Digital Crime Network UP News : सोशल मीडिया का इस्तेमाल अपने अपराधिक फैलाव के लिए करने वाले एक खतरनाक गैंग का पर्दाफाश संभल पुलिस ने किया है। पुलिस ने ‘बाबा गैंग’ के 6 शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है, जो वॉट्सएप और फेसबुक पर ग्रुप बनाकर लोगों से रंगदारी वसूलते थे। विरोध करने पर ये बदमाश जान से मारने की धमकी देते थे और हवाई फायरिंग भी कर देते थे। पुलिस के पास से बदमाशों के पास से दो तमंचे, कारतूस और एक गाड़ी बरामद की गई है।
क्या है पूरा मामला?
मामला जुनावई थाना इलाके के दफ्तरा हिमाचल गांव का है। 6 मई को रामपाल नाम के एक राहगीर को रास्ते में रोक लिया गया। बदमाशों ने खुद को ‘बाबा गैंग’ का सदस्य बताते हुए उससे डेढ़ लाख रुपये की रंगदारी मांगी। जब रामपाल ने रंगदारी देने से मना किया, तो आरोपियों ने उसे जान से मारने की धमकी दी और हवाई फायरिंग कर दहशत फैलाते हुए मौके से फरार हो गए।
इसकी शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया और बदमाशों की तलाश शुरू कर दी।
पुलिस एक्शन और गिरफ्तारी
अपर पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी) मनोज रावत के नेतृत्व में एसओजी और सर्विलांस टीमों ने छापेमारी कर बाबा गैंग के 6 शातिर बदमाशों— कुलदीप, अमन, सुरेंद्र, अंकित, प्रिंस और अवधेश को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने इनके कब्जे से 2 तमंचे, जिंदा कारतूस और एक वाहन बरामद किया है।
सोशल मीडिया पर बना था अपराध का नेटवर्क
गिरफ्तार आरोपियों की पूछताछ में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस को पता चला कि इस गैंग में 25 से 30 बदमाश शामिल हैं, जो पूरे ऑपरेशन को चला रहे हैं। इस गैंग ने वॉट्सएप और फेसबुक सहित अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ‘बाबा गैंग’ के नाम से ग्रुप बना रखा था। इन ग्रुप्स के जरिए ही ये अपने नेटवर्क को ऑपरेट करते थे और लोगों को डरा-धमकाकर रंगदारी वसूलने की कोशिश करते थे।
पुलिस का बयान
अपर पुलिस अधीक्षक मनोज रावत ने बताया कि 6 मई को रामपाल ने शिकायत की थी कि अंकित और अवधेश नाम के युवकों सहित अन्य लोगों ने उसे रोककर डेढ़ लाख की रंगदारी मांगी और मना करने पर फायरिंग कर जान से मारने की धमकी दी। मामले में 6 आरोपियों को अरेस्ट किया गया है, जिनके पास से तमंचे, कारतूस और गाड़ी बरामद हुई है। बाकी बचे अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी जारी रखी है और पूरे नेक्सस का पर्दाफाश किया जाएगा। फिलहाल, पुलिस बाकी बचे 20-25 बदमाशों की पहचान कर रही है और सोशल मीडिया ग्रुप्स के डिजिटल एविडेंस को भी जब्त करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

























