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दिल्ली: बवाना में दिनदहाड़े गोलियों से भूना युवक, इलाके में दहशत

Delhi News: प्रारंभिक जांच में पुलिस को कई अहम बिंदु सामने आए हैं। सबसे बड़ा एंगल जिसपर पुलिस की नजर है, वह है 'पुरानी रंजिश'। जांच में चौंकाने वाला खुलासा यह भी सामने आया है कि मृतक केशव के परिवार में पहले भी हत्याओं का इतिहास रहा है। परिवार के सदस्यों की पहले भी गोली मारकर हत्या की जा चुकी है।

दिल्ली के बवाना में दिनदहाड़े युवक पर ताबड़तोड़ फायरिंग हत्या

HIGHLIGHTS

  • बवाना में गोली मारकर युवक की हत्या इलाके में दहशत
  • पुठ खुर्द गांव में अंधाधुंध फायरिंग से युवक की मौत
  • बवाना के गांव में गोली मारकर युवक की दिनदहाड़े हत्या
  • बवाना में केशव नामक युवक पर ताबड़तोड़ फायरिंग से मौत
  • चार हमलावरों ने बवाना में युवक को गोलियों से भूना

Delhi News: दिल्ली में अपराधियों के हौसले एक बार फिर कमर तोड़ते नजर आ रहे हैं। दिल्ली के बवाना थाना इलाके के पुठ खुर्द गांव में दिनदहाड़े एक युवक की गोलियों से भूनकर हत्या का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। हथियारबंद हमलावरों ने पहले से ही घात लगाकर युवक पर ताबड़तोड़ फायरिंग की। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सन्नाटा और दहशत का माहौल है। वारदात इतनी तेजी से हुई कि मौके पर मौजूद लोगों के पैर जमीन पर टिक नहीं पाए। आइए, इस खबर को विस्तार से समझते हैं और जानिए इस मुद्दे के विभिन्न पहलुओं को।

कैसे हुई पुठ खुर्द गांव में वारदात?

मिली जानकारी और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के अनुसार, यह पूरी घटना बेहद बोल्ड अंदाज में अंजाम दी गई। मृतक युवक जब इलाके से गुजर रहा था, तभी 4 से 5 हथियारबंद हमलावर पहले से घात लगाए बैठे थे। जैसे ही युवक उनकी नजर के रास्ते में आया, हमलावरों ने अचानक उस पर हमला बोल दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मौके पर करीब 8 से 10 राउंड फायरिंग की आवाज सुनाई दी। अपराधियों ने इतनी तेजी से गोलियां चलाईं कि युवक को बचने का कोई मौका ही नहीं मिला। इस गोलीबारी में युवक के शरीर में करीब 5 से 6 गोलियां घुस गईं, जिससे वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर गया। गोलियों की आवाज सुनकर आसपास के लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक अपराधी फायरिंग करते हुए आसानी से फरार हो चुके थे।

मृतक की पहचान और अस्पताल में मौत

इस बर्बर हत्याकांड के शिकार युवक की पहचान 22 वर्षीय केशव के रूप में हुई है। केशव पुठ खुर्द गांव का ही रहने वाला था। गोलियां लगने के बाद उसे तुरंत इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि, युवक की हालत इतनी गंभीर थी कि डॉक्टरों ने उसे बचाने के सभी प्रयास विफल होने के बाद मृत घोषित कर दिया। अस्पताल में युवक के शव को देखकर उसके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

पुलिस की कार्रवाई और जांच का दायरा

बता दें कि वारदात की सूचना मिलते ही बवाना थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने तत्काल इलाके की घेराबंदी कर दी और घटनास्थल को फॉरेंसिक टीम के सुपुर्द कर दिया। फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स मौके से खोखे और अन्य सबूत जुटाने में जुट गए हैं। सबसे अहम बात यह है कि पुलिस ने आसपास के इलाकों और गलियों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगालना शुरू कर दिया है।

डीसीपी आउटर नॉर्थ सुबोध सक्सेना ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए बताया कि अभी पुलिस सीसीटीवी के फुटेज चेक कर रही है और परिवार से गहराई से जानकारी ली जा रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि सभी तथ्यों के आधार पर जांच प्रगति पर है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।

हत्या के पीछे क्या है मकसद? पुलिस की ये अनुमान

प्रारंभिक जांच में पुलिस को कई अहम बिंदु सामने आए हैं। सबसे बड़ा एंगल जिसपर पुलिस की नजर है, वह है ‘पुरानी रंजिश’। जांच में चौंकाने वाला खुलासा यह भी सामने आया है कि मृतक केशव के परिवार में पहले भी हत्याओं का इतिहास रहा है। परिवार के सदस्यों की पहले भी गोली मारकर हत्या की जा चुकी है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह हमला किसी आपसी दुश्मनी या पुरानी बदले की भावना का नतीजा हो सकता है। इसके अलावा गैंगवार और इलाके में अपनी दबदबा बनाने की लड़ाई के एंगल से भी पुलिस जांच कर रही है। क्या केशव किसी गैंग से जुड़ा था या उसके परिवार वालों के दुश्मन उसे निशाना बना रहे हैं, इसका पता लगाया जा रहा है।

दिल्ली में फिर से खड़े हुए सुरक्षा के सवाल

दिल्ली पुलिस लगातार इस दावे कर रही है कि शहर में अपराधिक गतिविधियों पर काबू पाया जा रहा है और एंटी-गैंग टास्क फोर्स सक्रिय है, लेकिन बवाना जैसे इलाकों में दिनदहाड़े 8-10 राउंड फायरिंग करना इस दावे की कलई खोलता नजर आ रहा है।

अपराधियों में पुलिस का कोई डर नहीं बचा है, जिसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने भीड़भाड़ वाले इलाके में खुलेआम वारदात को अंजाम दिया। लोगों का कहना है कि अगर इस तरह की घटनाएं रुकी नहीं, तो आम नागरिकों को बाहर निकलने में डर लगने लगेगा।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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