स्मार्ट सिटी और स्वच्छता अभियान के बीच गोरखपुर में ‘शेर’ बना सियासी सवाल

Gorakhpur News: रवि किशन ने सीएम की तारीफ करते हुए कहा, "योगी जी कचरे में भी हीरा ढूंढ लेते हैं। जहां कुछ नहीं दिखता, वहां भी संभावनाएं तलाश लेते हैं।" उन्होंने एकला बांध का उदाहरण देते हुए कहा कि जहां पहले गटर और गंदगी थी, वहां अब रोजगार के अवसर बन रहे हैं। उन्होंने यहां तक कहा कि भविष्य में यह ईको पार्क फिल्म शूटिंग के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे स्थानीय युवाओं को फायदा होगा।

गोरखपुर में रवि किशन के 'लो एंगल' वाले वीडियो ने गरमाई सियासत

HIGHLIGHTS

  • 'कचरे में भी हीरा ढूंढ लेते हैं योगी जी',
  • रवि किशन ने सीएम की तारीफ में कही ये बात
  • 'नकली शेर' पर अखिलेश का तंज
  • योगी-रवि किशन की जोड़ी ने मचाई धूम
  • योगी की तस्वीर पर अखिलेश ने कसा तंज

UP News : गोरखपुर में 1055 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं के शुभारंभ कार्यक्रम में विकास की बातें तो हुईं, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा भाजपा सांसद रवि किशन के एक ‘फिल्मी अंदाज’ ने बटोर ली। कार्यक्रम स्थल पर टायरों से बनी एक शेर की प्रतिमा के पास जब सीएम योगी आदित्यनाथ फोटो खिंचवाने पहुंचे, तो रवि किशन ने डायरेक्टर की भूमिका निभाते हुए उन्हें पोज देना सिखाना शुरू कर दिया।

वायरल हो रहे वीडियो में रवि किशन सुझाव देते हुए सुनाई दे रहे हैं, “महाराज जी, थोड़ा इधर… हां, अब लो एंगल लीजिए… शेर का फेस आना चाहिए।” उनकी यह बात सुनकर आसपास खड़े लोगों की फूट-फूट कर हंसी छूट गई और खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मुस्कुराने पर मजबूर हो गए।

‘कचरे में हीरा खोज लेते हैं योगी जी’

इस हल्के-फुल्के वातावरण के बाद मंच पर विकास के अजेंडे पर बात हुई। सांसद रवि किशन ने सीएम की तारीफ करते हुए कहा, “योगी जी कचरे में भी हीरा ढूंढ लेते हैं। जहां कुछ नहीं दिखता, वहां भी संभावनाएं तलाश लेते हैं।” उन्होंने एकला बांध का उदाहरण देते हुए कहा कि जहां पहले गटर और गंदगी थी, वहां अब रोजगार के अवसर बन रहे हैं। उन्होंने यहां तक कहा कि भविष्य में यह ईको पार्क फिल्म शूटिंग के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे स्थानीय युवाओं को फायदा होगा।

नीयत साफ हो तो नियति बदलती है: सीएम योगी

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर के बदले हुए चेहरे को प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा, “अगर नीयत साफ हो और इरादा मजबूत हो, तो नियति बदलने में देर नहीं लगती। बीते 9 वर्षों में गोरखपुर ने जो बदलाव देखा है, वह सिर्फ योजनाएं बनाने से नहीं, बल्कि उन्हें जमीन पर उतारने की प्रतिबद्धता का नतीजा है।”

सीएम ने ‘कचरे से ईको पार्क’ की यात्रा को याद करते हुए बताया कि एक समय गोरखपुर में प्रवेश करते ही ट्रांसपोर्टनगर और एकला बांध पर कचरे के ढेर और बदबू का सामना होता था। वायु और जल प्रदूषण की वजह से NGT द्वारा जुर्माना भी लगा, लेकिन समस्या को गंभीरता से लेने के बाद आज वही जगह एक खूबसूरत ईको पार्क बन चुकी है।

हर क्षेत्र में बदलाव की तस्वीर

मुख्यमंत्री ने गोरखपुर की बदली तस्वीर को कई पॉइंट्स में रखा:

  • स्वास्थ्य:  एम्स और बीआरडी मेडिकल कॉलेज ने शहर को नई पहचान दी।
  • शिक्षा: चार विश्वविद्यालयों की मौजूदगी ने शहर को शैक्षणिक हब बना दिया।
  • खेल: कई मिनी स्टेडियम बन चुके हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्र में एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम तैयार हो रहा है।
  • रोजगार: खाद कारखाने का पुनरुद्धार और पिपराइच में चीनी मिल की स्थापना से नए अवसर पैदा हुए हैं।

स्मार्ट सिटी और ‘स्वच्छ स्कूल अभियान’

सीएम ने बताया कि प्रधानमंत्री के विजन के तहत गोरखपुर स्मार्ट और सुरक्षित शहर की तरफ बढ़ रहा है। स्मार्ट सड़कें, ग्रीन बेल्ट, खुली नालियों को ढकना और जल निकासी जैसे काम तेजी से हो रहे हैं। इस दौरान उन्होंने ‘स्वच्छ स्कूल अभियान’ की भी शुरुआत की, जिसके तहत एक लाख से अधिक बच्चों को जोड़कर ‘रिड्यूस, रियूज और रिसाइकिल’ के बारे में जागरूक किया जाएगा ताकि स्वच्छता एक जन आंदोलन बन सके।

अखिलेश यादव ने साधा निशाना

हालांकि, इस कार्यक्रम और खासकर टायर से बने ‘शेर’ को लेकर सियासी तंज भी शुरू हो गया है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर व्यंग्य करते हुए लिखा, “‘नक़ली शेर’ के साथ मुस्कान असली देखें तो हो जाएं धड़ाम। लगता है कोरोना काल का शेर है, तभी ‘बाल-अयाल’ इतने लंबे हैं।”* उन्होंने सपा सरकार में बनी इटावा की लायन सफारी का जिक्र करते हुए तंज कसा कि असली शेर सामने आ जाए तो तस्वीर बदल सकती है।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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