FIR से इनकार पर भड़के राहुल, दिल्ली पुलिस को चेतावनी

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस छात्रों पर हमले के मामले में FIR दर्ज नहीं कर रही। उन्होंने अथिरा और रितु समेत युवतियों के साथ मारपीट का दावा किया और कानूनी कार्रवाई की बात कही।

राहुल गांधी का आरोप, छात्रों पर दिल्ली पुलिस ने बरसाईं लाठियां

HIGHLIGHTS

  • सरोजिनी नायडू का जिक्र कर राहुल ने पुलिस को घेरा
  • छात्रों की शिकायत पर जीरो FIR, राहुल ने उठाए सवाल
  • राहुल ने साझा किया वीडियो, छात्राओं ने सुनाई आपबीती
  • ‘सत्याग्रह नहीं टूटेगा’, छात्रों के समर्थन में उतरे राहुल

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली पुलिस पर छात्रों के साथ कथित मारपीट के मामले में FIR दर्ज न करने का आरोप लगाया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस ने केरल की अथिरा और राजस्थान की रितु समेत कई युवतियों के साथ मारपीट की। राहुल ने यह भी दावा किया कि पीड़ित छात्रों की शिकायत के बावजूद दिल्ली पुलिस मामला दर्ज करने से इनकार कर रही है।

राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में कहा कि उन्होंने केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला और राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा से बात की है। उनके मुताबिक, केरल में इस मामले से जुड़ी एक ‘जीरो FIR’ दर्ज की गई है। राहुल ने कहा कि छात्रों को न्याय दिलाने के लिए केरल, राजस्थान और अदालतों में उपलब्ध कानूनी रास्ते अपनाए जाएंगे।

उन्होंने लिखा कि कथित कार्रवाई में शामिल जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कदम उठाए जाएंगे और दिल्ली पुलिस की कथित बर्बरता को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। हालांकि, पुलिस या संबंधित अधिकारियों का पक्ष इस पोस्ट में शामिल नहीं है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और मामले की जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।

सरोजिनी नायडू और धरासना सत्याग्रह का जिक्र

राहुल गांधी ने अपने बयान में 1930 के धरासना सत्याग्रह का उल्लेख भी किया। उन्होंने कहा कि उस समय सरोजिनी नायडू के नेतृत्व में निहत्थे सत्याग्रहियों ने पुलिस की लाठियां सहीं, लेकिन जवाब में हाथ नहीं उठाया। राहुल के मुताबिक, इस घटना को दुनिया ने देखा था और यह अहिंसक प्रतिरोध की ताकत का उदाहरण बनी।

इसी संदर्भ में राहुल ने कहा कि पुलिस लोगों को चोट पहुंचा सकती है, लेकिन सत्याग्रह की भावना को नहीं तोड़ सकती। उन्होंने युवा प्रदर्शनकारियों, खासकर युवतियों, को निडर और दृढ़ बताते हुए कहा कि वे लोकतंत्र के लिए खड़ी हैं और वह उनके साथ हैं।

राहुल का यह बयान ऐसे समय आया है, जब छात्रों की ओर से पुलिस कार्रवाई को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। उनके पोस्ट और वीडियो में छात्राएं कथित घटनाओं का ब्यौरा देती नजर आती हैं। मामले में क्या हुआ, शिकायत किस स्तर पर दर्ज की गई और पुलिस का जवाब क्या है—इन सवालों पर आधिकारिक जानकारी सामने आना अहम होगा।

छात्रा ने सुनाई कथित पुलिस कार्रवाई की बात

राहुल गांधी ने अपने एक्स पोस्ट के साथ छात्रों से बातचीत का एक वीडियो भी साझा किया है। वीडियो में एक छात्रा उन्हें कथित पुलिस कार्रवाई के बारे में बताती है। छात्रा का दावा है कि एक महिला पुलिसकर्मी ने उससे कहा था कि अगर उसने अपना फोन नहीं दिया, तो उसे पीटा जाएगा।

वीडियो में राहुल छात्रा की बात सुनते हुए नजर आते हैं। इसके बाद वह केरल के गृह मंत्री को फोन करते हैं और छात्रा की ओर से FIR दर्ज कराने की बात कहते हैं। राहुल ने इस बातचीत को छात्रों की शिकायत और उनके साथ हुई कथित कार्रवाई के संदर्भ में साझा किया है।

उन्होंने छात्रों से बातचीत का करीब 12 मिनट का वीडियो पोस्ट किया। राहुल के मुताबिक, वीडियो में दिखाई दे रहे छात्र वही हैं, जिनके साथ उन्होंने कुछ दिन पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। छात्रों ने उस दौरान भी पुलिस के व्यवहार और कथित प्रताड़ना को लेकर अपनी बात रखी थी।

क्या है ‘जीरो FIR’?

‘जीरो FIR’ ऐसी शिकायत होती है, जिसे किसी भी पुलिस थाने में दर्ज कराया जा सकता है—भले ही कथित घटना उस थाने के अधिकार क्षेत्र में न हुई हो। बाद में मामला संबंधित क्षेत्र के पुलिस थाने को भेजा जा सकता है। राहुल गांधी ने कहा है कि केरल में इस मामले में जीरो FIR दर्ज की गई है। इसकी पुष्टि और आगे की जांच की स्थिति संबंधित पुलिस अथॉरिटी की जानकारी से स्पष्ट होगी।

राहुल गांधी ने क्या कहा?

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस छात्रों पर हमले की शिकायत पर FIR दर्ज नहीं कर रही। उन्होंने कहा कि पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी। साथ ही, उन्होंने युवाओं के अहिंसक प्रतिरोध की तुलना धरासना सत्याग्रह से करते हुए कहा कि डर या हिंसा लोकतांत्रिक आवाज को दबा नहीं सकती।

फिलहाल, राहुल गांधी की ओर से लगाए गए आरोपों और वीडियो में छात्रों के दावों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया तथा जांच की आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। मामले की निष्पक्ष जांच और सभी पक्षों के बयान सामने आने के बाद ही आरोपों की पुष्टि और जिम्मेदारी तय हो सकेगी।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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