Delhi News: दिल्ली में अपराध के ग्राफ में कमी आने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला उत्तर-पूर्वी दिल्ली के उस्मानपुर थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहां शनिवार की सुबह एक बेहद सनसनीखेज और दिल दहला देने वाला नजारा देखने को मिला। इलाके के हरे-भरे और लोकप्रिय डीडीए (DDA) ग्रीन पार्क में एक युवक का खून से लथपथ शव बरामद हुआ। इस घटना की जानकारी लगते ही आसपास के इलाके में दहशत का माहौल बन गया और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। आइए, इस खबर को विस्तार से समझते हैं और जानिए इस मुद्दे के विभिन्न पहलुओं को।
पार्क में सुबह-सुबह मचा कोहराम
मूल रूप से यह डीडीए पार्क सुबह-शाम मॉर्निंग वॉक और युवाओं के टहलने के लिए एक आम जगह माना जाता है। शनिवार सुबह जब कुछ लोग पार्क की सैर करने पहुंचे, तब उन्होंने एक युवक को लहूलुहान हालत में पड़े देखा। शुरुआत में लोगों को लगा कि युवक को किसी ने जहरीला पदार्थ खिला दिया है या बीमार हो गया है, लेकिन जब नजदीक गया तो खून से पटे शव को देखकर लोगों के होश उड़ गए। तत्काल इसकी सूचना स्थानीय पुलिस नियंत्रण कक्ष को दी गई।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव की शिनाख्त कराई, जिसके बाद खुलासा हुआ कि मृतक का नाम तौहीद है और वह पास ही स्थित सीलमपुर इलाके का निवासी था। तौहीद के परिजनों ने बताया कि शुक्रवार शाम करीब 7 से 8 बजे के बीच वह घर से निकला था। उसने परिजनों को बताया था कि वह डीडीए पार्क में थोड़ी देर टहलने जा रहा है और जल्द ही वापस आ जाएगा।
हालांकि, जब रात गुजरती गई और तौहीद घर नहीं लौटा, तो परिजनों की चिंता बढ़ने लगी। पूरी रात परिवार के लोगों ने उसके दोस्तों और रिश्तेदारों के यहां फोन करके और जाकर पता लगाने की कोशिश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। शनिवार की सुबह जब पुलिस की तरफ से फोन आया, तो परिवार के लिए यह दुनिया की सबसे बड़ी खबर बन गई। मृतक के पिता और भाईयों का रो-रोकर बुरा हाल है।
एक्शन मोड में पुलिस, FSL टीम ने खंगाले निशान
इस हत्याकांड की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस के आला अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। उत्तर-पूर्वी दिल्ली के डीसीपी (DCP) राहुल अलवाल ने खुद कमान संभाली। उन्होंने तुरंत जिला क्राइम ब्रांच की टीम और फॉरेंसिक साइंस लैबोरेट्री (FSL) के विशेषज्ञों को बुलाया।

पार्क के उस खंड को तुरंत बैरिकेडिंग करके सील कर दिया गया, ताकि कोई बाहरी व्यक्ति साक्ष्यों को नष्ट न कर सके। FSL टीम ने बारीकी से घटनास्थल का निरीक्षण किया। यह जानने की कोशिश की गई कि आखिर यह वारदात पार्क के किस हिस्से में हुई है। फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स ने जमीन पर मौजूद खून के धब्बों, कपड़ों के टुकड़ों और संभावित फिंगरप्रिंट्स को कलेक्ट किया।
जांच के अहम एंगल और CCTV फुटेज की तलाश
डीसीपी राहुल अलवाल ने मीडिया को बताया कि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि हत्या किस वजह से हुई है। शरीर पर कितनी चोटें हैं और मौत का असल कारण क्या है, इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा। हालांकि, पुलिस हर संभव एंगल पर जांच कर रही है।
पुलिस की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर CCTV फुटेज खंगालना है। पुलिस टीम पार्क के सभी एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग खींच रही है। साथ ही, आसपास की बिल्डिंग्स, दुकानों और घरों में लगे प्राइवेट सीसीटीवी कैमरों को भी स्कैन किया जा रहा है, ताकि यह पता चल सके कि शुक्रवार रात को तौहीद के साथ पार्क में कौन-कौन लोग मौजूद थे और किस अवस्था में वह अंदर गया था।

हत्यारों को ढूंढने में जुटी पुलिस
पुलिस ने तौहीद के शव को कब्जे में लेकर उसे नजदीकी सरकारी अस्पताल के शवगृह (मोर्चरी) में भेज दिया है, जहां पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की गई है। डॉक्टर्स की टीम यह जानने की कोशिश कर रही है कि क्या तौहीद के साथ किसी धारदार हथियार (जैसे चाकू या तलवार) से हमला किया गया, या फिर उसे लाठी-डंडों से पीटकर मौत के घाट उतारा गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हत्या का तरीका और समय साफ हो जाएगा, जिससे पुलिस को सुराग मिलेगा।
इस मामले में पुलिस ने तौहीद के दोस्तों, उसके मोबाइल फोन के कॉल डिटेल्स (CDR) और सोशल मीडिया गतिविधियों को भी स्कैन करना शुरू कर दिया है। यह जानने की कोशिश की जा रही है कि क्या उसका किसी से कोई पुराना विवाद चल रहा था या फिर किसी रिश्तेदारी या आर्थिक मामले को लेकर कोई दुश्मनी थी।






















