दिल्ली लाल किला मैदान में लव कुश रामलीला कमेटी की रामलीला का रविवार को भव्य शुभारंभ हुआ। उद्घाटन अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने काशी, मथुरा और दिल्ली से आए विद्वान पंडितों के सान्निध्य में वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ गणेश पूजन किया। इस आयोजन में क्षेत्रीय सांसद श्री प्रवीण खंडेलवाल सहित कई गणमान्य अतिथि, श्रद्धालु और रामभक्त उपस्थित रहे।
गणेश पूजन के साथ शुरू हुई लाल किला मैदान रामलीला 2026 की पहली शाम में धार्मिक अनुष्ठान, पारंपरिक मंचन और भजन-संगीत का संगम देखने को मिला। आयोजन स्थल पर बड़ी संख्या में पहुंचे दर्शकों ने रामलीला के प्रसंगों और भजन संध्या का आनंद लिया। पूरे परिसर में भक्ति और उत्सव का माहौल बना रहा।
पहले दिन इन प्रसंगों का हुआ मंचन
लव कुश रामलीला कमेटी के अध्यक्ष श्री अर्जुन कुमार ने बताया कि गणेश पूजन के बाद रामलीला के पहले दिन कई महत्वपूर्ण पौराणिक प्रसंगों का मंचन किया गया। इनमें भगवान शिव-पार्वती प्रसंग, नारद मोह, विश्वमोहिनी स्वयंवर, रावण और कुंभकर्ण की तपस्या तथा रावण-वेदवती संवाद शामिल रहे।
मंचन को आकर्षक रूप देने के लिए कलाकारों ने संवाद, अभिनय और दृश्य-सज्जा के माध्यम से प्रसंगों को जीवंत किया। इन कथाओं के जरिए दर्शकों को भारतीय संस्कृति, भक्ति और धर्म की परंपराओं से जोड़ने का प्रयास किया गया। रामलीला के मंचन में नारद की भूमिका विख्यात फिल्म अभिनेता पेंटल ने निभाई। चार सौ से अधिक फिल्मों में अभिनय कर चुके पेंटल को उनके अभिनय के लिए दर्शकों की सराहना मिली।
रसराज जी महाराज की भजन संध्या ने बांधा समां
रामलीला मंचन के बाद सुप्रसिद्ध भजन गायक और हनुमंत कृपा पात्र रसराज जी महाराज की भजन संध्या आयोजित की गई। उन्होंने प्रभु श्रीराम को समर्पित भजनों की भावपूर्ण प्रस्तुति दी। उनकी मधुर आवाज और भक्ति से भरे गायन ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
भजन संध्या के दौरान रामलीला परिसर में मौजूद श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आए। कई रामभक्त भजनों की धुनों पर भावविभोर होकर झूमते दिखाई दिए। आयोजन के पहले दिन रामलीला के पारंपरिक मंचन के साथ भजन-संगीत ने भी दर्शकों को खास अनुभव दिया और वातावरण राममय हो गया।
श्रद्धालुओं को आगामी कार्यक्रमों में शामिल होने का निमंत्रण
श्री अर्जुन कुमार ने आयोजन में सपरिवार शामिल हुए श्रद्धालुओं और रामभक्तों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने लोगों से रामलीला के आगामी कार्यक्रमों में भी बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। कमेटी की ओर से बताया गया कि आने वाले दिनों में रामायण के प्रमुख प्रसंगों का मंचन जारी रहेगा।
दूसरे दिन होगा श्रीराम जन्म प्रसंग का मंचन
कमेटी के अनुसार, रामलीला के दूसरे दिन सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को कई महत्वपूर्ण प्रसंग प्रस्तुत किए जाएंगे। इनमें पुत्रेष्टि यज्ञ, प्रभु श्रीराम का जन्म, नामकरण संस्कार, महर्षि विश्वामित्र के यज्ञ की रक्षा, ताड़का वध और सुबाहु वध शामिल हैं।
दूसरे दिन के मंचन में रामजन्म से जुड़े प्रसंगों के साथ ऋषि विश्वामित्र के यज्ञ की रक्षा की कथा भी दिखाई जाएगी। आयोजकों ने श्रद्धालुओं और दिल्लीवासियों से कार्यक्रम में पहुंचकर रामलीला देखने और धार्मिक आयोजन का हिस्सा बनने का आग्रह किया है।
लाल किला मैदान में आयोजित यह रामलीला हर वर्ष बड़ी संख्या में दर्शकों को आकर्षित करती है। इस वर्ष भी लव कुश रामलीला दिल्ली के शुभारंभ पर धार्मिक अनुष्ठान, कलाकारों का मंचन और रसराज जी महाराज की भजन संध्या मुख्य आकर्षण रहे। आयोजन का उद्देश्य रामायण के प्रसंगों को मंच के माध्यम से दर्शकों तक पहुंचाना और भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं से नई पीढ़ी को परिचित कराना है।

























