Iran-US War: ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर के बाद भले ही सीमाओं पर बंदूकें शांत हो गई हों, लेकिन तेहरान की सत्ता के गलियारों में उठ रहा तूफान थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिता अली खामेनेई के निधन के बाद ईरान की कमान संभालने वाले नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई करीब 40 दिनों से सार्वजनिक रूप से गायब हैं। अब अंतरराष्ट्रीय मीडिया और खुफिया एजेंसियों के एक बड़े दावे ने पूरे विश्व को चौंका दिया है।
क्या मोजतबा असल में शासन संभाल रहे हैं?
ब्रिटिश अखबार की एक रिपोर्ट के अनुसार, एक डिप्लोमैटिक मेमो में दावा किया गया है कि मोजतबा खामेनेई ईरान के धार्मिक शहर कोम में इलाज के दौरान बेहोश हैं और वे शासन से जुड़े किसी भी फैसले में शामिल नहीं हो पा रहे हैं। यह खुफिया इनपुट कथित तौर पर अमेरिकी और इजरायली खुफिया एजेंसियों के साझा आकलन पर आधारित है।
अगर यह दावा सच साबित होता है, तो इसका मतलब है कि दुनिया के सबसे शक्तिशाली देशों में शुमार ईरान इस वक्त ‘डी फैक्टो लीडरशिप वैक्यूम’ (वास्तविक नेतृत्व की कमी) से जूझ रहा है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या पर्दे के पीछे कोई और ताकत ईरान की बागडोर संभाले हुए है?
पिता की मौत के बाद मिली सत्ता, अब खुद पर सवाल
दरअसल, हाल ही में अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों में ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत के बाद मोजतबा खामेनेई को देश का नया सुप्रीम लीडर चुना गया था। हालांकि, सत्ता संभालने के कुछ ही समय बाद से ही उनकी सेहत को लेकर अटकलें लगनी शुरू हो गई थीं।
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सीजफायर के बीच ईरान के लिए बड़ी चुनौती
ईरान-अमेरिका सीजफायर के बाद तेहरान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी स्थिति को सामान्य करना था, लेकिन नेतृत्व के इस संकट ने सरकार की परेशानियां बढ़ा दी हैं। ईरान सरकार ने अभी तक मोजतबा खामेनेई की सेहत और उनकी लंबी अनुपस्थिति को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया है।
अब सबकी नजरें तेहरान पर टिकी हैं कि आखिर ईरानी सत्ता इस ’40 दिन पुराने राज’ का पर्दाफाश कब करती है और अगर मोजतबा वास्तव में सक्रिय नहीं हैं, तो देश की अगली रणनीति कौन तय कर रहा है।





















