गुरुग्राम में फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी कर रहे भवन मालिकों पर दमकल विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। विभाग ने शहर की 1,278 इमारतों को नोटिस जारी किए हैं। इनमें पेइंग गेस्ट (PG) आवास, होटल, गेस्ट हाउस, रेस्टोरेंट, पब, बार, अस्पताल और बहुमंजिला आवासीय व व्यावसायिक इमारतें शामिल हैं। शुरुआती जांच में इन इमारतों के पास जरूरी फायर NOC या आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं पाए गए।
यह कार्रवाई शहर में कराए गए फायर सेफ्टी सर्वे के बाद की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, दमकल विभाग की टीमों ने 10 हजार से अधिक इमारतों की जांच की। सर्वे में सामने आया कि कई जगह आग लगने की स्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने और आग पर शुरुआती स्तर पर काबू पाने के जरूरी इंतजाम मौजूद नहीं थे।
किन इमारतों पर है दमकल विभाग की नजर?
सर्वे में उन इमारतों को शामिल किया गया जहां बड़ी संख्या में लोग रहते हैं, काम करते हैं या नियमित रूप से आते-जाते हैं। इनमें PG और गेस्ट हाउस, होटल, मोटल, रेस्टोरेंट, पब और बार के साथ निजी अस्पताल और नर्सिंग होम भी शामिल हैं। बहुमंजिला आवासीय और व्यावसायिक इमारतों की भी जांच की गई।
ऐसी जगहों पर फायर सेफ्टी की कमी का असर कई लोगों पर पड़ सकता है। खासतौर पर अस्पतालों, होटलों और PG में रहने वालों के लिए आग लगने पर सुरक्षित निकासी का इंतजाम बेहद अहम होता है। अगर निकास रास्ते बंद हों या आग बुझाने के उपकरण काम न करें, तो छोटी घटना भी गंभीर रूप ले सकती है।
फायर NOC और सुरक्षा उपकरणों की कमी
दमकल विभाग की जांच में कई इमारतों में फायर NOC नहीं मिली। कुछ जगहों पर आग बुझाने के जरूरी उपकरण और सुरक्षा व्यवस्थाएं भी अधूरी पाई गईं। इनमें स्प्रिंकलर सिस्टम, वाटर हाइड्रेंट और आपातकालीन निकास जैसे इंतजाम शामिल हैं।
फायर NOC यह बताती है कि संबंधित इमारत ने लागू अग्नि सुरक्षा नियमों के तहत जरूरी व्यवस्थाएं पूरी की हैं या नहीं। भवन के प्रकार और उपयोग के अनुसार आवश्यकताओं में अंतर हो सकता है। इसलिए मालिकों और संचालकों के लिए जरूरी है कि वे अपने परिसर की लागू शर्तों की जानकारी लेकर उनका पालन करें।
दिल्ली के होटल अग्निकांड के बाद बढ़ी जांच
गुरुग्राम में सर्वे और नोटिस की कार्रवाई दिल्ली के मालवीय नगर में हुए होटल अग्निकांड के बाद तेज हुई। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, 3 जून 2026 को हुई इस घटना में 20 से अधिक लोगों की मौत हुई थी। हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन ने गुरुग्राम में भी फायर NOC और सुरक्षा इंतजामों की जांच के निर्देश दिए। इसके लिए छह से अधिक टीमों के गठन और शहरभर में सर्वे किए जाने की जानकारी दी गई है।
जवाब नहीं दिया तो FIR की सिफारिश हो सकती है
दमकल विभाग ने संबंधित भवन मालिकों को नोटिस देकर जवाब मांगा है। अधिकारियों के मुताबिक, तय समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने या सुरक्षा मानकों को पूरा नहीं करने पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है। विभाग की ओर से मामले दर्ज कराने की सिफारिश भी की जा सकती है।
वरिष्ठ दमकल अधिकारी नरेंद्र कुमार यादव के अनुसार, नियमों का उल्लंघन करने वाले 1,278 भवन मालिकों को नोटिस जारी किए गए हैं। अन्य इमारतों के खिलाफ भी जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। विभाग का कहना है कि नोटिस का जवाब और सुरक्षा व्यवस्था में सुधार न होने पर संबंधित मालिकों के खिलाफ मामला दर्ज कराने की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।



























