नवरात्रि हो या कोई दूसरा व्रत, खाने में कुछ ऐसा चाहिए जो स्वादिष्ट होने के साथ पेट भरने वाला भी हो? ऐसे में साबूदाना खिचड़ी एक बढ़िया विकल्प है। साबूदाने में कार्बोहाइड्रेट होता है, जो शरीर को ऊर्जा देने में मदद करता है। इसमें भुनी मूंगफली, आलू, हरी मिर्च और नींबू का रस मिलाने से इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है।
हालांकि, घर पर साबूदाना खिचड़ी बनाते समय अक्सर एक परेशानी आती है—साबूदाना चिपचिपा हो जाता है और दाने अलग-अलग नहीं रहते। इसका मुख्य कारण साबूदाना ठीक से न भिगोना या पकाते समय ज्यादा पानी डालना हो सकता है। सही मात्रा में पानी, भिगोने का पर्याप्त समय और दरदरी पिसी मूंगफली अपनाकर आप खिला-खिला नतीजा पा सकते हैं। जानिए व्रत के लिए साबूदाना खिचड़ी बनाने की आसान विधि।
साबूदाना खिचड़ी के लिए सामग्री
- 1 कप मध्यम आकार का साबूदाना
- ½ कप भुनी हुई, छिलका उतरी मूंगफली
- 1 बड़ा उबला आलू, छोटे टुकड़ों में कटा हुआ
- 2–3 हरी मिर्च, बारीक कटी हुई
- 8–10 कढ़ी पत्ते
- 1 छोटा चम्मच जीरा
- 1 बड़ा चम्मच नींबू का रस
- 1 छोटा चम्मच सेंधा नमक या स्वादानुसार
- ½ छोटा चम्मच काली मिर्च पाउडर
- 2 बड़े चम्मच देसी घी या मूंगफली का तेल
- थोड़ा कटा हरा धनिया
व्रत में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और नमक के नियम अलग-अलग हो सकते हैं। अपनी परंपरा के अनुसार सामग्री चुनें।
साबूदाना खिचड़ी बनाने की विधि
1. साबूदाना अच्छी तरह धोएं
साबूदाने को एक बर्तन में लेकर साफ पानी से दो से तीन बार धो लें। इससे ऊपर मौजूद अतिरिक्त स्टार्च निकल जाता है और खिचड़ी के चिपचिपे होने की आशंका कम होती है। धोने के बाद पानी अच्छी तरह छान दें।
2. सही मात्रा में भिगोएं
धुले हुए साबूदाने में इतना पानी डालें कि दाने बस डूब जाएं। पानी साबूदाने की सतह से लगभग आधा इंच ऊपर रहे—बहुत ज्यादा पानी डालने से दाने गलकर चिपक सकते हैं। बर्तन ढककर साबूदाने को 4–5 घंटे या जरूरत हो तो रातभर भिगोएं। भिगोने के बाद एक दाना उंगली से दबाकर देखें। वह आसानी से दब जाए, लेकिन पूरी तरह लुगदी जैसा न हो।
अगर साबूदाने में पानी बचा हो, तो उसे छान दें और दानों को कुछ मिनट खुला छोड़ दें। यह छोटा कदम भी खिचड़ी को ज्यादा सूखा और दानेदार बनाने में मदद करता है।
3. मूंगफली का मिश्रण तैयार करें
भुनी हुई मूंगफली को मिक्सी में दरदरा पीसें। इसे बारीक पाउडर न बनाएं, ताकि खिचड़ी में हल्का क्रंच बना रहे। भीगे साबूदाने में मूंगफली, सेंधा नमक और काली मिर्च डालकर हल्के हाथ से मिलाएं। मूंगफली का दरदरा चूरा साबूदाने पर मौजूद अतिरिक्त नमी को सोखने में मदद करता है और दानों को अलग रखने में सहायक होता है।
4. तड़का लगाकर आलू भूनें
कड़ाही में घी या मूंगफली का तेल मध्यम आंच पर गर्म करें। जीरा डालें और चटकने दें। फिर कढ़ी पत्ता और हरी मिर्च डालकर कुछ सेकंड भूनें। अब उबले आलू के टुकड़े डालें और 1–2 मिनट तक हल्का सुनहरा होने तक पकाएं।
5. साबूदाना पकाएं
मूंगफली मिला हुआ साबूदाना कड़ाही में डालें। आंच धीमी से मध्यम रखें और मिश्रण को हल्के हाथ से चलाते हुए पकाएं। करीब 2–3 मिनट बाद साबूदाने के दाने पारदर्शी दिखने लगें, तो खिचड़ी तैयार है। इसे जरूरत से ज्यादा न पकाएं—लंबे समय तक गर्म करने से दाने सख्त या चिपचिपे हो सकते हैं।
गैस बंद करने के बाद नींबू का रस और कटा हरा धनिया मिलाएं। गरमा-गरम साबूदाना खिचड़ी दही या व्रत में खाई जाने वाली चटनी के साथ परोसें।
दानेदार साबूदाना खिचड़ी बनाने के जरूरी टिप्स
- साबूदाना भिगोने से पहले अच्छी तरह धोना न भूलें।
- पानी नापकर डालें; साबूदाना पानी में तैरता हुआ न रहे।
- भिगोने के बाद अतिरिक्त पानी छान दें।
- मूंगफली को दरदरा पीसकर मिलाएं, इससे नमी सोखने में मदद मिलती है।
- खिचड़ी को धीमी आंच पर कम समय तक पकाएं और लगातार जोर से न चलाएं।
- नींबू का रस आखिर में डालें, ताकि उसका ताजा स्वाद बना रहे।
इन आसान बातों का ध्यान रखकर आप घर पर स्वादिष्ट, खुशबूदार और दानेदार साबूदाना खिचड़ी बना सकते हैं। व्रत के मेन्यू में यह एक झटपट बनने वाली डिश है, जिसे नाश्ते या हल्के भोजन के रूप में परोसा जा सकता है।



























