West Bengal News: पश्चिम बंगाल की राजनीति में लंबे समय बाद टीएमसी (तृणमूल कांग्रेस) प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपने पुराने ‘स्ट्रीट फाइटर’ अंदाज में नजर आईं। विधानसभा चुनाव में हार के बाद उन्होंने कोलकाता के धर्मतल्ला में भाजपा के खिलाफ बड़ा विरोध प्रदर्शन और धरना आयोजित किया। ममता ने अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि वह संघर्ष से पीछे हटने वाली नहीं हैं और जब तक लड़ाई जारी है, तब तक मैदान नहीं छोड़ेंगी।
हालांकि, इस राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन के बीच टीएमसी की अंदरूनी कमजोरियां भी खुलकर सामने आ रही है। पार्टी को एकजुट रखने की कोशिशों में जुटीं ममता बनर्जी को अपने ही विधायकों और नेताओं की सीमित मौजूदगी से झटका लगा। 80 विधायकों वाली पार्टी में से केवल 8 विधायक ही उनके धरने में शामिल हुए, जिसकी कुल संख्या का लगभग 10 प्रतिशत है। वहीं, पार्टी के 6 सांसद भी इस कार्यक्रम में मौजूद रहे।
West Bengal News: धरने में किन नेताओं ने दिया ममता का साथ?
धरमतल्ला में आयोजित इस धरने में शामिल होने वाले प्रमुख विधायकों में शोभनदेब चट्टोपाध्याय, नान्या बंदोपाध्याय, मदन मित्रा, अशोक देब, असीमा पात्रा, बिमान बनर्जी, फिरहाद हकीम और कुणाल घोष शामिल थे। सांसदों में डोला सेन, कल्याण बनर्जी, डेरेक ओ ब्रायन, समीरुल इस्लाम, मेनका गुरुस्वामी और नदीमुल हक नजर आए।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ममता बनर्जी के लिए यह कार्यक्रम केवल भाजपा विरोधी प्रदर्शन नहीं था, बल्कि चुनावी हार के बाद पार्टी कैडर में नई ऊर्जा भरने की कोशिश भी थी। लेकिन वरिष्ठ नेताओं और विधायकों की कम उपस्थिति ने पार्टी की एकजुटता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
West Bengal News: शुभेंदु अधिकारी का हमला
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री और भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी के धरने पर तीखी प्रतिक्रिया दी। हुगली जिले के प्रसिद्ध तारकेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस की हालत बेहद खराब हो चुकी है।
उन्होंने दावा किया कि धरने में केवल कुछ सांसद और विधायक ही शामिल हुए, जिससे साफ है कि पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ रहा है। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि टीएमसी अब कमजोर हो चुकी है और उसका जनाधार लगातार घट रहा है।
West Bengal News: ‘50 विधायक पार्टी तोड़ने की फिराक में’
इस बीच टीएमसी की अंदरूनी राजनीति को लेकर बड़ा दावा सामने आया है। पार्टी से निलंबित प्रवक्ता रिजू दत्ता ने आरोप लगाया कि पार्टी के भीतर एक बड़ा समूह मौजूदा नेतृत्व से असंतुष्ट है। उनके अनुसार, कई नए विधायक चाहते थे कि निष्कासित विधायक ऋतब्रत बनर्जी को विपक्ष का नेता बनाया जाए।
रिजू दत्ता ने दावा किया कि लगभग 50 विधायक खुद को ‘असली तृणमूल कांग्रेस’ मानते हैं और पार्टी में बड़े बदलाव की मांग कर रहे हैं। हालांकि, टीएमसी नेतृत्व की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
West Bengal News: भाजपा पर जमकर बरसीं ममता
धरने को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए और दावा किया कि हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में 294 सीटों में से 177 सीटों पर मतगणना के दौरान धांधली की गई। ममता ने कहा कि चुनाव परिणाम जनता की वास्तविक भावना को नहीं दर्शाते और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित किया गया है।
उन्होंने कहा कि चुनावी हार के बावजूद वह पार्टी कार्यकर्ताओं को अकेला नहीं छोड़ेंगी। ममता ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार बनने के बाद टीएमसी कार्यकर्ताओं और नेताओं पर हमले बढ़े हैं तथा उन्हें राजनीतिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है।
West Bengal News: INDIA गठबंधन की बैठक का किया जिक्र
ममता बनर्जी ने अपने भाषण में राष्ट्रीय राजनीति का भी उल्लेख किया और कहा कि भाजपा के खिलाफ लड़ाई केवल पश्चिम बंगाल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय स्तर की लड़ाई है। उन्होंने अगले सप्ताह प्रस्तावित INDIA गठबंधन की बैठक का जिक्र करते हुए कहा कि जल्द ही सभी भाजपा विरोधी दल दिल्ली में एक साथ बैठेंगे और देशव्यापी रणनीति तैयार करेंगे।
ममता ने कहा कि विपक्षी दल जल्द ही साझा कार्यक्रम और आंदोलन की रूपरेखा जनता के सामने रखेंगे। उनके मुताबिक, लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए विपक्ष को एकजुट होना होगा।
अपने संबोधन में ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी हमला बोला और आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने बंगाल को ऐसे लोगों के भरोसे छोड़ दिया है जो केवल बुलडोजर की राजनीति और डर का माहौल बनाने में विश्वास रखते हैं।
West Bengal News: हस्ताक्षर विवाद पर दिया जवाब
विपक्ष के नेता के चयन को लेकर टीएमसी विधायकों के हस्ताक्षरों पर उठे विवाद पर भी ममता बनर्जी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सभी विधायकों ने पार्टी बैठक में लिए गए फैसले के अनुरूप ही उपस्थिति रजिस्टर पर हस्ताक्षर किए थे।
उन्होंने कहा कि यदि विधानसभा अध्यक्ष को हस्ताक्षरों की प्रामाणिकता पर संदेह था तो उन्हें फोरेंसिक जांच करवानी चाहिए थी। ममता ने आरोप लगाया कि भाजपा इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक खेल खेल रही है।
West Bengal News: संघर्ष जारी रखने का ऐलान
अपने भाषण के अंत में ममता बनर्जी ने साफ कर दिया कि उनका आंदोलन अभी खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि यह धरना केवल शुरुआत है और आने वाले दिनों में संघर्ष और तेज होगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुट रहने का आह्वान करते हुए कहा कि वह आखिरी सांस तक भाजपा के खिलाफ लड़ाई जारी रखेंगी।
धरमतल्ला का यह धरना भले ही ममता बनर्जी के पुराने संघर्षशील अंदाज की याद दिलाता हो, लेकिन इसमें नेताओं और विधायकों की सीमित भागीदारी ने टीएमसी के भीतर चल रही खींचतान और असंतोष को भी उजागर कर दिया है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि ममता बनर्जी पार्टी को फिर से एकजुट करने में कितनी सफल होती हैं।
























