Calcium Rich Vegetarian Foods For Daily Diet: बचपन से हमें सुनने की आदत पड़ी है कि अगर आपको मजबूत हड्डियां और चमकदार दांत चाहिए, तो रोज दूध पीना बहुत जरूरी है। बिल्कुल सच है कि कैल्शियम एक ऐसा महत्वपूर्ण खनिज (मिनरल) है, जो हमारे कंकाल तंत्र को मजबूती देता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कैल्शियम का काम सिर्फ हड्डियों तक सीमित नहीं है? यह हमारी मांसपेशियों को सिकोड़ने और ढीलने, नसों के जरिए संदेशों को दिमाग तक पहुंचाने और दिल की धड़कन को नियमित बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाता है। आइए, इस खबर को विस्तार से समझते हैं और जानिए इस मुद्दे के विभिन्न पहलुओं को।
दुनिया भर में लाखों लोग दूध पीना नहीं पसंद
बता दें कि जो कि दुनिया भर में लाखों लोग ऐसे हैं जिन्हें दूध पीना पसंद नहीं है या फिर उन्हें ‘लैक्टोज इंटॉलरेंस’ की समस्या है, जिसमें उनका पेट दूध पचा नहीं पाता। ऐसे में लोगों के मन में डर घर कर जाता है कि बिना दूध के उनके शरीर में कैल्शियम की कमी हो जाएगी। अगर आप भी उनमें से एक हैं, तो खुश हो जाइए, क्योंकि प्रकृति ने कैल्शियम के ढेरों ऐसे विकल्प दिए हैं, जो आपकी रसोई में पहले से मौजूद हैं।
पनीर कैल्शियम का एक बेहद सॉलिड खजाना
बता दें कि दूध से बनने वाला पनीर अगर आप खा सकते हैं, तो यह सबसे बढ़िया विकल्प है। एक मुट्ठी भर पनीर में आपको काफी मात्रा में कैल्शियम और प्रोटीन मिल जाता है। सबसे बड़ी बात यह है कि पनीर में लैक्टोज की मात्रा दूध की तुलना में बहुत कम होती है, इसलिए इसे पचाना आसान रहता है। आप इसे सलाद में कटोरे के रूप में, सब्जियों के साथ भूनकर या फिर सैंडविच में भरकर खा सकते हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स हमेशा तले हुए पनीर से दूर रहने की सलाह देते हैं, क्योंकि तलने से इसके पोषण मूल्य नष्ट हो जाते हैं और यह बेहद भारी हो जाता है।
दही, छाछ और लस्सी पाचन के साथ कैल्शियम का डबल डोज
देखे तो आपको सादा दूध पीने का स्वाद बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगता, तो इसे फर्मेंट (किण्वित) कर लीजिए। दही बनने की प्रक्रिया में दूध के प्रोटीन टूट जाते हैं, जिससे यह पहले से कहीं ज्यादा पचने लायक हो जाता है। दही में कैल्शियम के साथ-साथ अच्छे बैक्टीरिया (प्रोबायोटिक्स) होते हैं जो आंतों की सेहत को दुरुस्त रखते हैं। गर्मियों में छाछ और लस्सी न सिर्फ शरीर को हाइड्रेट रखती हैं, बल्कि इनमें मौजूद कैल्शियम भी आसानी से शरीर में अवशोषित हो जाता है। बस ध्यान रहे कि बाजार की नहीं, बल्कि घर की दही और छाछ का ही सेवन करें।
स्वादिष्ट खीर और सेवइयां: मीठे के शौकीनों के लिए वरदान
बता दें कि अक्सर लोग सोचते हैं कि मीठी चीजें सेहत के लिए नुकसानदेय होती हैं, लेकिन अगर आप घर पर दूध से बनी खीर या सेवइयां बनाते हैं, तो यह कैल्शियम का एक मजेदार स्रोत बन जाती हैं। दूध को अगर आप सीधे नहीं पी सकते, तो इसे मिठाई का रूप देकर खा सकते हैं। हालांकि, स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए इसमें चीनी का इस्तेमाल कम से कम करें। इसकी जगह आप गुड़ या खजूर का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो खीर को और भी पौष्टिक बना देता है।
