महाराष्ट्र के जलगांव जिले के परोला तालुका स्थित वेल्हाने गांव में एक नवविवाहित परिवार के साथ कथित तौर पर खाने में जहर मिलाने की घटना सामने आई है। आरोप है कि शादी के दो दिन बाद, 9 अक्टूबर की रात, दुल्हन ने अपने पति और परिवार के अन्य सदस्यों के भोजन में चूहे मारने की दवा मिला दी। खाना खाने के कुछ समय बाद परिवार के लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी और उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा।
परिवार की हालत बिगड़ने के बाद घटना की जानकारी पुलिस तक पहुंची। आरोप यह भी है कि दुल्हन एक अन्य महिला के साथ घर से कुछ गहने और शादी में मिले पैसे लेकर चली गई। पुलिस ने बाद में दोनों महिलाओं को धुले जिले के निमगुल गांव के पास हिरासत में लिया। मामले की जांच जारी है।
शादी के दो दिन बाद बिगड़ी परिवार की तबीयत
बता दें कि प्राप्त जानकारी अनुसार, वेल्हाने गांव के 32 वर्षीय व्यक्ति की शादी 7 अक्टूबर को हुई थी। परिवार में शादी की खुशियां अभी जारी थीं कि 9 अक्टूबर की रात सभी की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। शुरुआती जानकारी में बताया गया है कि परिवार के भोजन में कथित तौर पर चूहे मारने की दवा मिलाई गई थी।
परिवार के सदस्यों को बेचैनी और अस्वस्थता महसूस होने पर उन्हें चिकित्सा सहायता के लिए ले जाया गया। खास तौर पर एक बुजुर्ग दंपती की हालत बिगड़ने के बाद उन्हें धुले के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। उपलब्ध खबरों के मुताबिक, उपचार के बाद परिवार के लोगों की स्थिति में सुधार हुआ। हालांकि, घटना के बाद परिवार सदमे में है।
जहर मिलाने के आरोपों की पुष्टि जांच और चिकित्सकीय रिपोर्ट के आधार पर ही हो सकेगी। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि भोजन में कौन-सा पदार्थ मिलाया गया था और घटना के पीछे क्या वजह थी।
गहने और शादी में मिले पैसे ले जाने का आरोप
परिवार की शिकायत के मुताबिक, भोजन की घटना के बाद दुल्हन घर से कुछ गहने और शादी के दौरान मिले पैसे लेकर चली गई। उसके साथ एक अन्य महिला भी थी। पुलिस जांच में दोनों महिलाओं की भूमिका, उनके घर से निकलने के समय और कथित तौर पर ले जाए गए सामान की जानकारी जुटाई जा रही है।
इस तरह के मामलों में शिकायत में लगाए गए आरोप और जांच में सामने आए तथ्य अलग-अलग हो सकते हैं। इसलिए पुलिस की आधिकारिक पुष्टि और जांच पूरी होने से पहले किसी भी आरोप को अदालत में साबित तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
विरोध के बाद पुलिस ने शुरू की तलाश
परिवार के सदस्यों की तबीयत बिगड़ने और दोनों महिलाओं के घर से चले जाने की खबर फैलने के बाद गांव में नाराजगी बढ़ गई। स्थानीय लोगों और परिवार के अन्य सदस्यों ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की। रिपोर्टों के अनुसार, कुछ लोगों ने पुलिस स्टेशन के सामने सड़क रोककर विरोध भी किया।

इसके बाद पुलिस ने तलाश शुरू की। पुलिस टीम ने दोनों महिलाओं को धुले जिले के निमगुल गांव के पास से हिरासत में लिया। अब जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि वे वहां कैसे पहुंचीं, क्या किसी अन्य व्यक्ति ने उनकी मदद की और घटना से पहले कोई योजना बनाई गई थी या नहीं।
झारखंड से संबंध होने की बात आई सामने
रिपोर्टों में दोनों महिलाओं की पहचान सुमन सुभाष साहनी और आरती सूर्याक्ष पटेल के रूप में बताई गई है। बताया गया है कि दोनों झारखंड की रहने वाली हैं। पुलिस इस जानकारी की पुष्टि करने के साथ उनके पते, आपसी संबंध और घटना में कथित भूमिका की जांच कर रही है।
खबरों में यह भी दावा किया गया है कि दूल्हे का परिवार दूसरे राज्य से विवाह के लिए युवती को लाया था और इसके लिए 2.5 लाख रुपये दिए गए थे। इस रकम के संदर्भ और लेन-देन की प्रकृति को लेकर स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। पुलिस जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि रकम किसे, किस वजह से और किन परिस्थितियों में दी गई थी। इस पहलू को भी मामले की जांच के दौरान देखा जा सकता है।

























