Bengali Khichdi Recipe For Bhog: दुर्गा पूजा का त्योहार बंगाल की संस्कृति, परंपराओं और खानपान से गहराई से जुड़ा है। इस दौरान मां दुर्गा को कई तरह के पारंपरिक पकवानों का भोग लगाया जाता है। इन्हीं में से एक है बंगाली भोगेर खिचुरी, जिसे स्वाद, सुगंध और धार्मिक परंपरा के लिए खास माना जाता है। यह सामान्य खिचड़ी से थोड़ी अलग होती है, क्योंकि इसमें भुनी हुई पीली मूंग दाल, सुगंधित चावल, घी और साबुत मसालों का इस्तेमाल किया जाता है।
बंगाल में दुर्गा पूजा के दौरान कई पूजा पंडालों में भोग के रूप में खिचुरी के साथ लाबड़ा, बैंगन भाजा, चटनी और मिठाई भी परोसी जाती है। इसकी पारंपरिक रेसिपी में प्याज और लहसुन नहीं डाले जाते। यही वजह है कि यह सात्विक भोजन पसंद करने वालों के लिए भी एक अच्छा विकल्प है।
अगर आप भी इस दुर्गा पूजा घर पर बंगाली स्टाइल में भोग वाली खिचड़ी बनाना चाहते हैं, तो कुछ आसान टिप्स की मदद से इसका पारंपरिक स्वाद पा सकते हैं।
बंगाली खिचड़ी बनाने के लिए सामग्री
इस रेसिपी में इस्तेमाल होने वाली सामग्री आसानी से घर पर मिल जाती है।
- गोविंद भोग चावल – 1 कप
- पीली मूंग दाल – ¾ कप
- आलू – 1 मध्यम आकार का, टुकड़ों में कटा हुआ
- फूलगोभी – 1 कप, छोटे टुकड़ों में कटी हुई
- हरी मटर – ½ कप (वैकल्पिक)
- अदरक का पेस्ट – 1 बड़ा चम्मच
- तेजपत्ता – 2
- जीरा – 1 छोटा चम्मच
- सूखी लाल मिर्च – 2
- दालचीनी – 1 छोटा टुकड़ा
- हरी इलायची – 2
- लौंग – 3–4
- हल्दी पाउडर – 1 छोटा चम्मच
- जीरा पाउडर – ½ छोटा चम्मच
- हरी मिर्च – 2
घी – 2–3 बड़े चम्मच - सरसों का तेल – 1–2 बड़े चम्मच
- नमक और चीनी – स्वादानुसार
- गर्म पानी – लगभग 5–6 कप
- तैयारी का समय: 15–20 मिनट
- पकाने का समय: 30–40 मिनट
- कुल समय: लगभग 50–60 मिनट
बंगाली भोगेर खिचुरी बनाने की आसान विधि
1. मूंग दाल को अच्छी तरह भूनें
सबसे पहले एक भारी तले की कड़ाही गर्म करें और उसमें पीली मूंग दाल डालें। मध्यम से धीमी आंच पर दाल को लगातार चलाते हुए भूनें। जब दाल हल्की सुनहरी होने लगे और उसमें से अच्छी खुशबू आने लगे, तब गैस बंद कर दें। ध्यान रखें कि दाल का रंग बहुत गहरा न हो। दाल ठंडी होने के बाद इसे पानी से धोकर छान लें।
टिप: मूंग दाल को भूनने से खिचड़ी में खास खुशबू और पारंपरिक स्वाद आता है।
2. चावल को धोकर अलग रखें
गोविंद भोग चावल को दो से तीन बार साफ पानी से धो लें। इसके बाद चावल को 10–15 मिनट के लिए भिगोकर रखें और फिर पानी निकाल दें। गोविंद भोग चावल अपनी खुशबू और नरम बनावट के कारण इस रेसिपी के लिए अच्छा विकल्प है। अगर यह चावल उपलब्ध न हो, तो छोटे दाने वाले चावल का इस्तेमाल भी किया जा सकता है।
3. आलू और फूलगोभी को हल्का तलें
अब एक बड़े और भारी तले वाले बर्तन में सरसों का तेल गर्म करें। इसमें कटे हुए आलू डालकर हल्का सुनहरा होने तक तलें। इसके बाद फूलगोभी डालें और कुछ मिनट तक पकाएं। सब्जियां हल्की सुनहरी हो जाएं, तो उन्हें निकालकर अलग रख दें। चाहें तो इसी समय हरी मटर को भी हल्का भून सकते हैं।
4. साबुत मसालों का तड़का लगाएं
