महर्षि नगर में शारदीय नवरात्रि, दुर्गा पूजा का शुभारंभ

नोएडा के महर्षि नगर में शारदीय नवरात्रि पर दुर्गा पूजा व रामलीला मंचन शुरू, 11 से 21 अक्टूबर तक चलेगा आयोजन। 20 अक्टूबर को रावण दहन। जानें पूरा कार्यक्रम।

नोएडा के महर्षि नगर में नवरात्रि उत्सव शुरू

HIGHLIGHTS

  • महर्षि नगर में 11 दिन चलेगा धार्मिक आयोजन
  • नवरात्रि में यज्ञ अनुष्ठान से मिलेगा इच्छित फल
  • फ्री में देखें रामलीला, महर्षि नगर बुला रहा
  • नोएडा के महर्षि नगर में गूंजे दुर्गा जयकारे

शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व पर महर्षि नगर में दुर्गा पूजा और रामलीला मंचन का आयोजन शुरू हो गया है। महर्षि वेद विज्ञान विद्यापीठ के परिसर में आयोजित हो रहा यह धार्मिक कार्यक्रम 11 अक्टूबर से प्रारंभ हुआ, जो 21 अक्टूबर तक निरंतर चलेगा। सुबह से देर रात तक चलने वाले इस आयोजन के कारण समूचा महर्षि नगर आज भक्ति और अध्यात्म की गूंज से सरोबार दिख रहा है। मंदिर परिसर में मां दुर्गा के जयकारे, वैदिक मंत्रोच्चार और भजनों की गूंज सुबह से ही श्रद्धालुओं का विशाल जमघट खिंच रही है।

प्राण प्रतिष्ठा वैदिक विद्वानों द्वारा संपन्न

महर्षि नगर में मां दुर्गा, गणेश जी, लक्ष्मी जी, सरस्वती जी, कार्तिकेय सहित भगवान श्री राम और लक्ष्मण की मूर्ति स्थापना एवं प्राण प्रतिष्ठा महर्षि संस्थान के अध्यक्ष अजय प्रकाश श्रीवास्तव की उपस्थिति में वैदिक विद्वानों द्वारा विधि-विधान के साथ की गई। प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर वैदिक मंत्रों के साथ यज्ञ अनुष्ठान भी संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पुण्य लाभ प्राप्त किया। आयोजन स्थल पर देवी-देवताओं की आकर्षक सजावट देखकर आने वाले भक्तों का मन मुग्ध हो रहा है।

रोजाना का कार्यक्रम ऐसा रहेगा

महर्षि वेद विज्ञान विद्यापीठ के मीडिया प्रभारी ए. के. लाल ने बताया कि शारदीय नवरात्रि के दौरान यहां रोजाना सुबह दुर्गा पूजन किया जाएगा, जबकि सायंकाल को भजन, वेद पाठ, प्रवचन तथा आरती का आयोजन होगा। वहीं रात्रि 8 बजे से श्री रामलीला का मंचन होगा।

इसी क्रम में विजयादशमी के संयोजक रामेन्द्र सचान ने कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन प्रातः 9 बजे से दुर्गा पूजन एवं पाठ होगा। इसके बाद सायं 7 बजे से भजन एवं वेद पाठ करके प्रवचन होगा तथा आरती संपन्न होगी। आरती के पश्चात रात्रि 8 बजे से महर्षि श्री रामलीला का मंचन प्रारंभ होगा।

20 अक्टूबर को रावण दहन, 21 को भरत-भरत मिलाप व राजतिलक

रामेन्द्र सचान के अनुसार 20 अक्टूबर को विजयादशमी महोत्सव के अवसर पर रावण का दहन किया जाएगा, जिसमें भारी संख्या में लोगों के उमड़ने की उम्मीद है। वहीं 21 अक्टूबर को भरत-भरत मिलाप तथा राजतिलक का मंचन किया जाएगा। रामलीला के प्रत्येक दिन के अंत में श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया जाएगा।

