Noida News: अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस (Labour Day) के मद्देनजर नोएडा और ग्रेटर नोएडा पुलिस पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। पिछले दिनों हुए श्रमिक आंदोलनों और उपद्रव को देखते हुए इस बार पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े और व्यापक इंतजाम किए हैं। शुक्रवार को पूरे जिले में ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए हाई-टेक निगरानी की जा रही है।
11 जोन और 49 सेक्टरों में विभाजित किया गया कमिश्नरेट
शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस कमिश्नरेट ने पूरे जिले को 11 जोन और 49 सेक्टरों में बांट दिया है। नोएडा, सेंट्रल नोएडा और ग्रेटर नोएडा जोन के लिए अलग-अलग टीमें तैनात की गई हैं, जिनकी मॉनिटरिंग ज्वाइंट सीपी और डीसीपी लेवल पर की जा रही है।
भारी पुलिस बल और PAC तैनात
सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए इस बार भारी बल का इस्तेमाल किया गया है। कुल 6 एसपी, 14 एएसपी, 30 डीएसपी सहित करीब 1800 से अधिक अतिरिक्त पुलिसकर्मी और 10 कंपनी पीएसी (PAC) को ड्यूटी पर लगाया गया है। वहीं, जिन इलाकों में पहले उपद्रव देखने को मिला था, वहां पीएसी के जवानों के साथ अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
50 से अधिक जगहों पर ड्रोन से निगरानी
तकनीक का भरपूर इस्तेमाल किया जा रहा है। 50 से अधिक संवेदनशील और अति-संवेदनशील स्थानों पर ड्रोन कैमरों से एयरियल निगरानी की जा रही है। साथ ही, सीसीटीवी नेटवर्क के जरिए हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। औद्योगिक क्षेत्रों की महत्वपूर्ण कंपनियों को विशेष रूप से सर्विलांस पर रखा गया है।
उपद्रवियों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई
मीडिया से बातचीत में डीसीपी नोएडा साद मियां खान ने बताया कि उपद्रव और अशांति फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अभी तक किसी भी स्थान पर कोई अशांति नहीं पाई गई है। जहां पहले उपद्रव हुए थे, वहां ड्रोन और सीसीटीवी की मदद ली गई है। सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में भ्रमणशील हैं।” उन्होंने बताया कि पुलिस कमिश्नर स्वयं तीनों जोन में भ्रमण कर स्थिति का जायजा ले रहे हैं।
लगाई गई धारा 163 (पूर्व में धारा 144)
बता दें कि पिछले श्रमिक आंदोलन के दौरान हिंसा के मद्देनजर इस बार पुलिस कमिश्नर के आदेश पर बीएनएस (BNS) की धारा 163 (पूर्व में धारा 144) लागू कर दी गई है।
श्रमिकों ने खुशी-खुशी मनाया श्रमिक दिवस
सुरक्षा के इन कड़े इंतजामों के बीच नोएडा के कई हिस्सों में श्रमिकों ने श्रमिक दिवस कार्यक्रमों का आयोजन किया। कार्यक्रमों के दौरान श्रमिकों में खासा उत्साह देखने को मिला। प्रशासन की पूरी कोशिश रही कि उत्सव के दौरान कानून व्यवस्था में कोई खलल न पड़े और श्रमिक दिवस शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न हो।























