भाजपा (BJP) के स्थापना दिवस पर गोरखपुर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कई बड़ी घोषणाएं कीं। सीएम योगी ने आगामी 14 अप्रैल को बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर प्रदेश भर में उनकी प्रतिमाओं पर छत्र लगाने और पार्कों के सौंदर्यीकरण का ऐलान किया। वहीं, दूसरी ओर उनके द्वारा सालार मसूद गाजी को ‘माफिया’ और ‘खलनायक’ करार देने के बाद AIMIM ने भारी नाराजगी जताई है।
अंबेडकर प्रतिमाओं पर लगेगा ‘छत्र’, कार्यकर्ता करेंगे स्वच्छता अभियान
सीएम योगी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए बताया कि 14 अप्रैल को बाबा साहब की जयंती पर एक बड़ा सामाजिक न्याय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश भर में जहां भी डॉ. अंबेडकर की प्रतिमाएं स्थापित हैं, वहां सरकार उन पर छत्र (कैनोपी) लगाएगी। इसके अलावा उन स्थानों पर बाउंड्री वॉल का निर्माण और पार्कों के सुंदरीकरण का कारय सरकार अपने हाथ में लेगी।
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इतिहास के नायकों को लेकर छिड़ी सियासी जंग
गोरखपुर कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाराजा सुहेलदेव को ‘राष्ट्र नायक’ और सालार मसूद गाजी को ‘माफिया’ करार दिया था। इसी बयान पर AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने पलटवार किया है। शौकत अली ने सीएम पर इतिहास से छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री गलत इतिहास पेश कर रहे हैं।
AIMIM नेता ने राजा सुहेलदेव के भारत की आजादी या निर्माण में किसी योगदान से इनकार किया। उन्होंने अपने बचाव में तर्क दिया कि सालार मसूद गाजी के प्रति बड़ी संख्या में मुसलमानों के साथ-साथ हिंदू भाइयों की भी गहरी आस्था है। उन्होंने कहा, “अगर गाजी आक्रांता या लुटेरे होते, तो हिंदू समुदाय में उनके प्रति यह आस्था नहीं होती।”























