Delhi News: दिल्ली में अपराधिक घटनाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। हालांकि, दिल्ली पुलिस की सक्रियता के चलते कई मामलों का त्वरित खुलासा हो रहा है। ऐसा ही एक सनसनीखेज मामला सामने आया है उत्तर-पूर्वी दिल्ली के शास्त्री पार्क इलाके से, जहां महज एक थप्पड़ और पुरानी नफरत के चलते तीन युवकों ने मिलकर एक 20 वर्षीय युवक की निर्मम हत्या कर दी। न्यू उस्मानपुर थाना पुलिस ने इस खूनी खेल का पर्दाफाश महज 18 घंटे के अंदर-अंदर कर दिया है, जिसमें तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और हत्या में इस्तेमाल किया गया हथियार भी बरामद हो चुका है।
जाने क्या है पूरा मामला?
4 जुलाई की सुबह जब लोगों का आना-जाना शुरू हो रहा था, तभी न्यू उस्मानपुर थाना पुलिस को एक जानलेवा सूचना मिली। सूचना के मुताबिक, जेपीसी (JPC) अस्पताल के नजदीक स्थित एक डीडीए (DDA) पार्क के अंदर एक युवक खून से लथपथ हालत में पड़ा हुआ था। पुलिसकर्मी तत्काल मौके पर पहुंचे और गंभीर रूप से घायल युवक को इलाज के लिए अस्पताल भेजा। लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। शव की शिनाख्त के बाद पता चला कि मृतक न्यू सीलमपुर का रहने वाला 20 साल का तौहीद था।
सीसीटीवी और तकनीक का परचा
इस हत्याकांड ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यू उस्मानपुर थाने के एसएचओ (SHO) इंस्पेक्टर के.एल. यादव की अगुवाई में एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम बनाई गई। पुलिस ने मौके पर फोरेंसिक टीम को बुलाकर सबूत जुटाए। साथ ही, आसपास के इलाके के सीसीटीवी फुटेज को खंगाला गया और तकनीकी निगरानी के साथ-साथ इलाके के मुखबिरों के नेटवर्क को एक्टिव किया गया।
जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, पुलिस को कई अहम सुराग हाथ लगे। पूछताछ और जांच में खुलासा हुआ कि तौहीद की हत्या कोई आकस्मिक नहीं थी, बल्कि पहले से प्लान किया गया था। इसी सिलसिले में पुलिस ने तीन युवकों—शहनवाज (21 वर्ष), नूर हसन (20 वर्ष) और अनस (21 वर्ष) को हिरासत में लिया।
जब पुलिस ने इन तीनों से सख्ती से पूछताछ की, तो हत्या की वजह सुनकर हर किसी के होश उड़ गए। आरोपियों ने कबूल किया कि कुछ दिन पहले किसी बात पर तौहीद ने नूर हसन को जमकर थप्पड़ मारा था। इतना ही नहीं, तौहीद ने इस मामले में शहनवाज को भी खरी-खोटी सुनाते हुए गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी थी। इस ‘अपमान’ की बदला लेने की भावना ने तीनों के दिमाग में जहर घोल दिया और उन्होंने तौहीद को खत्म करने की रचना बना ली।

फंदसाजी और वारदात का अंजाम
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने साजिश के तहत तौहीद को शास्त्री पार्क स्थित डीडीए पार्क में किसी बहाने से बुलाया। जैसे ही तौहीद पार्क पहुंचा, वहां पहले से मौजूद तीनों हमलावरों ने उसे घेर लिया। शुरुआत में हल्की कहासुनी हुई, लेकिन तभी आरोपियों ने चाकू निकाल लिया और तौहीद पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। इस दौरान तौहीद चीखता-चिल्लाता रहा, लेकिन आरोपी उसे बचाने के बजाय वारदात को अंजाम देकर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।
इस मामले में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस की पड़ताल में सामने आया है कि मुख्य साजिशकर्ता शहनवाज कोई नया अपराधी नहीं है। इससे पहले भी वह लूटपाट (Robbery) के एक मामले में शामिल रह चुका है और उसका आपराधिक रिकॉर्ड पुलिस के पास मौजूद है। वर्तमान में पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या इन तीनों ने किसी बड़े गिरोह के लिए काम किया है या फिर यह पूरी साजिश सिर्फ निजी रंजिश तक सीमित थी।






















