Ghaziabad News: गाजियाबाद जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे सुनकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। आमतौर पर ससुराल पक्ष को अपना माना जाता है, लेकिन लोनी क्षेत्र में एक जीजा ने अपने ही साले को खत्म करने की दरियादिली दिखाई। मामला न्यू विकास नगर इलाके का है, जहां पारिवारिक कलह और बदले की भावना ने इतनी भयावह रूप ले लिया कि एक शख्स ने अपने साथी के साथ मिलकर साले पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। हालांकि, किस्मत के सहारे साले की जान बाल-बाल बच गई।
एफआईआर दर्ज होते ही पुलिस हुई एक्टिव
इस पूरे प्रकरण की शुरुआत 4 जुलाई 2026 को हुई, जब एक स्थानीय महिला ने थाना लोनी में पहुंचकर दहशत का माहौल बताते हुए एक लिखित तहरीर दी। महिला का आरोप था कि उसके बेटे तुषार के घर के बाहर दो अज्ञात बाइक सवार युवक आए थे और बिना किसी चेतावनी के उस पर गोली चला दी। इस खबर ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी।
लोनी पुलिस के अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को भांपते हुए त्वरित कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस टीम ने तत्काल आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए और स्थानीय इंटेलिजेंस (मुखबिर) नेटवर्क को एक्टिव कर दिया। पुलिस की इसी सक्रियता रंग लाई और घटना के मात्र 24 घंटे के भीतर ही पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
जीजा और उसका दोस्त निकला मास्टरमाइंड
जब पुलिस ने आरोपियों की पहचान कराई, तो सबके होश उड़ गए। गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी कोई बाहर का आतंकी या गैंगस्टर नहीं, बल्कि पीड़ित तुषार का अपना जीजा विवेक था। उसके साथ उसका दोस्त नवनीत भी पुलिस की गिरफ्त में आया। दोनों को थाना लोनी पुलिस टीम ने मुखबिर की सटीक सूचना के आधार पर एक छापेमारी के दौरान दबोचा।
हत्या की साजिश के पीछे की वजह क्या थी?
एसीपी लोनी सिद्धार्थ गौतम के अनुसार, जब पुलिस ने आरोपी विवेक से कड़ाई से पूछताछ की, तो सामने आया कि इस पूरी साजिश की जड़ एक घरेलू विवाद थी। विवेक का उसकी पत्नी के साथ लंबे समय से तनातनी चल रही थी। इसी बीच, पत्नी के पक्ष में उसका भाई यानी तुषार आ गया और जीजा और साले के बीच जमकर कहासुनी हुई।

इस रोष और अपमान की भावना ने विवेक को इतना बदल दिया कि उसने साले को रास्ते से हटाने का फैसला ले लिया। उसने अपने करीबी दोस्त नवनीत को इस बात का भेंट भाव बताया और दोनों ने मिलकर न्यू विकास नगर स्थित ससुराल जाकर तुषार की हत्या का प्लान तैयार किया। रात के अंधेरे का फायदा उठाकर दोनों बाइक पर सवार होकर मौके पर पहुंचे और फायरिंग करके फरार हो गए।
जेल से निकली थी सप्लाई की कड़ी
इस मामले की सबसे चौंकाने वाली परत तब सामने आई जब पुलिस ने हथियार की सप्लाई को लेकर नवनीत से पूछताछ की। पता चला कि नवनीत कोई आम युवक नहीं बल्कि एक हार्डकोर क्रिमिनल है। वर्ष 2021 में नवनीत मेरठ के थाना जानी क्षेत्र में हुए एक हत्याकांड में शामिल होने के कारण जेल गया था।
जेल की चारदीवारी के अंदर उसकी मुलाकात एक अन्य बदमाश नावेद से हुई। जेल से छूटने के बाद भी दोनों के बीच संपर्क बना रहा। जब विवेक ने नवनीत से हत्या के लिए अवैध हथियार का इंतजाम करने को कहा, तो नवनीत ने अपने जेल के दोस्त नावेद का रास्ता अपनाया। नावेद के जरिए ही यह अवैध पिस्तौल और कारतूस गिरफ्तार आरोपियों तक पहुंचे।

पुलिस ने की सराहनीय कार्रवाई
एसीपी सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि गिरफ्तार किए गए दोनों दोषियों के कब्जे से वह अवैध पिस्तौल और जिन लाइव कारतूसों से तुषार पर फायरिंग की गई थी, वे सफलतापूर्वक बरामद कर लिए गए हैं।
वर्तमान में थाना लोनी में दोनों आरोपियों—विवेक और नवनीत के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) में हत्या के प्रयास की धाराओं के साथ-साथ आर्म्स एक्ट के तहत कड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज करके अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस हथियारों की सप्लाई करने वाले नावेद की तलाश में भी जुट गई है, जिससे इस अवैध हथियारों के रैकेट को पूरी तरह से नेस्तनाबूद किया जा सके।






















