Stock Market Today: भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार को कारोबार की शुरुआत जबरदस्त गिरावट के साथ की है। वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की आग में घरेलू बाजारों ने कोई सहारा नहीं पाया। शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स और निफ्टी ने बड़ा गोता लगाया है।
बाजार का हाल (सुबह 9:20 बजे तक)
बीएसई का 30 शेयरों वाला प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 922 अंकों की भारी गिरावट के साथ 76,573 के स्तर पर आ गया है। वहीं, एनएसई का 50 शेयरों वाला बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 302 अंकों की गिरावट के साथ 23,875 के लेवल पर दिख रहा है। बाजार का मिजाज पूरी तरह से नकारात्मक बना हुआ है। एनएसई पर केवल 639 शेयरों में ही हरे निशान की बढ़त देखने को मिली, जबकि 1986 शेयर लाल निशान (गिरावट) के साथ दबाव में हैं।

क्यों लगा बाजार को झटका?
शेयर बाजार में आई इस कोहराम के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़ी वजहें हैं:
- अमेरिका-ईरान तनाव:भू-राजनीतिक मोर्चे पर तनाव चरम पर है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान को लेकर सख्त रुख और परमाणु समझौते तक दबाव बनाए रखने के संकेतों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। होर्मुज जलडमरू में जारी गतिरोध से वैश्विक ऊर्जा संकट गहरा गया है।
- कच्चे तेल में आग:ईरान तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है। ब्रेंट क्रूड 120 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है, जबकि WTI क्रूड भी 107 डॉलर के करीब है। भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए यह खबर सबसे बुरी है, क्योंकि इससे महंगाई बढ़ने और कंपनियों के मार्जिन पर दबाव आने का खतरा है।
- फेड का सख्त रुख: अमेरिकी केंद्रीय बैंक (फेडरल रिजर्व) ने ब्याज दरों को 3.5%-3.75% पर बरकरार रखा है, लेकिन फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने महंगाई को लेकर ‘हॉकिश’ (सख्त) रुख अपनाया है। पॉवेल ने चेतावनी दी है कि ऊंची ऊर्जा कीमतें महंगाई को और बढ़ा सकती हैं।
ग्लोबल और घरेलू संकेत कमजोर
- एशियाई बाजार: एशियाई बाजारों में भी भारी गिरावट दर्ज की गई। जापान का निक्केई 225 और टॉपिक्स क्रमशः 1.10% और 1.48% लुढ़क गए। दक्षिण कोरिया का कोस्पी मामूली बढ़त में रहा, लेकिन कोस्डैक 0.25% गिरा। हांगकांग के हैंग सेंग इंडेक्स फ्यूचर्स ने भी कमजोर खुलने का संकेत दिया।
- वॉल स्ट्रीट: अमेरिकी बाजारों में पिछले सत्र मिला-जुला रुख रहा। डॉव जोन्स 280 अंक गिरकर 48,861 पर बंद हुआ, हालांकि नैस्डैक में मामूली बढ़त देखने को मिली।
- रुपया और गिफ्ट निफ्टी: डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 0.2% की गिरावट के साथ 95.02 के स्तर पर खुला। प्री-ओपन सेशन में गिफ्ट निफ्टी 67 अंकों की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था, जिसने पहले से ही बाजार की कमजोर शुरुआत के संकेत दे दिए थे।
एक्सपर्ट्स का अनुमान: अब क्या करें निवेशक?
जानकारों का मानना है कि बाजार में तेजी के लिए कुछ अहम लेवल्स को पार करना जरूरी है:
- निफ्टी का सपोर्ट और रेजिस्टेंस: एचडीएफसी सिक्योरिटीज के नागराज शेट्टी के अनुसार, निफ्टी का तत्काल सपोर्ट 24,000 के आसपास है। मार्केट एनालिस्ट मयंक जैन के अनुसार, 24,000 अब एक प्रमुख आधार बन चुका है। अगर यह टूटता है, तो अगला बड़ा सपोर्ट 23,750 पर है। ऊपर की तरफ 24,400-24,500 के बीच सख्त सप्लाई जोन (रुकावट) है। 24,800 के लक्ष्य तक जाने के लिए इस स्तर से ऊपर बंद होना बहुत जरूरी है।
- सेंसेक्स का आउटलुक: कोटक सिक्योरिटीज के श्रीकांत चौहान ने बताया कि सेंसेक्स को 77,800 (50-दिवसीय SMA) को पार करना होगा, तभी यह 78,100 और 78,500-78,700 के स्तर तक जा सकता है। लेकिन अगर सेंसेक्स 77,200 से नीचे आता है, तो बाजार में और गिरावट आ सकती है और यह 76,500-76,300 के रेंज में फिसल सकता है।



