शारदीय नवरात्रि के अवसर पर आयोजित यज्ञ अनुष्ठान और संकल्पों से इच्छित कार्यों की प्राप्ति होती है। महर्षि परंपरा का पालन करते हुए महर्षि योगी के निर्देशन में, विश्व चेतना में देवी शक्ति के जागरण के उद्देश्य से यहां ज्योतिर्लिंगों एवं शक्ति पीठों की स्थापना की जा रही है। इस अवधि के दौरान नियमित रूप से वेद पाठ, यज्ञ अनुष्ठान एवं धार्मिक अनुष्ठान आदि निरंतर हो रहे हैं। वैदिक विद्वान बताते हैं कि नवरात्रि काल में किए गए अनुष्ठान से मन, बुद्धि और आत्मा की शुद्धि होती है तथा वातावरण में सात्विकता का संचार होता है।

देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं में उत्साह

महर्षि नगर में आयोजित होने वाली इस दुर्गा पूजा और रामलीला की अपनी विशेष पहचान रही है। हर वर्ष की भांति इस बार भी देश के विभिन्न हिस्सों से ही नहीं, बल्कि विदेशों में बसे अनुयायी भी इस आयोजन में शामिल होने के लिए उत्साहित हैं। नौ दिनों तक चलने वाले इस अध्यात्मिक आयोजन में बच्चे, युवा, वृद्ध — सभी वर्ग के लोग बढ़-चढ़कर भागीदारी कर रहे हैं।

मुख्य अतिथि रहे महर्षि संस्थान के अध्यक्ष

आज महर्षि नगर में आयोजित दुर्गा पूजा में मुख्य अतिथि के रूप में महर्षि संस्थान के अध्यक्ष अजय प्रकाश श्रीवास्तव उपस्थित रहे। इस अवसर पर गणमान्य व्यक्तियों में विनोद श्रीवास्तव, विनीत श्रीवास्तव, शिशिर श्रीवास्तव, विनोद दीक्षित, एस. पी. गर्ग, मनोज श्रीवास्तव, एल. एस. सोम, लल्लन पाठक, दयाशंकर गुप्ता, श्रीकांत ओझा, शीशपाल सिंह यादव, कमलेश यादव, रजनीश यादव, नरेश श्रीवास्तव, राजेंद्र शुक्ला तथा नरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे। सभी ने पूजा-अर्चना में सहभागिता की और आयोजन को सफल बनाने के लिए आगामी दिनों की तैयारियों का जायजा भी लिया।

महर्षि नगर में रामलीला की बरसों पुरानी परंपरा

महर्षि नगर की रामलीला यहां की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत मानी जाती है। यहां का रामलीला मंचन अपनी वैदिक शैली, शुद्ध उच्चारण और भक्तिपूर्ण वातावरण के लिए जाना जाता है। रामलीला में भगवान श्री राम के बाललीला से लेकर लंका विजय तक के प्रसंग प्रामाणिक ढंग से प्रस्तुत किए जाते हैं। बच्चों और युवाओं को भी रामलीला में विभिन्न पात्रों के रूप में अवसर दिया जाता है, ताकि उनमें भारतीय संस्कृति के प्रति आदर और आस्था का संचार हो सके।

नए साल का शुभ संदेश

आयोजन समिति का कहना है कि नवरात्रि का यह पर्व केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज में एकता, भाईचारा और धार्मिक सद्भाव का संदेश भी देता है। मां दुर्गा की उपासना से भक्तों को शक्ति, साहस और संकल्प की प्राप्ति होती है, जबकि रामलीला के मंचन से प्रभु श्री राम के आदर्श जीवन, मर्यादा और कर्तव्यनिष्ठा की शिक्षा प्रेरणा देती है।

आयोजन समिति ने नोएडा एवं आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे परिवार सहित महर्षि नगर पहुंचकर दुर्गा पूजा, रामलीला मंचन एवं विजयादशमी महोत्सव में सहभागिता कर पुण्य अर्जित करें। 21 अक्टूबर तक चलने वाले इस विशाल धार्मिक आयोजन में प्रवेश सभी के लिए निःशुल्क रहेगा।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now