, जिससे आम जनता को महंगाई का दोहरा झटका लगा है।
वैश्विक संकट का सीधा असर
बाजार विश्लेषकों और उद्योग जगत के सूत्रों की मानें, तो यह बढ़ोतरी वैश्विक स्तर पर जारी कूटनीतिक और सैन्य संकट का सीधा परिणाम है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते गतिरोध और ‘हॉर्मुज़ स्ट्रैट’ (Strait of Hormuz) मार्ग पर तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंका के चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रूड ऑयल की कीमतें $100 प्रति बैरल के पार बनी हुई हैं।
इसके चलते भारतीय रिफाइनिंग कंपनियों को भारी दैनिक घाटा उठाना पड़ रहा था। हालांकि बीते शुक्रवार (15 मई) को हुई करीब 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी से कंपनियों के घाटे में करीब 25 प्रतिशत की कमी आई थी, लेकिन लागत और बिक्री मूल्य के बीच के बड़े अंतर (अंडर-रिकवरी) को पाटने के लिए यह ताज़ा बढ़ोतरी की गई है। विशेषज्ञों की राय में, यदि वैश्विक संकट जल्द थमा नहीं, तो आने वाले दिनों में किश्तों में ऐसी और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
मेट्रो शहरों में नए रेट (लीटर प्रति)
तेल कंपनियों द्वारा जारी नए रेट्स के अनुसार, चारों महानगरों में कीमतें इस प्रकार रही हैं:
दिल्ली:
- पेट्रोल: 98.64 रुपये (+0.87 पैसे)
- डीज़ल: 91.58 रुपये (+0.91 पैसे)
मुंबई:
- पेट्रोल: 107.59 रुपये (+0.91 पैसे)
- डीज़ल: 94.08 रुपये (+0.94 पैसे)
कोलकाता:
- पेट्रोल: 109.70 रुपये (+0.96 पैसे) – *सबसे ज्यादा बढ़ोतरी*
- डीज़ल: 96.07 रुपये (+0.94 पैसे)
चेन्नई:

- पेट्रोल: 104.49 रुपये (+0.82 पैसे)
- डीज़ल: 96.11 रुपये (+0.86 पैसे)
महंगाई पर मंडराया खतरा
एक ही हफ्ते में ईंधन के दामों में कुल मिलाकर करीब 4 रुपये की इस संचयी बढ़ोतरी (Cumulative Hike) से माल ढुलाई और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र पर सबसे ज्यादा असर पड़ने की आशंका है। डीजल महंगा होने का सीधा मतलब है कि देश भर में आवश्यक वस्तुओं, सब्जियों, फलों और रोजमर्रा के सामानों के परिवहन की लागत बढ़ेगी। विश्लेषकों का अनुमान है कि इसका असर आने वाले हफ्तों में खुदरा महंगाई (Retail Inflation) के आंकड़ों में एक बार फिर बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है, जो आम आदमी के बजट को और बिगाड़ सकता है।





















