Indian stock market today: आज का दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए खास है, क्योंकि सावन के पहले सोमवार की शुरुआत ने बाजार में उमंग और उत्साह का संचार किया है। इस शुभ दिन पर, बाजार ने शानदार प्रदर्शन किया है, जिससे निवेशकों की खुशी दोगुनी हो गई है। बीएसई का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स ने 788 अंकों की जबरदस्त छलांग लगाई है, और यह 78,883 के स्तर पर खुला है। इसी तरह, एनएसई का 50 शेयरों वाला सूचकांक, निफ्टी, 189 अंकों की बढ़त के साथ 24,572 के स्तर से कारोबार की शुरुआत कर रहा है। इस तेजी का कारण बाजार के उत्साह और वैश्विक संकेतकों में सकारात्मकता है।
बाजार की शुरुआत और निवेशकों की रौनक
शुरुआत के साथ ही, बाजार ने निवेशकों को करीब 4 लाख करोड़ रुपये का फायदाअर्पित किया है। शुक्रवार को भी, सेंसेक्स और निफ्टी ने लगातार तीसरे सत्र में बढ़त दर्ज की थी। सेंसेक्स 166 अंक या 0.21% की बढ़त के साथ 78,094 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 66 अंक या 0.27% की बढ़त के साथ 24,384 के पास पहुंच गया। यह लगातार तीन दिनों की मजबूती दर्शाता है कि निवेशक बाजार में विश्वास बनाए हुए हैं।
वैश्विक संकेतक और एशियाई बाजार की स्थिति
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, सोमवार को अधिकांश एशियाई बाजार गिरावट के साथ खुले। जापान का निक्केई 225 सूचकांक 1.43% गिरा, वहीं व्यापक टॉपिक्स 1.45% नीचे चला गया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक 4.57% गिरावट के साथ खुला है। ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 भी 0.36% नीचे कारोबार कर रहा है। इन गिरावटों के बावजूद, भारतीय बाजार ने अपनी तेजी को कायम रखा है, जो वैश्विक बाजारों के बीच एक सकारात्मक संकेत है।
वहीं, गिफ्ट निफ्टी भी 24,580 के आसपास कारोबार कर रहा है, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद भाव से लगभग 200 अंकों का प्रीमियम दर्शाता है। यह तेजी के संकेतकों में से एक है, जो बताता है कि बाजार अधिक सकारात्मक स्थिति में है।
वॉल स्ट्रीट का प्रदर्शन और अमेरिकी बाजार
अमेरिका में, वॉल स्ट्रीट ने पिछले सप्ताह सकारात्मक शुरुआत की है। अमेरिकी शेयर फ्यूचर्स ने रविवार को ऊंचे स्तर पर कारोबार किया। डॉउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज के फ्यूचर्स लगभग 200 अंक या 0.4% की वृद्धि के साथ ट्रेड कर रहे हैं। इसी तरह, एसएंडपी 500 फ्यूचर्स में 0.5% की बढ़त देखी गई है। नैस्डैक-100 फ्यूचर्स भी 0.8% की मजबूती के साथ कारोबार कर रहे हैं।

गौरतलब है कि शुक्रवार को वॉल स्ट्रीट के प्रमुख सूचकांकों ने अच्छा प्रदर्शन किया। डॉउ जोन्स 276.97 अंक या 0.53% बढ़कर 52,485.03 पर बंद हुआ। एसएंडपी 500 0.7% बढ़कर 7,489.72 पर पहुंच गया, जबकि नैस्डैक कंपोजिट 1% की बढ़त के साथ 25,373.85 पर बंद हुआ। इन आंकड़ों से पता चलता है कि अमेरिकी बाजार में निवेशकों का भरोसा मजबूत है, जो भारतीय बाजार के लिए भी एक सकारात्मक संकेत है।
कच्चे तेल की कीमतें और वैश्विक ऊर्जा बाजार
तेल की कीमतें भी इस सप्ताह महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। अक्टूबर डिलीवरी के लिए ब्रेंट क्रूड की कीमतें जुलाई में लगभग 25% बढ़ने के बाद, शुरुआती एशियाई ट्रेड में 7.3% तक गिर गई हैं। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड का मूल्य 81 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया है। ऊर्जा बाजार में इन उतार-चढ़ाव का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और मुद्रास्फीति पर भी पड़ रहा है, जो केंद्रीय बैंकों की नीतियों को प्रभावित कर सकता है।
भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति
भारतीय अर्थव्यवस्था के लिहाज से, आज से शुरू हो रही भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की तीन दिवसीय मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक विशेष महत्व रखती है। इसमें गवर्नर संजय मल्होत्रा 5 अगस्त को अपनी नीति की घोषणा करेंगे। अधिकांश अर्थशास्त्री मानते हैं कि RBI मौजूदा बेंचमार्क रेपो रेट 5.25% पर स्थिर रखेगा। यदि ऐसा होता है, तो इससे बाजार को स्थिरता और निवेशकों को आश्वासन मिलेगा, जो बाजार में तेजी बनाए रखने में मदद कर सकता है।
अमेरिका-ईरान शांति वार्ता और दक्षिणी एशिया के हालात
अमेरिका-ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता भी बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को एयर फोर्स वन में बयान दिया कि पश्चिम एशिया के प्रमुख सहयोगियों के आग्रह पर अमेरिकी सैन्य कदम वापस ले लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने के प्रयासों के बीच, कूटनीतिक समाधान का मार्ग अपनाया जा रहा है। यह खबर भी वैश्विक स्तर पर शांति और स्थिरता का संकेत है, जो निवेशकों के भरोसे को बढ़ावा दे रही है।























