Delhi News: दिल्ली के शाहदरा जिले में पुलिस ने संगठित जुआ कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरराज्यीय जुआ सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। शाहदरा जिला पुलिस की एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वॉड (AATS) ने पश्चिम नाथू कॉलोनी स्थित एक मकान पर छापा मारकर 21 लोगों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में 16 पुरुष और 5 महिलाएं शामिल हैं। पुलिस ने मौके से लाखों रुपये की गेमिंग चिप्स, नकदी, ताश की गड्डियां और जुए के संचालन में इस्तेमाल होने वाला अन्य सामान भी बरामद किया है। आइए, इस खबर को विस्तार से समझते हैं और जानिए इस मुद्दे के विभिन्न पहलुओं को।
गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों के अनुसार शाहदरा जिले में अवैध जुआ गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही थी। इसी दौरान 1 जुलाई 2026 को एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वॉड को सूचना मिली कि पश्चिम नाथू कॉलोनी के एक मकान की दूसरी मंजिल पर बड़े पैमाने पर जुआ खिलाया जा रहा है। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने बिना समय गंवाए कार्रवाई की योजना बनाई।
इंस्पेक्टर प्रतीक सक्सेना के नेतृत्व में गठित टीम सादे कपड़ों में मौके पर पहुंची और पूरे इलाके की निगरानी करने के बाद मकान पर छापा मारा। पुलिस ने वहां मौजूद सभी लोगों को जुआ खेलते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया।
छापेमारी में क्या-क्या हुआ बरामद
पुलिस की तलाशी के दौरान करीब 15 लाख रुपये मूल्य की कुल 2,998 गेमिंग चिप्स बरामद हुईं। इसके अलावा 77,900 रुपये नकद, 22 ताश की गड्डियां, नोटपैड, पेन और जुआ खेलने व हिसाब रखने में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री भी जब्त की गई।
पुलिस का कहना है कि बरामद सामान से स्पष्ट संकेत मिलता है कि यह कोई सामान्य जुआ नहीं बल्कि सुनियोजित तरीके से संचालित किया जा रहा संगठित नेटवर्क था।

दो लोग चला रहे थे पूरा नेटवर्क
पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों में शामिल अनिल चौधरी और सागर आहूजा ने पुलिस को बताया कि वे प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते हैं। जांच में सामने आया कि दोनों मिलकर इस जुआ अड्डे का संचालन कर रहे थे।
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने स्वीकार किया कि जुआ खेलने वाले प्रत्येक व्यक्ति से एक गेमिंग चिप के बदले 500 रुपये लिए जाते थे। इसी आधार पर पूरे खेल का लेनदेन संचालित किया जाता था। प्रारंभिक जांच में यह भी पता चला कि जुए के प्रत्येक सत्र से अच्छी-खासी रकम जुटाई जाती थी।
मकान मालिक को मिलता था किराया
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि जिस मकान की दूसरी मंजिल पर जुआ चलाया जा रहा था, वह लक्ष्मण दास नामक व्यक्ति का है। आरोपियों के अनुसार अनिल चौधरी हर जुआ सत्र आयोजित करने के लिए मकान मालिक को 30 हजार रुपये किराये के रूप में देता था।

पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि मकान मालिक को इस अवैध गतिविधि की पूरी जानकारी थी या नहीं। यदि जांच में उसकी भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
दिल्ली पब्लिक गैंबलिंग एक्ट के तहत मामला दर्ज
इस पूरे मामले में मानसरोवर पार्क थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ दिल्ली पब्लिक गैंबलिंग एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। गिरफ्तार सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनके आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।
शाहदरा के डीसीपी आर.पी. मीणा ने बताया कि शुरुआती जांच में इस जुआ रैकेट के अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। पुलिस अब वित्तीय लेनदेन, पहले आयोजित किए गए जुआ सत्रों, बैंक खातों, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच कर रही है।
इसके अलावा यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस नेटवर्क से दिल्ली के अलावा अन्य राज्यों के कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं। पुलिस का मानना है कि आने वाले दिनों में जांच के दौरान और भी अहम खुलासे हो सकते हैं।
संगठित अपराध पर पुलिस की सख्ती
दिल्ली पुलिस का कहना है कि राजधानी में अवैध जुआ और संगठित अपराध के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इस कार्रवाई को शाहदरा जिले में अवैध जुआ नेटवर्क के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के अवैध कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और जांच के आधार पर आगे भी गिरफ्तारियां की जा सकती हैं।
फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है। जांच पूरी होने के बाद इस मामले में और लोगों की गिरफ्तारी की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है।






















