नवरात्रि के व्रत में रोज़ एक जैसे फलाहारी व्यंजन खाकर अगर आप कुछ चटपटा खाने का मन बना रहे हैं, तो कुट्टू के पकौड़े एक बढ़िया विकल्प हैं। बाहर से कुरकुरे और अंदर से नरम ये पकौड़े शाम की चाय के साथ स्वादिष्ट लगते हैं। इन्हें कच्चे आलू, हरी मिर्च और ताजे धनिये के साथ तैयार किया जाता है और व्रत वाली हरी चटनी के साथ परोसा जाता है।
कुट्टू के आटे का स्वाद हल्का मिट्टी जैसा और खास होता है। इसे पकौड़ों में इस्तेमाल करते समय घोल की गाढ़ाई और तेल का तापमान सही रखना जरूरी है। घोल बहुत पतला हो, तो आलू पर ठीक से नहीं चढ़ता; वहीं बहुत ठंडे तेल में पकौड़े तलने से वे ज्यादा तेल सोख सकते हैं। नीचे दी गई विधि अपनाकर आप घर पर आसानी से सुनहरे और कुरकुरे पकौड़े बना सकते हैं।
कुट्टू के पकौड़े बनाने के लिए सामग्री
यह मात्रा लगभग 3–4 लोगों के लिए पर्याप्त है।
- 1 कप कुट्टू का आटा
- 2 मध्यम आकार के आलू
- 2–3 हरी मिर्च, बारीक कटी हुई
- ½ कप ताजा हरा धनिया, बारीक कटा हुआ
- 1 बड़ा चम्मच भुना जीरा पाउडर
- 1 छोटा चम्मच सेंधा नमक या स्वादानुसार
- ½ छोटा चम्मच काली मिर्च पाउडर
- लगभग ½ से ¾ कप पानी, जरूरत के अनुसार
- तलने के लिए मूंगफली का तेल या देसी घी
ध्यान दें: व्रत के नियम अलग-अलग परिवारों में अलग हो सकते हैं। सामग्री चुनते समय अपने घर की परंपरा और इस्तेमाल होने वाले तेल या घी के नियमों का ध्यान रखें।
कुट्टू के पकौड़े बनाने की आसान विधि
1. आलू तैयार करें
आलू छीलकर उन्हें पतले गोल टुकड़ों या लंबी स्लाइस में काट लें। टुकड़े बहुत मोटे न रखें, ताकि वे पकौड़ों के साथ अच्छी तरह पक सकें। चाहें तो कटे आलू को साफ कपड़े या पेपर टॉवल से हल्का पोंछ लें। इससे सतह की अतिरिक्त नमी हटेगी और घोल बेहतर तरीके से चिपकेगा।
2. पकौड़ों का घोल बनाएं
एक बड़े बाउल में कुट्टू का आटा, सेंधा नमक, भुना जीरा पाउडर और काली मिर्च डालें। इसमें कटी हुई हरी मिर्च और हरा धनिया मिलाएं। अब थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए गाढ़ा, चिकना घोल तैयार करें। पानी एक साथ न डालें, क्योंकि कुट्टू का आटा पानी जल्दी सोख सकता है।
घोल इतना गाढ़ा होना चाहिए कि आलू की स्लाइस पर उसकी अच्छी परत चढ़ जाए। अगर घोल बहुत पतला हो जाए, तो थोड़ा कुट्टू का आटा मिलाएं। आटा ज्यादा गाढ़ा लगे, तो एक-दो चम्मच पानी डालकर उसे ठीक करें।
3. आलू पर घोल की परत चढ़ाएं
कटे हुए आलू घोल में डालकर अच्छी तरह मिलाएं। हर टुकड़े पर घोल की परत लगनी चाहिए। बेहतर नतीजे के लिए आलू डालने के बाद घोल को तुरंत इस्तेमाल करें। देर तक रखने पर आलू पानी छोड़ सकते हैं और घोल पतला हो सकता है।

4. पकौड़ों को सही तापमान पर तलें
कड़ाही में मूंगफली का तेल या देसी घी मध्यम-तेज आंच पर गर्म करें। तेल तैयार है या नहीं, यह जांचने के लिए घोल की एक छोटी बूंद डालें। अगर वह धीरे-धीरे ऊपर आ जाए और आसपास हल्के बुलबुले दिखें, तो तेल तलने के लिए तैयार है। तेल धुआं देने लगे, तो आंच कम कर दें।
घोल लगे आलू के टुकड़े सावधानी से तेल में डालें। कड़ाही में बहुत सारे पकौड़े एक साथ न डालें, वरना तेल का तापमान गिर सकता है और पकौड़े कुरकुरे नहीं बनेंगे। पकौड़ों को शुरुआत में करीब 1–2 मिनट न छेड़ें। जब नीचे की सतह जम जाए, तब उन्हें पलटें और मध्यम आंच पर सुनहरा होने तक तलें।
5. अतिरिक्त तेल निकालकर परोसें
तले हुए पकौड़े छलनी या टिशू पेपर पर निकालें। उन्हें बहुत देर तक ढककर न रखें, क्योंकि भाप से कुरकुरापन कम हो सकता है। गरमा-गरम कुट्टू के पकौड़े व्रत वाली धनिया-पुदीने की चटनी के साथ परोसें। चाहें तो साथ में अदरक वाली चाय भी रख सकते हैं।
व्रत वाली हरी चटनी कैसे बनाएं?
एक मिक्सर जार में हरा धनिया, पुदीने की पत्तियां, एक हरी मिर्च, सेंधा नमक और थोड़ा नींबू का रस डालें। जरूरत के अनुसार पानी मिलाकर पीस लें। चटनी को पकौड़ों के साथ ताजा परोसें। व्रत में नींबू और अन्य सामग्री का इस्तेमाल भी अपने नियमों के अनुसार करें।
कुरकुरे पकौड़े बनाने के आसान टिप्स
- घोल को बहुत पतला न रखें; गाढ़ा घोल आलू पर अच्छी तरह चढ़ता है।
- आलू की स्लाइस समान मोटाई की काटें, ताकि वे एक साथ पकें।
- तेल का तापमान मध्यम-तेज रखें और पकौड़ों को बैच में तलें।
- पकौड़े डालने के तुरंत बाद उन्हें पलटने से बचें।
- अधिक कुरकुरेपन के लिए पकौड़ों को सुनहरा होने तक तलें और तुरंत परोसें।
इन आसान बातों का ध्यान रखकर आप घर पर स्वादिष्ट कुट्टू के पकौड़े बना सकते हैं। नवरात्रि, एकादशी या अन्य व्रत के दौरान चाय के साथ यह फलाहारी नाश्ता मेन्यू में स्वाद और विविधता जोड़ सकता है।


























