Delhi News: सोशल मीडिया की दुनिया में वायरल होने और फेम पाने की चाहत कभी-कभी जानलेवा साबित हो सकती है।दिल्ली के बुराड़ी इलाके से एक ऐसा ही सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पूरी पुलिस प्रशासन को हिला कर रख दिया है। खुद को सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर बताने वाली एक महिला ने एक शख्स पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि कैसे इंस्टाग्राम पर शुरू हुई दोस्ती उसके लिए एक बड़ी मुसीबत बन गई। आरोपी ने पहले रील शूट का झांसा देकर उसका यौन शोषण किया, फिर आपत्तिजनक तस्वीरों से ब्लैकमेल करते हुए उसे और उसकी नाबालिग बेटी को धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया। आइए, इस खबर को विस्तार से समझते हैं और जानिए इस मुद्दे के विभिन्न पहलुओं को।
फर्जी पहचान से हुई शुरुआत
पीड़िता के बयान के अनुसार, यह पूरा मामला वर्ष 2022 से शुरू होता है। इंस्टाग्राम के माध्यम से महिला की मुलाकात एक युवक से हुई, जिसने अपना नाम ‘सन्नी’ बताया। आरोपी ने खुद को हिंदू धर्म का होने का दावा किया और धीरे-धीरे महिला का भरोसा जीत लिया। सोशल मीडिया पर रील्स और वीडियोज बनाने के शौक का फायदा उठाते हुए, आरोपी ने उससे एक साथ काम करने और वायरल रील शूट करने की बात कही।
महिला का आरोप है कि इसी रील शूट के झांसे में आकर वह बुराड़ी स्थित एक प्राइवेट होटल पहुंची, जहां आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया। विश्वास का यह खेल तब और उलझ गया, जब आरोपी ने इस पूरी घटना को अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया।
आपत्तिजनक सामग्री से ब्लैकमेलिंग और मानसिक यातना
होटल में हुई इस घटना के बाद आरोपी के असली इरादे सामने आ गए। पीड़िता ने बताया कि ‘सन्नी’ ने उसकी निजी तस्वीरों और वीडियो का हवाला देकर उसे डराना-धमकाना शुरू कर दिया। उसने कथित तौर पर कहा कि अगर वह उसकी बात नहीं मानेगी, तो वह यह आपत्तिजनक सामग्री सोशल मीडिया पर वायरल कर देगा और उसकी प्रतिष्ठा खत्म कर देगा।
इस डर के कारण महिला चुप रही और आरोपी ने इसका फायदा उठाकर कई महीनों तक उसका यौन शोषण किया। पीड़िता ने शिकायत में बताया कि इस दौरान उसे गहरी मानसिक यातना दी गई और वह सदमे में रही।

खुला सच: ‘सन्नी’ निकला शाकिब जरदारी
लंबे समय तक शोषण और ब्लैकमेलिंग का शिकार होने के बाद, एक दिन पीड़िता को आरोपी की असलियत का पता चला। उसे पता चला कि जिस व्यक्ति ने खुद को ‘सन्नी’ और हिंदू बताकर उसका विश्वास जीता था, उसका असली नाम शाकिब जरदारी है और वह उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले का रहने वाला है।
जब इस धोखाधड़ी की जानकारी महिला को हुई, तो उसने तुरंत शाकिब से संपर्क तोड़ लिया। लेकिन मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। शिकायत के अनुसार, अब शाकिब के परिवार ने मोर्चा संभाल लिया। उसके भाई अफरोज और जीजा उस्मान ने मिलकर महिला को फिर से टारगेट करना शुरू कर दिया और धमकियां देने लगे।
मदरसे में बुलाकर धर्म परिवर्तन का दबाव
मामले का सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया, जब पीड़िता ने धर्म परिवर्तन का आरोप लगाया। उसने बताया कि आरोपियों ने उसे बुराड़ी स्थित एक स्थानीय मदरसे में बुलाया। वहां पर उस पर और उसकी मासूम बेटी पर धर्म परिवर्तन करने का भयंकर दबाव बनाया गया।

शिकायत में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने धर्म बदलने के एवज में महिला को आर्थिक लालच दिया। उन्होंने कहा कि अगर वह और उसकी बेटी इस्लाम कबूल कर लें, तो उन्हें पैसे दिए जाएंगे और उनका अच्छा भविष्य सुनिश्चित किया जाएगा।
बिखरा घर और तबाह हुआ वैवाहिक जीवन
जब महिला ने इस कथित धर्म परिवर्तन के प्रस्ताव और दबाव का सख्ती से विरोध किया, तो आरोपियों ने अपनी नापाक हरकतों का चरमोत्कर्ष कर दिया। पीड़िता के मुताबिक, शाकिब और उसके परिजनों ने उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो सीधे उसके पति के मोबाइल पर भेज दिए।
इस कदम ने महिला की जिंदगी पूरी तरह तबाह कर दी। पति को मिली इस जानकारी ने घर में आग लगा दी। वैवाहिक जीवन में गंभीर विवाद शुरू हो गया और परिस्थितियां इतनी बिगड़ गईं कि पीड़िता महिला को अपना घर छोड़ना पड़ा। आज वह बेघर होकर इंसाफ की गुहार लगा रही है।
पुलिस की कार्रवाई और वर्तमान स्थिति
इस पूरे प्रकरण को लेकर पीड़िता ने पहले दिल्ली पुलिस मुख्यालय में अपनी फरियाद दर्ज कराई। जांच के बाद मामले को बुराड़ी थाने में स्थानांतरित कर दिया गया, जहां महिला के बयान के आधार पर संबंधिध धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने तत्काल पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया है और साक्ष्य जुटाने का काम शुरू कर दिया है।
डीसीपी नॉर्थ राजा बांठिया ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने शिकायत दर्ज कर ली है और जांच तेजी से जारी है। हालांकि, फिलहाल इस मामले में आरोपी शाकिब जरदारी, उसके भाई अफरोज और जीजा उस्मान सहित किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। पुलिस की टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी हुई हैं और सीसीटीवी फुटेज व डिजिटल रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।






