होममेड मिल्कशेक्स: ऊर्जा और ताकत का डबल पैकेज
दूध की बदबू या स्वाद आपको परेशान करता है? तो इसे छिपा दीजिए केले, स्ट्रॉबेरी, चेरी या फिर भुने हुए बादाम और खजूर के साथ। घर पर बना हुआ मिल्कशेक बाजार में मिलने वाले केमिकल युक्त शेक्स से कोई तुलना नहीं रखता। इस तरह आप दूध का सेवन बिना उसके स्वाद को अनुभव किए कर सकते हैं। फ्रूट्स और ड्राई फ्रूट्स मिलने से इसमें फाइबर, विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट्स की भरमार हो जाती है, जो शरीर को तुरंत एनर्जी देते हैं।
हरी पत्तेदार सब्जियां: वेज कैल्शियम का असली राज
अगर आप वेजिटेरियन हैं और डेयरी प्रोडक्ट्स से भी दूर रहना चाहते हैं, तो पालक, ब्रोकली, मेथी और सरसों के पत्ते आपके लिए वरदान साबित हो सकते हैं। ये सब्जियां सिर्फ कैल्शियम ही नहीं, बल्कि आयरन, विटामिन K और फाइबर से भरपूर होती हैं। विटामिन K कैल्शियम को हड्डियों तक पहुंचाने में मदद करता है। आप पालक का पराठा, पालक-पनीर की सब्जी, या ब्रोकली का सूप बनाकर इन्हें अपनी डेली डाइट में शामिल कर सकते हैं।
सफेद तिल और बादाम: छोटे दाने, बेहद बड़ा कमाल
ड्राई फ्रूट्स और सीड्स कैल्शियम के ऐसे पावरहाउस हैं, जिन्हें हम अक्सर अनदेखा कर देते हैं। सफेद तिल में डेयरी प्रोडक्ट्स से भी ज्यादा कैल्शियम होता है। सर्दियों में बनने वाले तिल के लड्डू, तिल की चटनी, या सब्जियों पर बुरका हुआ तिल शरीर को भरपूर कैल्शियम देता है। वहीं, रात को पानी में भिगोए हुए 4-5 बादाम सुबह खाली पेट खाने से न सिर्फ कैल्शियम, बल्कि ओमेगा-3 फैटी एसिड और विटामिन E भी मिलता है, जो दिमाग और त्वचा दोनों के लिए फायदेमंद है।
अनाजों में कैल्शियम का बादशाह
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में हमने मोटे अनाजों को भूल दिया है, जबकि रागी कैल्शियम का ऐसा स्रोत है जो दूध से भी कम नहीं है। रागी का आटा, रागी की रोटी, या रागी से बना ढोसा खाना आपके हड्डियों को अंदर से मजबूत बनाता है। यह वजन घटाने और डायबिटीज के मरीजों के लिए भी बेहद लाभदायक है।
टोफू (सोया पनीर) प्लांट बेस्ड हेल्थ का तोहफा
अगर आप बिल्कुल नॉन-वेज और डेयरी-फ्री डाइट लेते हैं, तो टोफू आपके लिए सबसे बेहतरीन विकल्प है। सोया दूध से बनने वाला टोफू नॉन-डेयरी कैल्शियम का एक बहुत बड़ा स्रोत है। इसका स्वाद बिल्कुल पनीर जैसा होता है और इसे आप सब्जी, नूडल्स, सूप या स्टिर-फ्राई में बहुत आसानी से इस्तेमाल कर सकते हैं।
एक बेहद जरूरी सलाह
कैल्शियम युक्त चीजों का सेवन करना ही काफी नहीं है। सबसे जरूरी बात यह है कि वह कैल्शियम आपके शरीर में अवशोषित (Absorb) भी हो। कैल्शियम के अवशोषण के लिए शरीर में विटामिन D की पर्याप्त मात्रा होना बहुत आवश्यक है। इसलिए, सुबह की हल्की धूप में 15-20 मिनट बैठना न भूलें। साथ ही, अत्यधिक नमक और ज्यादा चाय/कॉफी का सेवन शरीर से कैल्शियम को धीरे-धीरे निकाल देता है, इसलिए इनका सेवन सीमित मात्रा में ही करें।

























