NSG Commandos Liquor Quota : देश की सुरक्षा में दिन-रात तैनात रहने वाले नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) के ब्लैक कैट कमांडोज किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। बेहद खतरनाक हालात और हाई-रिस्क मिशनों को अंजाम देने वाले इन जवानों को सरकार की ओर से कई विशेष सुविधाएं और भत्ते दिए जाते हैं। इन्हीं सुविधाओं में सेना की CSD (Canteen Stores Department) कैंटीन की सुविधा भी शामिल है, जहां बाजार से काफी सस्ते दामों पर सामान और शराब मिलती है। लेकिन क्या ब्लैक कैट कमांडोज को भी शराब का कोटा मिलता है? आइए जानते हैं इसके पीछे का पूरा सच।
ब्लैक कैट कमांडोज कौन होते हैं?
NSG देश का सबसे गंभीर सुरक्षा खतरों से निपटने वाला एलीट स्पेशल फोर्स है। दिलचस्प बात यह है कि इसमें जवानों की सीधी भर्ती नहीं होती। भारतीय सेना और राज्य पुलिस के बेहतरीन और बहादुर जवानों को चुना जाता है, जिन्हें फिर मरणात्मक ट्रेनिंग दी जाती है। इनकी ड्यूटी का जोखिम इतना अधिक होता है कि इन्हें विशेष रिस्क भत्ता और सुविधाएं दी जाती हैं।
क्या मिलता है शराब का कोटा?
जी हां, ब्लैक कैट कमांडोज को भी डिफेंस फोर्सेज के अन्य कर्मियों की तरह CSD कैंटीन के जरिए शराब खरीदने का तय कोटा मिलता है। हालांकि, यह कोटा पूरी तरह से उनके रैंक और सेना के नियमों पर निर्भर करता है।
- सीनियर अधिकारियों को महीने में लगभग 8 से 10 बोतल खरीदने की अनुमति होती है।
- जूनियर कमीशंड अधिकारियों (JCO) को 6 से 7 बोतल का कोटा दिया जाता है।
- अन्य जवानों को करीब 4 से 5 बोतल तक खरीदने की सीमा तय होती है।
CSD कैंटीन में कितनी सस्ती मिलती है शराब?
CSD कैंटीन में शराब इतनी सस्ती क्यों मिलती है, इसका सबसे बड़ा कारण टैक्स और एक्साइज ड्यूटी में मिलने वाली भारी छूट है। यहां कीमतें बाजार से लगभग 30 प्रतिशत से 50 प्रतिशत तक कम होती हैं।
बाजार और CSD कैंटीन के दामों में आप इतना बड़ा अंतर देख सकते हैं:
- बाजार में जो शराब 1000 से 1500 रुपये में मिलती है, वह CSD में 450 से 800 रुपये के बीच आ जाती है।
- रम के कुछ ब्रांड 160 से 180 रुपये के आसपास मिल जाते हैं।
- 750 ml व्हिस्की करीब 420 से 480 रुपये में उपलब्ध होती है।
- बीयर लगभग 90 रुपये प्रति बोतल या कैन के भाव से मिलती है।
क्या इसमें कोई खामियाजा भी है? (सख्त नियम)
CSD कैंटीन की यह सुविधा किसी भी तरह से ‘खुली छूट’ नहीं है। इसे लेकर बहुत सख्त नियम और नियंत्रण लागू हैं:
- स्मार्ट कार्ड जरूरी: यहां खरीदारी सिर्फ स्मार्ट कार्ड के जरिए ही की जा सकती है और हर लेन-देन का पूरा रिकॉर्ड डिजिटल सिस्टम में दर्ज होता है।
- कोटे की सीमा: कोई भी व्यक्ति अपने रैंक के तय कोटे से ज्यादा शराब नहीं खरीद सकता।
- सख्त कार्रवाई: नियमों का उल्लंघन करने वाले जवानों या अधिकारियों के खिलाफ सेना के कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाती है।
- बिक्री पर पाबंदी: CSD से खरीदी गई शराब को किसी भी हालत में बाहर बेचना या किसी बिजनेस (व्यापार) में इस्तेमाल करना पूरी तरह से गैरकानूनी है। यह सुविधा सिर्फ पर्सनल यूज (व्यक्तिगत उपयोग) के लिए होती है।
NSG कमांडोज की सैलरी और भत्ते
इन जवानों की जिंदगी खतरों से भरी होती है, इसलिए सरकार उन्हें आर्थिक रूप से भी मजबूत रखती है। उनका मासिक वेतन उनकी पोस्ट और अनुभव के अनुसार 80,000 रुपये से लेकर 3,00,000 रुपये तक हो सकता है। इसके अलावा, उन्हें हर महीने 25,000 से 40,000 रुपये का ‘जोखिम भत्ता’ (Risk Allowance) भी दिया जाता है।























