गोदरेज का बड़ा धमाका! योट्टा-एनटीटी के डेटा सेंटरों में दस्तक

भारत में गोदरेज ही एकमात्र संगठन है, जो जेनेटेक के साथ इस स्तर पर इंटीग्रेटेड है। इस अनूठी स्थिति ने कंपनी को बाजार में अर्ली मूवर एडवांटेज दिलाया है। दिलचस्प बात यह है कि जो सौदा शुरुआत में केवल एक डेटा सेंटर तक सीमित था, वह दोनों हितधारकों के साथ गोदरेज के मजबूत संबंधों की बदौलत कई डेटा सेंटरों तक बढ़ाया जा चुका है।

गोदरेज एंटरप्राइजेज ग्रुप ने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर सुरक्षा क्षेत्र में रचा बड़ा खेल

HIGHLIGHTS

  • जेनेटेक के साथ इंटीग्रेटेड देश की एकमात्र कंपनी बनी गोदरेज, जानें वजह
  • योट्टा-एनटीटी ने क्यों चुना गोदरेज? बड़े सौदे की पूरी अंदर की कहानी
  • फिजिकल लॉक से डिजिटल सिक्योरिटी तक, गोदरेज के बिजनेस में आया ट्विस्ट
  • 2028 तक 3 GW बाजार, गोदरेज ने डेटा सेंटर सेक्टर में रचा इतिहास

देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था के तीव्र विस्तार के बीच गोदरेज एंटरप्राइजेज ग्रुप (जीईजी) के सिक्योरिटी सॉल्यूशंस कारोबार को एक बड़ी सफलता मिली है। कंपनी ने भारत के सबसे तेजी से उभरते क्षेत्रों में शुमार डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर सुरक्षा में अपनी मौजूदगी मजबूत करते हुए योट्टा और एनटीटी के डेटा सेंटरों के लिए एकीकृत की मैनेजमेंट सॉल्यूशन तैनात करने का ठेका हासिल किया है। यह समाधान वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त जेनेटेक सिक्योरिटी प्लेटफॉर्म के साथ सीधे इंटीग्रेटेड है, जिससे देश के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के अगले दौर के विस्तार को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।

लाइव डेमो ने जीता ग्राहकों का भरोसा

जानकारी के मुताबिक, यह अनुबंध एक सफल लाइव प्रदर्शन के बाद दिया गया। इस डेमो में केंद्रीकृत की मैनेजमेंट, परिचालन दक्षता, मौजूदा और भविष्य के जेनेटेक सॉफ्टवेयर वर्जन के साथ अनुकूलता और बेहतर सुरक्षा क्षमताओं को करीब से देखा गया। यह अवसर गोदरेज के रणनीतिक तकनीकी साझेदार जेनेटेक की सिफारिश से हासिल हुआ, जिसने महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा में कंपनी की साबित क्षमता और इंटीग्रेशन विशेषज्ञता को देखते हुए यह समाधान आगे बढ़ाया।

फिलहाल भारत में गोदरेज ही एकमात्र संगठन है, जो जेनेटेक के साथ इस स्तर पर इंटीग्रेटेड है। इस अनूठी स्थिति ने कंपनी को बाजार में अर्ली मूवर एडवांटेज दिलाया है। दिलचस्प बात यह है कि जो सौदा शुरुआत में केवल एक डेटा सेंटर तक सीमित था, वह दोनों हितधारकों के साथ गोदरेज के मजबूत संबंधों की बदौलत कई डेटा सेंटरों तक बढ़ाया जा चुका है।

2028 तक 3 गीगावाट छूएगा आसमान, डेटा सेंटर बन रहे राष्ट्रीय इंफ्रा का स्तंभ

एआई, क्लाउड कंप्यूटिंग, डिजिटल पेमेंट, एंटरप्राइज डिजिटाइजेशन, ई-गवर्नेंस और डेटा लोकलाइजेशन की बढ़ती मांग के चलते देशभर में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर निवेश लगातार तेज हो रहा है। अनुमान है कि 2028 तक भारत की परिचालन डेटा सेंटर क्षमता 3 गीगावाट को पार कर जाएगी, जिससे देश एशिया-पैसिफिक के सबसे तेज गति से बढ़ते डेटा सेंटर मार्केट में अपनी जगह बना लेगा।

