Noida News: ग्राम झटटा, सेक्टर 159 नोएडा स्थित श्री राधावल्लभ मंदिर में श्री श्री 1008 श्री किशोरी शरण जी महाराज बाबा सूरदास जी की कृपा से आयोजित श्रीमद् भागवत महापुराण कथा का सातवां दिन बेहद भव्य और भावनापूर्ण रहा। बृहस्पतिवार को कथा वाचक पं. श्री राकेश शास्त्री जी ने श्रीकृष्ण और सुदामा की अटूट मित्रता तथा राजा परीक्षित के मोक्ष का प्रसंग सुनाकर श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।
सुदामा चरित्र का वर्णन
कथा के दौरान पं. राकेश शास्त्री जी ने सुदामा जी के जीवन चरित्र पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि सुदामा जी जितेंद्रिय और भगवान कृष्ण के परम मित्र थे। हालांकि वे भिक्षा मांगकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे और गरीबी के बावजूद भी हमेशा भगवान के ध्यान में मग्न रहते थे। पत्नी सुशीला के बार-बार आग्रह करने पर जब सुदामा द्वारका पहुंचे, तो भगवान कृष्ण ने अपने मित्र के लिए जो प्रेम दिखाया, वह अद्भुत था।
कृष्ण का स्नेह और सुदामा की निस्वार्थ भक्ति
कथा में वर्णन हुआ कि जब द्वारपाल ने भगवान कृष्ण को सुदामा के आगमन की सूचना दी, तो कृष्ण यह सुनकर नंगे पैर दौड़कर आए और उन्हें गले से लगा लिया। सुदामा की दीन दशा देखकर कृष्ण के आंखों से अश्रुओं की धारा बह निकली। भगवान ने अपने मित्र को सिंहासन पर बैठाकर उनके चरण धोए और सभी पटरानियों ने सुदामा जी से आशीर्वाद लिया। जब सुदामा वापस लौटे, तो भगवान की कृपा से उनके घर में महल बन चुका था, लेकिन उन्होंने अपनी फूंस की कुटिया को ही अपना ठिकाना बनाया रखा और भगवान का सुमिरन किया। कथा वाचक ने कहा कि जब भी भक्तों पर विपदा आई है, प्रभु उन्हें तारने जरूर आए हैं।
परीक्षित मोक्ष और फूलों की होली
अगले प्रसंग में शुकदेव जी द्वारा राजा परीक्षित को सात दिन तक श्रीमद्भागवत कथा सुनाने का वर्णन किया गया, जिससे उनके मन से मृत्यु का भय समाप्त हो गया। तक्षक नाग द्वारा डसने के बाद भी कथा श्रवण के प्रभाव से राजा परीक्षित सीधे भगवान के परमधाम को पहुंच गए। इस मौके पर आज श्रीकृष्ण, रुक्मणी और सुदामा के साथ फूलों की होली भी खेली गई, जिसे देखकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए।
भंडारे का आयोजन
श्रीमद्भागवत कथा के सातवें दिन का भंडारा चौधरी बीर सिंह टाइगर (सुपुत्र स्व. बदले सिंह टाइगर) परिवार के सौजन्य से आयोजित किया गया। कार्यक्रम का समापन श्रीमद्भागवत भगवान की आरती और प्रसाद वितरण के साथ हुआ।
























