अभिजीत पाण्डेय
पटना। केंद्रीय मंत्री बनने के बाद चिराग पासवान ने पहली बार बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से उनके आवास पर मुलाकात की। इस दौरान चिराग पासवान ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से आशीर्वाद लिया। दोनों नेताओं के बीच हुई इस मुलाकात को बिहार की आगामी राजनीतिक गतिविधियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, चिराग पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी सिलसिले में चिराग पासवान अलग-अलग क्षेत्रों का दौरा कर पार्टी की स्थिति और संगठन की तैयारियों का जायजा ले रहे हैं।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात के दौरान बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर भी चर्चा हुई। चिराग पासवान की पार्टी चुनावी तैयारियों में जुटी हुई है और विभिन्न क्षेत्रों में पार्टी की स्थिति की जानकारी जुटाई जा रही है।
मुलाकात के दौरान चिराग पासवान ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सामने कुछ स्थानीय और प्रशासनिक मुद्दों को भी रखा। इनमें दफादार और चौकीदारों के आश्रितों की नियुक्ति का मुद्दा प्रमुख रहा।
चिराग पासवान ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बताया कि पूर्व से सेवानिवृत्त और सेवानिवृत्त होने वाले दफादारों एवं चौकीदारों के आश्रितों की बहाली तथा स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने वाले कर्मचारियों के शेष आश्रितों को अभी तक नियुक्ति पत्र जारी नहीं किया गया है।
उन्होंने कहा कि दूसरी ओर एक-दो जिलों में नई बहाली की प्रक्रिया शुरू किए जाने की जानकारी सामने आई है, जो चिंता का विषय है।
चिराग पासवान ने मुख्यमंत्री से मांग की कि आश्रितों की नियुक्ति से संबंधित प्रक्रिया को पूर्व की व्यवस्था के अनुसार फिर से बहाल किया जाए, ताकि पात्र आश्रितों को नियुक्ति का लाभ मिल सके।
मुलाकात के दौरान बिहार में निर्माणाधीन पुलों के गिरने की घटनाओं का मुद्दा भी उठाया गया। चिराग पासवान ने इस विषय पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से बातचीत की और संबंधित मामलों में कार्रवाई की आवश्यकता बताई।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर से इन मुद्दों पर जल्द से जल्द संबंधित विभागों के स्तर पर आवश्यक कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया गया।
बिहार में विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की गतिविधियां तेज हो रही हैं। इसी क्रम में चिराग पासवान भी पार्टी संगठन को मजबूत करने और विभिन्न क्षेत्रों में पार्टी की स्थिति का जायजा लेने में जुटे हैं। नीतीश कुमार के साथ उनकी यह मुलाकात चुनावी तैयारियों के साथ-साथ दफादार-चौकीदारों की नियुक्ति और पुल निर्माण से जुड़े मुद्दों को लेकर भी चर्चा में रही।


























