Tiranga March: दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में प्रस्तावित तिरंगा मार्च से पहले पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संयोजक अभिजीत दीपके और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा को हिरासत में लिया। सीकॉकरोच जनता पार्टी ने शाम पांच बजे मार्च निकालने की घोषणा की थी। मार्च से पहले पुलिस ने अभिजीत दीपके को नोटिस देकर कार्यक्रम न करने की चेतावनी दी। इस बीच सेंट्रल पार्क के पास कुछ प्रदर्शनकारी तिरंगा लेकर पहुंचने लगे और इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई।
पुलिस ने दीपके को दिया नोटिस
दिल्ली पुलिस की एक टीम अभिजीत दीपके के पास पहुंची और उन्हें नोटिस सौंपा। अभिजीत दीपके उस समय एनसीपी-एससीपी के प्रवक्ता अनीश गवांडे के घर पर ठहरे हुए थे। नोटिस में कहा गया कि प्रस्तावित मार्च वाले क्षेत्र में धारा 163 लागू है। पुलिस ने चेतावनी दी कि आदेश के बावजूद मार्च निकालने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
नोटिस देने के बाद अभिजीत दीपके को हिरासत में लिया गया। पुलिस ने मंडी हाउस से ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा को भी हिरासत में लिया। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, मार्च से पहले पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की थी।
सेंट्रल पार्क के पास प्रदर्शनकारी जुटे
पुलिस की कार्रवाई के बावजूद सेंट्रल पार्क के आसपास प्रदर्शनकारी पहुंचने लगे। शुरुआती तौर पर वहां करीब 20 से 25 लोग तिरंगा लेकर मौजूद बताए गए। इलाके में भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात थे। कनॉट प्लेस के व्यस्त कारोबारी और सार्वजनिक क्षेत्र में किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पुलिस की निगरानी बढ़ाई गई।
आप पार्टी ने मार्च को समर्थन दिया था। छात्र संगठनों के भी प्रदर्शन में शामिल होने की तैयारी की खबर थी। ऐसे में पुलिस के सामने विरोध-प्रदर्शन की अनुमति, सार्वजनिक व्यवस्था और आम लोगों की आवाजाही—तीनों को संभालने की चुनौती थी।
सेंट्रल पार्क बंद करने के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका
इसी घटनाक्रम के बीच सुप्रीम कोर्ट ने सेंट्रल पार्क बंद करने के एनडीएमसी के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया। याचिका में पार्क बंद करने के फैसले को चुनौती दी गई थी। अदालत ने उम्मीद जताई कि सभी संबंधित पक्ष समझदारी से काम लेंगे।
रिपोर्टों के मुताबिक, प्रशासन ने 16 और 17 अक्टूबर के लिए सेंट्रल पार्क बंद रखने का फैसला किया था और क्षेत्र में धारा 163 लागू की गई थी। सुप्रीम कोर्ट में तत्काल सुनवाई न होने से पार्क खोलने के आदेश पर उसी समय कोई अंतरिम राहत नहीं मिली। हालांकि अदालत की टिप्पणी का आशय यह था कि संबंधित पक्षों को स्थिति को जिम्मेदारी से संभालना चाहिए।

























