Bihar News: बिहार के मधुबनी जिले से एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है। जिले के बिस्फी प्रखंड अंतर्गत पतौना थाना क्षेत्र के खेरवार गांव में बुधवार को एक दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के पांच मासूम बच्चों की डूबने से मौत हो गई। यह घटना उस समय हुई जब बच्चे गांव के पास स्थित पानी से भरे एक गहरे गड्ढे में नहाने गए थे। हादसे के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
Bihar News: पानी भरे गड्ढे में नहाने गए थे बच्चे
जानकारी के अनुसार, खेरवार गांव के पास खेतों के बीच जेसीबी मशीन से मिट्टी कटाई के दौरान एक बड़ा और गहरा गड्ढा बना हुआ था। हाल की बारिश के कारण यह गड्ढा पूरी तरह पानी से भर गया था। बुधवार दोपहर गांव के कुछ बच्चे वहां नहाने और खेलने के लिए पहुंचे थे। खेल-खेल में बच्चे गहरे पानी की ओर चले गए, जहां उन्हें गहराई का अंदाजा नहीं लग पाया।
ग्रामीणों के मुताबिक, देखते ही देखते बच्चे पानी में डूबने लगे। शुरुआत में किसी को घटना की गंभीरता का अंदाजा नहीं हुआ, लेकिन जब बच्चों की चीख-पुकार सुनाई दी तो आसपास मौजूद लोग मौके की ओर दौड़े। ग्रामीणों ने तत्काल बचाव अभियान शुरू किया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
Bihar News: बचाव की कोशिशें नाकाम, पांचों बच्चों की गई जान
स्थानीय लोगों ने काफी मशक्कत के बाद बच्चों को पानी से बाहर निकाला। गंभीर हालत में सभी बच्चों को तत्काल नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) ले जाया गया। हालांकि, अस्पताल पहुंचने से पहले ही बच्चों की सांसें थम चुकी थीं। डॉक्टरों ने जांच के बाद पांचों बच्चों को मृत घोषित कर दिया।
इस हादसे में जान गंवाने वाले सभी बच्चे एक ही परिवार के बताए जा रहे हैं। मृतकों में तीन लड़कियां और दो लड़के शामिल हैं। एक साथ परिवार के पांच बच्चों की मौत की खबर सुनते ही परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। अस्पताल परिसर में चीख-पुकार और मातम का माहौल देखने को मिला।
Bihar News: पूरे गांव में शोक की लहर
घटना की सूचना फैलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण पीड़ित परिवार के घर पहुंचने लगे। हर किसी की आंखें नम थीं और लोग इस दर्दनाक हादसे को लेकर स्तब्ध नजर आए। गांव के बुजुर्गों का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन में ऐसा भयावह हादसा पहले कभी नहीं देखा।
ग्रामीणों ने बताया कि जिस गड्ढे में बच्चे डूबे, वह लंबे समय से खुला पड़ा हुआ था। बारिश के बाद उसमें काफी मात्रा में पानी भर गया था, लेकिन वहां किसी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी। न तो कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया था और न ही गड्ढे को घेरने की व्यवस्था की गई थी।
Bihar News: प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची
हादसे की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और ग्रामीणों से घटना की जानकारी ली। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मधुबनी सदर अस्पताल भेज दिया है।
प्रशासन की ओर से पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। यह पता लगाया जा रहा है कि गड्ढा किस उद्देश्य से खोदा गया था और वहां सुरक्षा मानकों का पालन क्यों नहीं किया गया। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
Bihar News: सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि जेसीबी से खोदे गए गहरे गड्ढों को खुला छोड़ दिया जाता है, जिससे आए दिन दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते गड्ढे के आसपास सुरक्षा घेरा या चेतावनी संकेत लगाए गए होते, तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे सभी खतरनाक स्थानों की पहचान कर वहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
Bihar News: मासूम जिंदगियों के चले जाने से टूटा परिवार
एक ही परिवार के पांच बच्चों की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। जिन घरों में बच्चों की किलकारियां गूंजती थीं, वहां अब सन्नाटा पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव के लोग उन्हें ढांढस बंधाने में जुटे हैं।
यह दर्दनाक घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि खुले और असुरक्षित जलस्रोत बच्चों के लिए कितने खतरनाक साबित हो सकते हैं। प्रशासन और समाज दोनों की जिम्मेदारी है कि ऐसे स्थानों पर समय रहते सुरक्षा के उपाय किए जाएं, ताकि भविष्य में किसी परिवार को इस तरह का असहनीय दुख न झेलना पड़े।