उसी बर्तन में घी डालें। घी गर्म होने पर तेजपत्ता, सूखी लाल मिर्च, जीरा, दालचीनी, हरी इलायची और लौंग डालें। मसालों को कुछ सेकंड तक भूनें, ताकि उनकी खुशबू घी में अच्छी तरह आ जाए। अब अदरक का पेस्ट डालकर कच्चापन दूर होने तक पकाएं। इसके बाद हल्दी और जीरा पाउडर डालकर अच्छी तरह मिला लें।
5. चावल, दाल और सब्जियों को मिलाएं
अब बर्तन में भुनी हुई मूंग दाल और भीगे हुए चावल डालें। इन्हें धीमी आंच पर एक से दो मिनट तक हल्के हाथ से चलाएं। इसके बाद तले हुए आलू, फूलगोभी और मटर डाल दें। हरी मिर्च, नमक और स्वाद के अनुसार थोड़ी चीनी मिलाएं। पारंपरिक स्वाद के लिए चीनी कम मात्रा में रखें, ताकि खिचड़ी का स्वाद संतुलित रहे।
6. गर्म पानी डालकर धीमी आंच पर पकाएं
अब बर्तन में लगभग 5 कप गर्म पानी डालकर सभी सामग्री को अच्छी तरह मिला लें। बर्तन को ढककर धीमी से मध्यम आंच पर पकने दें। बीच-बीच में खिचड़ी को चलाते रहें, ताकि दाल और चावल तले में न चिपकें। अगर खिचड़ी ज्यादा गाढ़ी हो जाए और दाल-चावल अभी पूरी तरह न पके हों, तो थोड़ा और गर्म पानी डालें।
जब चावल और दाल अच्छी तरह गल जाएं और खिचड़ी में हल्की गाढ़ी, नरम बनावट आ जाए, तब गैस बंद कर दें। ध्यान रखें कि ठंडा होने पर खिचड़ी और गाढ़ी हो सकती है।
7. घी डालकर गर्मागर्म परोसें
आखिर में खिचड़ी के ऊपर थोड़ा घी डालें और बर्तन को दो से तीन मिनट के लिए ढककर रख दें। इससे घी और मसालों की खुशबू अच्छी तरह घुल जाएगी। आपकी स्वादिष्ट बंगाली भोगेर खिचुरी तैयार है।
बंगाली भोग वाली खिचड़ी को किसके साथ परोसें?
दुर्गा पूजा के पारंपरिक भोग का स्वाद बढ़ाने के लिए खिचुरी को कई तरह के व्यंजनों के साथ परोसा जा सकता है।
- लाबड़ा: कद्दू, आलू, बैंगन और दूसरी मौसमी सब्जियों से बनी बंगाली मिक्स सब्जी।
- बैंगन भाजा: मसाले लगाकर तला हुआ बैंगन, जो खिचड़ी के साथ अच्छा लगता है।
- टमाटर की चटनी: हल्की मीठी-खट्टी चटनी भोजन का स्वाद बढ़ाती है।
- पायेश या खीर: भोजन के अंत में परोसी जाने वाली पारंपरिक मिठाई।
- खिचुरी को स्वादिष्ट बनाने के लिए अपनाएं ये टिप्स
- मूंग दाल को धीमी आंच पर भूनें, ताकि वह जले नहीं और उसकी खुशबू बनी रहे।
- गोविंद भोग चावल उपलब्ध हो, तो उसे प्राथमिकता दें।
- खिचड़ी पकाने के लिए गर्म पानी का इस्तेमाल करें और जरूरत के अनुसार इसकी मात्रा बढ़ाएं।
- पारंपरिक भोग का स्वाद बनाए रखने के लिए प्याज और लहसुन न डालें।
- खिचड़ी को बहुत सूखा न पकाएं। इसकी बनावट नरम और हल्की गाढ़ी होनी चाहिए।
- घी आखिर में डालने से इसकी खुशबू और स्वाद बेहतर महसूस होता है।
- इस दुर्गा पूजा घर पर बनाएं पारंपरिक बंगाली खिचुरी
बंगाली भोगेर खिचुरी सिर्फ एक व्यंजन नहीं, बल्कि दुर्गा पूजा की पारंपरिक भोजन संस्कृति का अहम हिस्सा है। भुनी मूंग दाल, सुगंधित चावल, साबुत मसालों और घी का मेल इसे खास बनाता है। सही मात्रा में पानी और धीमी आंच पर पकाने की तकनीक अपनाकर आप घर पर भी स्वादिष्ट भोग वाली खिचड़ी तैयार कर सकते हैं। इस दुर्गा पूजा इसे लाबड़ा, बैंगन भाजा और खीर के साथ परोसें और बंगाली पारंपरिक भोजन का आनंद लें।



























