Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार प्रदेश के अर्धसैनिक बलों और रक्षा व्यवस्था में तैनात जवानों के कल्याण के प्रति सदैव प्रतिबद्ध रही है। इसी कड़ी में एक और ऐतिहासिक फैसले के तहत, मंगलवार को गोरखपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) के जवानों को डबल तोहफा दिया है। इस घोषणा के बाद से पूरे प्रदेशभर में तैनात पीआरडी कर्मियों के बीच हर्ष का माहौल है।
सरकार ने जहां एक तरफ जवानों और उनके परिवारों के लिए 5 लाख रुपये तक के मुफ्त और कैशलेस इलाज की गारंटी दी है, वहीं दूसरी तरफ उनके दैनिक ड्यूटी भत्ते (DA) में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी की गई है। यह कदम न केवल जवानों के आर्थिक सशक्तिकरण में मददगार साबित होगा, बल्कि उनके मनोबल को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी पीआरडी कैशलेस चिकित्सा योजना
सुरक्षा बलों की नौकरी अपने आप में बेहद चुनौतीपूर्ण होती है, जिसमें शारीरिक और मानसिक दोनों तरह से लगातार खर्च होता है। ऐसे में बीमारी के दौरान इलाज के खर्चे की चिंता जवानों को परेशान करती है। इसी चिंता को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘मुख्यमंत्री पीआरडी कैशलेस चिकित्सा योजना’ का शुभारंभ किया है।
इस योजना के तहत अब कोई भी पीआरडी स्वयंसेवक या उनके परिवार का कोई भी सदस्य बीमार पड़ने पर इलाज के लिए भटकने नहीं लगेगा। उन्हें प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक का पूर्णतः कैशलेस इलाज मिलेगा। सबसे बड़ी बात यह है कि इस सुविधा का लाभ जवान सिर्फ सरकारी अस्पतालों में ही नहीं, बल्कि सरकार द्वारा इम्पैनल (अनुबंधित) किए गए निजी अस्पतालों में भी उठा सकते हैं।
प्रदेश में वर्तमान में लगभग 31 हजार से अधिक पीआरडी स्वयंसेवक तैनात हैं। अगर इन जवानों के परिवारों के सदस्यों की संख्या का औसत निकाला जाए, तो यह योजना सीधे तौर पर 1 लाख 55 हजार से अधिक लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा का व्यापक तंत्र प्रदान कर रही है।
ड्यूटी भत्ते में 8 वर्षों में चौथी बढ़ोतरी
पीआरडी जवानों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए सीएम योगी ने दैनिक ड्यूटी भत्ते में भी इजाफा कर दिया है। अब उन्हें 500 रुपये के स्थान पर प्रतिदिन 600 रुपये का भत्ता दिया जाएगा। अगर हम इतिहास पर नजर डालें, तो यह बात साफ नजर आती है कि वर्ष 1948 में अस्तित्व में आए पीआरडी के लिए वर्ष 2019 तक दैनिक भत्ता सिर्फ 250 रुपये था।
यानी कि मात्र 8 वर्षों के अंदर यह राशि 250 रुपये से बढ़कर 600 रुपये हो गई है, जो कि 100 प्रतिशत से भी अधिक की वृद्धि है। यह बढ़ोतरी किसी भी जवान की महीने की कमाई को सीधे तौर पर प्रभावित करती है।
बदलते समय में पीआरडी की बढ़ती भूमिका और जवानों की कमी
गोरखपुर के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बेहद महत्वपूर्ण बिंदु पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि साल 2017 से पहले के समय में पीआरडी के जवानों को सम्मान और ड्यूटी दोनों के मामले में उपेक्षा का सामना करना पड़ता था। उस दौर में उन्हें अक्सर ड्यूटी तक नहीं मिलती थी।
लेकिन आज की स्थिति पूरी तरह से बदल चुकी है। प्रदेश में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन के साथ-साथ पीआरडी जवानों की भूमिका अब किसी अन्य सुरक्षा बल से कम नहीं है। चाहे प्रयागराज में महाकुंभ जैसा अविश्वसनीय जनसमूह का प्रबंधन हो, अयोध्या का भव्य दीपोत्सव और रंगोत्सव हो, आपदा प्रबंधन के चुनौतीपूर्ण दौर हों, या फिर सुचारू ट्रैफिक संचालन और शांतिपूर्ण चुनाव कराना हो—हर जगह पीआरडी के जवानों ने अपनी अनुशासन और समर्पण भावना से कमर कसी हुई है।
मुख्यमंत्री योगी ने यह भी स्वीकार किया कि जिस तरह से आज पीआरडी जवानों के काम की मांग बढ़ी है, उसे देखते हुए कई बार ड्यूटी के लिए जवानों की कमी महसूस होने लगती है। यह बयान खुद इस बात का प्रमाण है कि सरकार उनकी मेहनत और योगदान को कितना गंभीरता से ले रही है।
लखनऊ में 23 करोड़ की लागत से बनेगा बहुमंजिला बैरक
जवानों की सुविधाओं को देखते हुए सिर्फ स्वास्थ्य और वेतन भत्ते तक ही सीमित नहीं रहा गया है। सीएम योगी ने रिमोट के जरिए बटन दबाकर लखनऊ में एक बहुमंजिला पीआरडी बैरक के निर्माण का शिलान्यास भी किया। इस आधुनिक बैरक को बनाने में लगभग 23 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। राजधानी में इस तरह की आधुनिक बुनियादी ढांचा सुविधा उपलब्ध कराने से जवानों को रहने और प्रशिक्षण के दौरान बेहतरीन वातावरण मिलेगा।
सम्मेलन में 10 जवानों के हाथों लगे कार्ड
गोरखपुर के योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित इस विशाल सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री ने व्यक्तिगत रूप से 10 पीआरडी स्वयंसेवकों को उनके कैशलेस चिकित्सा सुविधा कार्ड वितरित किए।
इन भाग्यशाली जवानों में गोरखपुर जिले के अजय, भीमसेन, धीरेंद्र और उमेश कुमार शामिल थे। इसके अलावा लखनऊ से स्नेहलता रावत और अनामिका वर्मा, कुशीनगर से चंदा भारती, मऊ जिले के जय सिंह, चंदौली के मोहम्मद शाकिर और वाराणसी के किशन गुप्ता ने मुख्यमंत्री के हाथों यह स्वास्थ्य कवच प्राप्त किया। इन जवानों के चेहरों पर खुशी साफ दिख रही थी, क्योंकि अब उन्हें अपने और अपने परिवार के स्वास्थ्य को लेकर कोई चिंता नहीं रहेगी।

























