तीन तलाक के मुद्दे पर आवाज़ बुलंद करती हार्ड हिटिंग फ़िल्म ‘रिवाज’

संध्या समय न्यूज संवाददाता


तीन तलाक के मुद्दे पर बॉलीवुड में राज बब्बर की फिल्म ‘निकाह’ सहित कई फिल्में आई हैं मगर इन दिनों ज़ी5 पर रिलीज हुई फ़िल्म रिवाज की चर्चा हो रही है जो इसी मुद्दे पर बेस्ड है। तीन तलाक के विरुद्ध एक महिला की लड़ाई दर्शाती यह फ़िल्म हार्ड हिटिंग है। प्रोडूसर कशिश ख़ान ने एक एक अच्छी फ़िल्म बनाकर इंडस्ट्री में अपनी जगह बना ली है।

फ़िल्म रिवाज एक दृढ़ इच्छाशक्ति रखने वाली महिला ज़ैनब शेख की स्टोरी बयान करती है, जो तीन तलाक़ के पुराने कानून के विरुद्ध आवाज़ बुलंद करती है। ज़ैनब शेख का किरदार मायरा सरीन ने निभाया है बल्कि जिया है। मायरा ने जिस ईमानदारी के साथ अदाकारी की है वह देखने लायक है। कई मंझे हुए कलाकारों के साथ उन्होंने अपनी कुशल अभिनय क्षमता का प्रदर्शन किया है और फ़िल्म के मुख्य पात्र को स्क्रीन पर असरदार ढंग से पेश किया है। उनकी संवाद अदायगी हो, या चेहरे का एक्सप्रेशन, भावनाओं को प्रकट करना हो या कोई दिल को चुभने वाला डायलॉग बोलना हो, मायरा माहिर नज़र आई हैं।

“इनका जब मन होगा तलाक दे देंगे, जब मन होगा माफी मांगकर निकाह की बात कर लेंगे।” ज़ैनब का यह संवाद औरत के दर्द को बयां करता है। फिर वह आगे कहती है “मैं कसम खाती हूँ, तेरे जैसे लोगों का गुरुर तोड़ूंगी।”

“तलाक औरत दे या मर्द दे, नुकसान तो परिवार का ही होता है.” इस तरह के संवाद के जरिये फ़िल्म में कई सन्देश भी दिए गए हैं।

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“यह लड़ाई मेरे अकेले की नहीं है।” जब फ़िल्म में ज़ैनब यह डायलॉग बोलती है तो लगता है कि वह पूरे समाज का प्रतिनिधित्व कर रही है और अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़ रही है।

एक वकील के रूप में मिथुन चक्रवर्ती की भूमिका महत्वपूर्ण है। वहीं वकील के रोल में ज़ाकिर खान का यह संवाद “तीन तलाक कानून खत्म करने से देश का मुसलमान खुश नहीं होगा।” बहस को जन्म देता है जिसपर मिथुन चक्रवर्ती कहते हैं कि अल्लाह को तलाक पसन्द नहीं है।” ट्रिपल तलाक के खिलाफ मिथुन चक्रवर्ती अपने क्लाइंट के हक की लड़ाई लड़ते नजर आते हैं।

ज़ैनब शेख के किरदार को मायरा सरीन ने नेचुरल तरीके से निभाया है।इस प्रोजेक्ट के साथ, मायरा ने अपनी सशक्त पहचान स्थापित कर दी है। रिवाज की कहानी और जैनब जैसे किरदारों ने समाज में बदलाव की लहर पैदा की, जिससे प्रेरित होकर मोदी जी ने ट्रिपल तलाक कानून लागू किया, जिससे महिलाओं को सम्मान और अधिकार मिले।फ़िल्म का निर्देशन बहुत बढ़िया है।

“तू मेरा नाम है ” जैसे फ़िल्म में मधुर गीत भी हैं। इस हार्ड हिटिंग और संवेदनशील मुद्दे पर बनी फिल्म रिवाज आप ज़ी5 पर देख सकते हैं।

Sandhya Samay News

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