अब बात सिर्फ क्षमता बढ़ाने की नहीं है। डेटा सेंटर ऑपरेटरों के सामने मजबूती, साइबर-फिजिकल सुरक्षा, रेगुलेटरी अनुपालन और परिचालन निरंतरता जैसी चुनौतियां भी हैं। ऐसे माहौल में इंटेलिजेंट एक्सेस मैनेजमेंट, ऑडिट-रेडी सिक्योरिटी सिस्टम और एकीकृत इंफ्रास्ट्रक्चर सुरक्षा अब किसी सुविधा से ज्यादा, कारोबारी जरूरत बन चुकी है।

दशकों के अनुभव को मिल रहा नया आयाम

हवाई अड्डों, बैंकिंग संस्थानों, सरकारी प्रतिष्ठानों और विनिर्माण इकाइयों जैसी महत्वपूर्ण परिसंपत्तियों की सुरक्षा में दशकों का अनुभव रखने वाला गोदरेज अब एडवांस्ड एक्सेस मैनेजमेंट और एकीकृत सुरक्षा समाधानों के जरिए डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर इकोसिस्टम में अपनी पहुंच बढ़ा रहा है। ये समाधान खास तौर पर मिशन-क्रिटिकल वातावरण की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किए गए हैं।

यह सौदा दर्शाता है कि कंपनी एक पारंपरिक फिजिकल सिक्योरिटी प्रोवाइडर से टेक्नोलॉजी-आधारित सॉल्यूशंस पार्टनर के रूप में अपनी पहचान बदल रही है। अब गोदरेज फिजिकल और डिजिटल दोनों तरह के इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।

दो साल में ₹50 करोड़ राजस्व का लक्ष्य

कंपनी ने साफ किया है कि अगले दो वर्षों में विशेष रूप से डेटा सेंटर सेगमेंट से 50 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल करना है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए गोदरेज मिशन-क्रिटिकल सुविधाओं हेतु इंटीग्रेटेड सिक्योरिटी, की मैनेजमेंट, एक्सेस कंट्रोल और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोटेक्शन समाधानों के अपने पोर्टफोलियो का विस्तार कर रही है।

कंपनी बॉस का बयान

गोदरेज एंटरप्राइजेज ग्रुप के सिक्योरिटी सॉल्यूशंस कारोबार के बिजनेस हेड पुष्कर गोखले ने इस अवसर पर कहा कि जैसे-जैसे भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था फैल रही है, डेटा सेंटर महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर परिसंपत्तियों के रूप में उभर रहे हैं। ये क्लाउड सेवाओं और एआई वर्कलोड से लेकर डिजिटल भुगतान और एंटरप्राइज संचालन तक हर चीज को संचालित करते हैं। ऐसे इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा के लिए ऐसे समाधान चाहिए, जो सिर्फ अलग-अलग सिस्टम तक सीमित न हों, बल्कि बड़े स्तर पर अत्यधिक सुरक्षित एंड-टू-एंड विजिबिलिटी, ट्रेसबिलिटी, इंटीग्रेशन और परिचालन दक्षता दें।

उन्होंने आगे कहा कि डेटा सेंटरों के साथ हमारी पार्टनरशिप फिजिकल सिक्योरिटी, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और इंटेलिजेंट टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म के बीच बढ़ते तालमेल को दिखाती है। यह हमारी डिजाइन-इंजीनियरिंग क्षमताओं, टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप और सॉल्यूशन-केंद्रित सोच की ताकत का भी सबूत है। हम भविष्य के लिए तैयार सुरक्षा समाधानों के जरिए भारत की डिजिटल यात्रा में योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो मजबूत, सुरक्षित और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करने में मदद करेंगे।

Sandhya Samay News

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