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ग्रीस से स्पेन तक जंगल की आग, बुझाने के ये हैं खतरनाक तरीके

जंगल की आग बुझाने में हवाई फायर फाइटिंग सबसे प्रभावी तरीकों में से एक माना जाता है। स्पेन और पुर्तगाल जैसे देश बड़े वॉटर-बॉम्बर विमानों का इस्तेमाल करते हैं, जो कुछ ही मिनटों में आग वाले इलाके तक पहुंचकर हजारों लीटर पानी गिरा सकते हैं।

धधकते जंगलों पर वार, यूरोप की आधुनिक फायर फाइटिंग रणनीति

HIGHLIGHTS

  • हजारों लीटर पानी बरसाते विमान, ऐसे रोकते हैं जंगल की आग
  • जंगल की आग से जंग, यूरोप अपना रहा ये हाईटेक तरीके
  • ग्रीस-पुर्तगाल में धधकते जंगल, आग बुझाने की पूरी कहानी
  • आसमान से पानी की बारिश, कैसे काबू होती है जंगल आग
  • ड्रोन, सैटेलाइट और विमान, यूरोप की आग से लड़ाई का तरीका

दक्षिण यूरोप के कई देश इन दिनों भीषण जंगल की आग की चुनौती से जूझ रहे हैं। ग्रीस, पुर्तगाल और स्पेन जैसे देशों में गर्मी के मौसम में जंगलों में आग लगने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। तेज गर्म हवाएं, सूखा मौसम और जंगलों में मौजूद सूखी वनस्पतियां आग को तेजी से फैलाने का काम करती हैं। पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में लगी आग पर नियंत्रण पाना और भी मुश्किल हो जाता है।

अधिकारियों के मुताबिक, इन देशों में जंगल की आग की बड़ी वजह इंसानी लापरवाही होती है। कई बार छोटी-सी चिंगारी, बिना बुझी सिगरेट, खेतों में जलाया गया कचरा या अन्य मानवीय गतिविधियां बड़े हादसे का कारण बन जाती हैं। ऐसी स्थिति में आग को रोकने के लिए केवल दमकल गाड़ियों पर निर्भर रहना काफी नहीं होता, बल्कि हवाई निगरानी, विशेष प्रशिक्षित टीमों और आधुनिक तकनीक की मदद ली जाती है। आइए, इस खबर को विस्तार से समझते हैं और जानिए इस मुद्दे के विभिन्न पहलुओं को।

पानी बरसाने वाले विमान बनते हैं सबसे बड़ा सहारा

जंगल की आग बुझाने में हवाई फायर फाइटिंग सबसे प्रभावी तरीकों में से एक माना जाता है। स्पेन और पुर्तगाल जैसे देश बड़े वॉटर-बॉम्बर विमानों का इस्तेमाल करते हैं, जो कुछ ही मिनटों में आग वाले इलाके तक पहुंचकर हजारों लीटर पानी गिरा सकते हैं।

कैनाडेयर एम्फीबियस विमान इस काम के लिए खास तौर पर डिजाइन किए गए हैं। इनकी खासियत यह है कि ये समुद्र, झील या बड़े जलाशयों से उड़ान के दौरान ही पानी भर सकते हैं और तुरंत आग प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर पानी का छिड़काव कर सकते हैं। इससे आग की लपटों की तीव्रता कम करने और उसे आगे बढ़ने से रोकने में मदद मिलती है।

इसके अलावा भारी क्षमता वाले हेलीकॉप्टर भी जंगल की आग से लड़ने में अहम भूमिका निभाते हैं। ये हेलीकॉप्टर पानी के साथ-साथ कुछ विशेष अग्निरोधक रसायनों का छिड़काव करते हैं, जिससे आग की रफ्तार धीमी हो जाती है और जमीन पर मौजूद टीमों को कार्रवाई करने का समय मिलता है।

जमीन पर काम करती हैं विशेष फायर फाइटिंग टीमें

आसमान से की जाने वाली कार्रवाई के साथ-साथ जमीन पर मौजूद प्रशिक्षित दल भी आग को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन टीमों को जंगलों की भौगोलिक स्थिति, आग की दिशा और आपात परिस्थितियों से निपटने की विशेष ट्रेनिंग दी जाती है।

स्पेन में BRIF जैसी विशेष वन अग्निशमन टीमें आग प्रभावित इलाकों में तैनात की जाती हैं। ये कर्मचारी जंगलों में पहुंचकर सूखी झाड़ियों और अतिरिक्त वनस्पतियों को हटाते हैं ताकि आग को फैलने के लिए ईंधन न मिल सके।

इसके अलावा फायरब्रेक बनाए जाते हैं। फायरब्रेक ऐसी खाली पट्टियां होती हैं जहां पेड़-पौधों और सूखी घास को हटाकर एक ऐसा क्षेत्र तैयार किया जाता है, जिससे आग की लपटें आगे बढ़ने में बाधा महसूस करें। यह तकनीक जंगल की आग को सीमित करने में काफी उपयोगी साबित होती है।

जब आग बहुत बड़े स्तर पर फैल जाती है और सामान्य फायर फाइटिंग टीमों के लिए उसे संभालना मुश्किल हो जाता है, तब स्पेन अपनी विशेष सैन्य आपदा इकाई Unidad Militar de Emergencias (UME) को भी तैनात करता है। यह यूनिट बड़े पैमाने की प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए तैयार रहती है।

सैटेलाइट और ड्रोन से रखी जाती है आग पर नजर

आज के समय में जंगल की आग से निपटने में तकनीक की भूमिका लगातार बढ़ रही है। यूरोपीय देश आग की निगरानी और उसके खतरे का अनुमान लगाने के लिए सैटेलाइट सिस्टम का इस्तेमाल करते हैं।

ग्रीस समेत कई यूरोपीय देश यूरोपीय संघ के कोपरनिकस सैटेलाइट सिस्टम से मिलने वाली जानकारी का उपयोग करते हैं। इसकी मदद से अधिकारियों को यह पता लगाने में सहायता मिलती है कि आग किस दिशा में बढ़ रही है, उसका क्षेत्र कितना बड़ा है और किन इलाकों में ज्यादा खतरा है।

इसके अलावा थर्मल कैमरों से लैस ड्रोन भी काफी मददगार साबित हो रहे हैं। ये ड्रोन उन जगहों का पता लगा सकते हैं जहां आग पूरी तरह दिखाई नहीं देती, लेकिन अंदर ही अंदर गर्मी बनी रहती है। ऐसे हिस्सों को हॉट-स्पॉट कहा जाता है।

खासकर रात के समय जब धुआं और अंधेरा बचाव कार्यों को कठिन बना देते हैं, तब थर्मल ड्रोन से मिली जानकारी के आधार पर फायर फाइटर तेजी से कार्रवाई कर सकते हैं।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बेहतर हो रही तैयारी

कई यूरोपीय देश अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा एनालिसिस का भी इस्तेमाल कर रहे हैं। मौसम की जानकारी, हवा की गति, तापमान और सूखेपन जैसे कई आंकड़ों का विश्लेषण करके यह अनुमान लगाया जाता है कि आग किस दिशा में फैल सकती है।

इससे प्रशासन को पहले से तैयारी करने और जरूरी संसाधनों को सही जगह पहुंचाने में मदद मिलती है। भविष्य में एआई आधारित सिस्टम जंगल की आग की चेतावनी देने और नुकसान कम करने में और बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।

Sandhya Samay News

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