Calcium Rich Foods: बचपन से हमें सुना आ रहा है कि अगर आपको मजबूत हड्डियां और चमकदार दांत चाहिए, तो रोज दूध पीना बहुत जरूरी है। बेशक, दूध को एक ‘कंप्लीट फूड’ माना जाता है, लेकिन क्या आपने कभी ये सोचा है कि वो लोग क्या करें जो दूध पीना पसंद नहीं करते? या फिर जिन्हें लैक्टोस इंटॉलरेंस (Lactose Intolerance) की समस्या है? क्या उनकी हड्डियां कमजोर होने के लिए बधाई दी जाए?
बिल्कुल नहीं! भारतीय खानपान इतना विविध और समृद्ध है कि यहां दूध से कहीं ज्यादा कैल्शियम (Calcium) देने वाले कई ऐसे ‘देसी फूड्स’ मौजूद हैं, जो आपके शरीर को पूरा पोषण देते हैं। आइए जानते हैं उन 7 अनोखे भारतीय खाद्य पदार्थों के बारे में, जो दूध की बराबरी नहीं, बल्कि उससे कई गुना ज्यादा कैल्शियम से भरपूर हैं।
1. तिल – कैल्शियम का असली खजाना
जब भी कैल्शियम की बात होती है, तो तिल का नाम सबसे ऊपर आता है। 100 ग्राम तिल में लगभग 975 मिलीग्राम कैल्शियम होता है, जो दूध से कई गुना ज्यादा है। सर्दियों में बनने वाले तिल के लड्डू केवल स्वाद के लिए नहीं, बल्कि सेहत के लिए एक वरदान हैं। आप चाहे तो सफेद या काले तिल को रोटी के आटे में मिलाकर, सलाद पर बुरककर या फिर चटनी के रूप में अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। इसमें मौजूद मैग्नीशियम कैल्शियम के अवशोषण को और बेहतर बनाता है।
2. रागी – हड्डियों का पावरहाउस
आजकल ग्लूटेन-फ्री डाइट का ट्रेंड बहुत तेजी से बढ़ रहा है और रागी इसमें सबसे आगे है। 100 ग्राम रागी में लगभग 344 मिलीग्राम कैल्शियम पाया जाता है। यही वजह है कि गांवों में महिलाओं और बच्चों को रागी की रोटी खाने की सलाह दी जाती है। इसमें भरपूर मात्रा में आयरन और फाइबर भी होता है। आप इसकी रोटी बना सकते हैं, डोसा या इडली के लिए बैटर तैयार कर सकते हैं या फिर हल्का गुनगुना दूध मिलाकर इसका दलिया पी सकते हैं।
3. करी पत्ता – स्वाद और सेहत दोनों के लिए
दक्षिण भारतीय व्यंजनों में करी पत्ते का इस्तेमाल तड़के के लिए जरूरी माना जाता है, लेकिन अब इसे पूरे भारत में पसंद किया जाता है। ये छोटे से दिखने वाले पत्ते सिर्फ खाने का फ्लेवर ही नहीं बढ़ाते, बल्कि कैल्शियम, आयरन और विटामिन ए से भरपूर होते हैं। अक्सर लोग इन्हें थाली से हटा देते हैं, लेकिन अगर आप इन्हें चबाकर खाएंगे तो आपकी हड्डियां बुढ़ापे तक मजबूत बनी रहेंगी। इन्हें दाल, सब्जी या चटनी में डालकर खाएं।

4. राजगीरा या अमरंथ – सुपरफूड की तरह काम करे
व्रत के दिनों में राजगीरे की रोटी और लड्डू जरूर बनते हैं, लेकिन इसे सिर्फ व्रत का खाना समझना भारी भूल है। 100 ग्राम राजगीरा में लगभग 215 मिलीग्राम कैल्शियम होता है। यह एक ग्लूटेन-फ्री अनाज है जो प्रोटीन और फाइबर का भी बेहतरीन स्रोत है। इसे रोजमर्रा की डाइट में शामिल करने से न सिर्फ हड्डियां मजबूत होती हैं, बल्कि वजन भी नियंत्रित रहता है।
5. मोरिंगा या सहजन के पत्ते – आयुर्वेद का उपहार
आजकल मोरिंगा पाउडर का इस्तेमाल दुनियाभर में सुपरफूड के तौर पर हो रहा है। सहजन के पेड़ की पत्तियों में प्रति 100 ग्राम करीब 185 मिलीग्राम कैल्शियम मौजूद होता है। इसके अलावा इसमें विटामिन सी, पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स भी भरपूर मात्रा में होते हैं जो शरीर में सूजन (Inflammation) को कम करते हैं। ताजे सहजन के पत्तों का साग बनाकर खाना या इसका पाउडर सूप और दाल में मिलाना बहुत फायदेमंद रहता है।
6. सूखा अंजीर – मिठास भी, सेहत भी
चीनी और मिठास से भरे बाजारू जंक फूड को छोड़िए और अपनी शाम की भूख को सूखे अंजीर से पूरा करिए। 100 ग्राम सूखे अंजीर में लगभग 162 मिलीग्राम कैल्शियम होता है। यह एक नेचुरल स्वीटनर है और इसमें फाइबर भी खूब होता है, जो कब्ज से बचाता है। 2-3 अंजीर रात को पानी में भिगोकर सुबह खाली पेट खाने से हड्डियों को भरपूर कैल्शियम मिलता है।
7. राजमा- प्रोटीन के साथ कैल्शियम का तोहफा
राजमा-चावल का नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह स्वादिष्ट उत्तर भारतीय डिश हड्डियों के लिए भी काफी फायदेमंद है? 100 ग्राम राजमा में लगभग 143 मिलीग्राम कैल्शियम होता है। यह शुद्ध शाकाहारियों के लिए प्रोटीन और कैल्शियम दोनों का एक शानदार संयोजन है। बस ध्यान रहे कि राजमा को रात भर भिगोकर ही बनाएं, ताकि इसमें मौजूद एंटी-न्यूट्रिएंट्स खत्म हो जाएं और शरीर को पोषण आसानी से मिल सके।
एक जरूरी सलाह
कैल्शियम रिच फूड खाने के साथ-साथ ये ध्यान रखना भी बहुत जरूरी है कि आपका शरीर उस कैल्शियम को अवशोषित (Absorb) कर पा रहा है या नहीं। इसके लिए आपके शरीर में विटामिन डी (Vitamin D) की मात्रा पर्याप्त होनी चाहिए। सुबह की हल्की धूप में 15-20 मिनट बैठना और अपने खाने में थोड़ा सा सही तरह से भुना हुआ नारियल या जैतून का तेल शामिल करना आपके लिए फायदेमंद साबित होगा।























