बिहार के सुपौल जिले से एक हृदयविदारक और दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है, जिसने एक धार्मिक आयोजन की खुशियों को कुछ ही पलों में मातम में बदल दिया। मंगलवार की देर रात पिपरा थाना क्षेत्र अंतर्गत कटैया चौक के समीप एक भयानक दुर्घटना हुई। यहां झूलन समारोह के दौरान चल रहे कीर्तन में शामिल भक्तों पर एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार कार ने सीधा टक्कर मार दिया। इस विनाशकारी हादसे में 4 लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 2 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
राष्ट्रीय राजमार्ग पर कीर्तन के बीच मचा कोहराम
प्राप्त जानकारी और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, घटना राष्ट्रीय राजमार्ग 327E (NH 327E) के किनारे स्थित बजरंगबली मंदिर के नजदीक की है। मंदिर परिसर में ‘झूलन’ के त्योहार को लेकर एक भव्य कीर्तन का आयोजन किया गया था। इस धार्मिक अनुष्ठान में कटैया और आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटे हुए थे। लोग भगवान के भजन गुनगुना रहे थे और धार्मिक रौनक अपने चरम पर थी।
तभी अचानक पिपरा की तरफ से सुपौल की ओर जा रही एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सीधा कीर्तन स्थल में घुस गई। गाड़ी की रफ्तार इतनी तेज थी कि भीड़ में शामिल लोगों को समझने का मौका ही नहीं मिला। कार ने 6 लोगों को अपनी चपेट में ले लिया।
मौके पर 4 श्रद्धालुओं की गई जान
हादसा इतना भयंकर था कि कार की टक्कर से मौके पर ही 4 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। सड़क पर खून की नदियां बह गईं और चीख-पुकार मच गई। मृतकों की पहचान कटैया इलाके के निवासियों के रूप में हुई है। ये सभी लोग वार्ड 11, 12 और 15 में रहते थे भुवनेश्वर यादव (निवासी- वार्ड 11), तीलाय दास (65 वर्ष, निवासी- वार्ड 12), राजो दास (40 वर्ष, निवासी- वार्ड 12), सुरेन यादव (35 वर्ष, निवासी- वार्ड 15)।
वहीं, इस दुर्घटना में घायल हुए दो लोगों की पहचान कुशेश्वर यादव और रामचंद्र यादव (दोनों वार्ड 11 निवासी) के रूप में हुई है। दोनों की हालत बेहद नाजुक और गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें तत्काल इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
ट्रैफिक जाम और अफरा-तफरी का माहौल
सड़क हादसे के तुरंत बाद आसपास के लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। गुस्साई भीड़ ने राष्ट्रीय राजमार्ग को पूरी तरह से जाम कर दिया। देखते ही देखते एनएच 327ई पर कई किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। वाहन चालक सड़क पर फंसे रहे। स्थानीय लोगों ने घायलों को इलाज के लिए निजी वाहनों से अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की। सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और भारी मशक्कत के बाद भीड़ को शांत कराया। पुलिस ने शव वाहन को बुलाकर चारों शवों को सदर अस्पताल, सुपौल भेजवाया, जहां उनका पोस्टमार्टम किया जा रहा है।
आक्रोशित भीड़ ने कार चालक को बनाया बंधक
इस पूरे मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू तब सामने आया, जब आक्रोशित भीड़ ने कार चालक को लिंचिंग से बचाते हुए उसे पकड़ लिया। लेकिन, पुलिस के हवाले करने के बजाय लोगों ने उसे हादसे में जान गंवाने वाले राजो दास के घर में बंद कर दिया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कार चालक सुपौल शहर का ही निवासी है। हादसे के समय वह अपनी पत्नी और दो छोटे बच्चों के साथ कार में सवार था। शराब के नशे में होने की आशंका भी लोगों द्वारा जताई जा रही है, हालांकि यह अभी आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हो सकी है। जब पुलिस मौके पर पहुंची और कार चालक को गिरफ्तार करने के लिए राजो दास के घर के अंदर गई, तो भीड़ इतनी उग्र हो गई कि पुलिस को वापस खीसकना पड़ा। भीड़ ने साफ कह दिया कि जब तक परिवार वाले नहीं आएंगे और कार में बैठे बच्चों और महिला को सुरक्षित नहीं निकाल लिया जाता, तब तक चालक को नहीं छोड़ा जाएगा।
पुलिस प्रशासन की कार्रवाई
पिपरा थानाध्यक्ष (SHO) किशोर कुमार ने मीडिया को बताया कि प्रारंभिक जांच में स्पष्ट है कि लापरवाही और अत्यधिक तेज रफ्तार के कारण यह हादसा हुआ है। पुलिस ने मौके से कार को कब्जे में ले लिया है और भीड़ को शांत कराने के लिए उच्च अधिकारियों से बात की जा रही है।
यह घटना एक बार फिर बिहार में राष्ट्रीय राजमार्गों पर बेलगाम वाहनों और यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले चालकों की कहर को दर्शाती है। त्योहारों और धार्मिक आयोजनों के दौरान राजमार्गों के किनारे भीड़ इकट्ठी होती है, ऐसे में प्रशासन और यातायात पुलिस को स्पीड ब्रेकर लगाने और सख्त निगरानी करने की आवश्यकता है, ताकि कटैया चौक जैसी त्रासदी दोबारा न दोहराई जा सके। पुलिस मामले की आगे जांच में जुटी हुई है और भीड़ को शांत कराकर आरोपी को गिरफ्तार किया जाएगा।


























