उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में पुलिस ने फर्जी नोट चलाने वाले एक सक्रिय और संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार करते हुए उनके कब्जे से 4 लाख 20 हजार रुपये के नकली नोटों के साथ ही तीन मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। यह सफलता थाना वाल्टरगंज पुलिस, स्वॉट (SWAT) टीम और सर्विलांस टीम के एक संयुक्त अभियान का नतीजा है। आरोपियों की गिरफ्तारी बक्साई पुल के पास से की गई है।
बुजुर्गों को बनाते थे निशाना, देते थे ‘पैसा डबल’ का लालच
पुलिस की जांच में आरोपियों का चौंकाने वाला मोडस ऑपरेंडी (तरीका) सामने आया है। गिरोह के सदस्य एक ग्रुप के रूप में बस्ती, संत कबीर नगर, सिद्धार्थ नगर, अयोध्या और अंबेडकर नगर जैसे जिलों के ग्रामीण इलाकों में घूमते थे। इनका मुख्य निशाना ग्रामीण बैंकों में पैसे निकालने आए बुजुर्ग होते थे।
आरोपी बुजुर्गों को संपर्क कर भरोसा दिलाते थे कि वे उनके रुपये डबल कर देंगे। लालच में आकर कई बुजुर्ग इनके झांसे में आ जाते थे और असली नोटों के बदले ये गिरोह उन्हें नकली नोट थमा देते था।
ये हैं गिरफ्तार आरोपी
पुलिस ने गिरफ्तार किए गए पांचों आरोपियों की पहचान मुस्तफा, नबीउल्लाह, नबीउल्लाह उस्मानी, हबीबुर्रहमान और मणिकांत चौधरी के रूप में की है। पुलिस के अनुसार, मणिकांत चौधरी नेपाल के रूपनदेही का निवासी है, जबकि मुस्तफा और नबीउल्लाह बलरामपुर, नबीउल्लाह उस्मानी महाराजगंज और हबीबुर्रहमान संतकबीर नगर के रहने वाले हैं।
ऐसे हुआ खुलासा
मामले का खुलासा करते हुए अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) श्यामकांत ने प्रेसवार्ता में बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ संदिग्ध लोग बक्साई पुल के पास एकत्रित हैं। जिसके बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए इन्हें घेराबंदी कर गिरफ्तार किया गया।
ASP ने बताया कि आरोपियों के पास से कुल 4 लाख 20 हजार रुपये के फर्जी नोट रिकवर किए गए हैं। इनमें 500 रुपये के 5 गड्डियां, 200 रुपये के 5 गड्डियां और 100 रुपये के 7 गड्डियां शामिल हैं। इसके अलावा तीन बाइक और एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है।
वर्तमान में पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर उनके इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों और नकली नोटों की सप्लाई के असली स्रोतों का पता लगाने में जुटी हुई है।


























