लाल किला ग्राउंड में आयोजित लव कुश रामलीला में इस बार जटायु और रावण के युद्ध का दृश्य दर्शकों के लिए खास आकर्षण बना। आकाश में 200 फीट से अधिक की ऊंचाई पर प्रस्तुत इस रोमांचक प्रसंग को देखने के लिए लीला स्थल पर बड़ी संख्या में रामभक्त मौजूद थे। युद्ध के दौरान मैदान में दर्शकों के मोबाइल कैमरों की रोशनी चमकती रही और कई लोग इस अनोखे दृश्य को अपने फोन में रिकॉर्ड करते नजर आए।
विख्यात लव कुश रामलीला कमेटी के अध्यक्ष अर्जुन कुमार के अनुसार, जटायु-रावण युद्ध को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए विशेष मंचन और आठ-ट्रैक साउंड सिस्टम का इस्तेमाल किया गया। ऊंचाई पर चल रहे एक्शन दृश्य और दमदार ध्वनि प्रभावों ने प्रसंग को और जीवंत बना दिया। दर्शकों ने आकाश में हो रहे इस युद्ध को उत्सुकता और रोमांच के साथ देखा।
अगस्त्य मुनि से जटायु मोक्ष तक का मंचन
रामलीला में केवल जटायु-रावण युद्ध ही नहीं, बल्कि रामायण के कई महत्वपूर्ण प्रसंगों का भी भव्य मंचन किया गया। अर्जुन कुमार ने बताया कि दर्शकों ने अगस्त्य मुनि से भेंट, पंचवटी में जयंत प्रसंग, सूर्पनखा प्रसंग, खर-दूषण वध और सीता हरण की लीलाएं देखीं। इसके बाद जटायु मोक्ष का प्रसंग प्रस्तुत किया गया।
इन दृश्यों को क्रमबद्ध रूप से मंचित किया गया, जिससे दर्शक कथा के घटनाक्रम से जुड़े रहे। पंचवटी के प्रसंगों से लेकर सीता हरण और जटायु के बलिदान तक, हर दृश्य ने रामायण की कथा को मंच पर आगे बढ़ाया। विशेष रूप से सीता हरण और जटायु-रावण युद्ध में इस्तेमाल किए गए एक्शन स्टंट दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बने।
कमेटी के मुताबिक, इन एक्शन दृश्यों को मुंबई फिल्म इंडस्ट्री के अनुभवी एक्शन निर्देशक की निगरानी में तैयार और प्रस्तुत किया गया। इसका उद्देश्य मंचन को अधिक प्रभावशाली बनाते हुए कलाकारों की सुरक्षा और दृश्यों के बेहतर संयोजन पर ध्यान देना था। ऊंचाई पर किए गए स्टंट और ध्वनि प्रभावों ने दर्शकों को कथा के नाटकीय क्षणों का अनुभव कराया।
मोबाइल कैमरों में कैद हुआ रोमांचक दृश्य
जटायु और रावण के युद्ध के दौरान मैदान में मौजूद कई दर्शक अपने मोबाइल फोन से दृश्य रिकॉर्ड करते दिखाई दिए। जैसे ही आकाश में युद्ध का प्रसंग शुरू हुआ, दर्शकों ने कैमरे ऊपर की ओर कर लिए। मोबाइल स्क्रीन और कैमरों की चमक से मैदान का दृश्य खास बन गया। रामलीला देखने आए परिवारों और युवाओं के लिए यह प्रसंग आयोजन के यादगार पलों में शामिल रहा।
लाल किला ग्राउंड की रामलीला में पारंपरिक कथा के साथ बड़े स्तर पर तैयार किए गए मंचीय दृश्य दर्शकों को आकर्षित करते हैं। इस प्रस्तुति में भी धार्मिक प्रसंगों को आधुनिक तकनीकी इंतजामों और एक्शन दृश्यों के साथ मंच पर उतारा गया। आयोजकों के अनुसार, कथा की मूल भावना को बनाए रखते हुए दृश्यात्मक प्रस्तुति को प्रभावी बनाना उनकी तैयारी का हिस्सा था।
केंद्रीय मंत्री श्रीपाद नाईक ने किया लीला का अवलोकन
कमेटी के महामंत्री सुभाष गोयल ने बताया कि केंद्रीय मंत्री श्रीपाद नाईक रामलीला स्थल पहुंचे और उन्होंने लीला का अवलोकन किया। इस अवसर पर कमेटी की ओर से उपस्थित गणमान्य अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में पवन गुप्ता, सत्यभूषण जैन, अखिल सिंघल, बृजमोहन गोयल, अंकुर गोयल और गौरव सूरी सहित कमेटी के अन्य पदाधिकारी तथा कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। आयोजन के दौरान अतिथियों ने मंचन देखा और कमेटी के सदस्यों से मुलाकात की।
लव कुश रामलीला कमेटी की इस प्रस्तुति में रामायण के परिचित प्रसंगों को भव्य मंचन, ध्वनि प्रभावों और एक्शन दृश्यों के जरिए दर्शकों के सामने रखा गया। 200 फीट से अधिक ऊंचाई पर दिखाया गया जटायु-रावण युद्ध इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहा, जबकि अगस्त्य मुनि से भेंट, सूर्पनखा प्रसंग, खर-दूषण वध, सीता हरण और जटायु मोक्ष ने कथा को आगे बढ़ाया।























