Strictest Laws in World: जब भी दुनिया के सबसे कड़े और सख्त कानूनों की बात होती है, तो लोगों के दिमाग में सबसे पहला नाम सऊदी अरब का आता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया में ऐसे कई अन्य देश हैं, जहां की कानूनी व्यवस्था सऊदी अरब से भी ज्यादा निर्दयी है? इन देशों में छोटी-मोटी गलतियों या सरकार के खिलाफ बोलने पर सीधा जेल की सजा या फांसी का फंदा देखने को मिल सकता है।
आइए उन चार ऐसे देशों के बारे में विस्तार से जानते हैं, जहां कानून का डंडा सबसे ज्यादा भारी माना जाता है और एक गलती का मतलब सीधे मौत हो सकता है।
1. उत्तर कोरिया: जहां सूचना का अधिकार है जुर्म
उत्तर कोरिया (North Korea) को दुनिया का सबसे अलग और बंदिस्त देश माना जाता है। यहां के तानाशाही कानूनों का मुख्य उद्देश्य लोगों के दिमाग पर कंट्रोल करना है। सरकार यहां बाहरी दुनिया से जुड़ी किसी भी जानकारी को लीक होने देना बर्दाश्त नहीं करती।
- के-पॉप और विदेशी फिल्में जुर्म: यदि आप उत्तर कोरिया में दक्षिण कोरियाई फिल्में, टीवी शो या के-पॉप (K-Pop) म्यूजिक सुनते हुए पकड़े गए, तो आपको देशद्रोही मान लिया जाएगा। सरकार इसे अपनी सांस्कृतिक पहचान को खत्म करने की साजिश मानती है।
- सजा: ऐसे कामों के लिए कई बार सीधे मौत की सजा दी जाती है, या फिर परिवार समेत कई पीढ़ियों को ‘राजनीतिक बंदी शिविरों’ में उम्रकैद की सजा सुना दी जाती है। यहां नेता की आलोचना करना तो सीधे मौत के पर्याय माना जाता है।
2. ईरान: धर्म और नैतिकता के नाम पर सख्ती
ईरान (Iran) में कानून पूरी तरह से इस्लामिक शरिया पर आधारित है। यहां व्यक्ति की निजता और बोलने की आजादी पर गहरी पाबंदियां हैं।
- धर्मत्याग और ईशनिंदा: ईरान में इस्लाम छोड़कर किसी अन्य धर्म अपनाना (धर्मत्याग) या धर्म के खिलाफ कोई बयान देना सबसे बड़ा अपराध है, जिसकी सजा मौत है।
- ड्रग्स और सरकार विरोधी गतिविधियां: पहले ईरान में ड्रग्स तस्करी के लिए बिना किसी शर्त फांसी दी जाती थी, हालांकि अब कानून में थोड़ा बदलाव आया है और ड्रग्स की मात्रा के आधार पर सजा तय होती है। लेकिन हाल के समय में सरकार विरोधी प्रदर्शनों (जैसे महसा अमीनी प्रदर्शन) में शामिल लोगों पर राष्ट्रद्रोह के तहत बेहद कड़ी कार्रवाई की जाती है, जिसमें फांसी भी शामिल है।
3. सिंगापुर: अनुशासन के लिए बेहद क्रूर तरीके
सिंगापुर (Singapore) अपनी साफ-सुथरी और चमचमाती सड़कों के लिए दुनिया भर में मशहूर है। लेकिन यह साफ-सुथरापन किसी जादू से नहीं, बल्कि डरावने कानूनों से आता है।
- ड्रग्स पर जीरो टॉलरेंस: सिंगापुर का ‘मिसयूज ऑफ ड्रग्स एक्ट’ दुनिया का सबसे सख्त कानून माना जाता है। यहां नशीले पदार्थों की थोड़ी सी भी तस्करी (निर्धारित मात्रा से अधिक) करने पर कोर्ट को मौत की सजा देना अनिवार्य है।
- छोटी गलतियां और भारी जुर्माना: सड़क पर कचरा फेंकने, जयपुर फुड पर खाना खाने या सार्वजनिक स्थानों पर थूकने पर इतना भारी जुर्माना लगता है कि किसी की जेब खाली हो सकती है। वंडरिंग (Vandalism) जैसे अपराधों में चाबुक मारने (Caning) की सजा दी जाती है।
- च्यूइंगगम की सच्चाई: यहां आम च्यूइंगगम बेचना या खाना गैरकानूनी है, क्योंकि सरकार का मानना है कि लोग इसे सड़कों पर फेंकेंगे जिससे सफाई खराब होगी (हालांकि मेडिकल गम डॉक्टर की पर्ची पर मिलता है)।
4. चीन: सबसे ज्यादा मौत की सजाएं देने वाला देश
संख्या के लिहाज से देखें तो चीन (China) ऐसा देश है जहां साल में सबसे ज्यादा लोगों को फांसी दी जाती है। चीन सरकार इस आंकड़े को राष्ट्रीय गोपनीयता मानती है, इसलिए इसका आधिकारिक डेटा कभी सामने नहीं आता।
- भ्रष्टाचार पर मौत: चीन में सिर्फ हत्या या बलात्कार जैसे हिंसक अपराधों ही नहीं, बल्कि बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार करने वाले अधिकारियों को भी मौत की सजा दी जाती है। सरकार का मानना है कि बड़ा भ्रष्टाचार देश की अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा को खत्म कर सकता है।
- वित्तीय धोखाधड़ी: अगर कोई बैंक से करोड़ों की धोखाधड़ी करता है या निवेशकों का पैसा हड़प जाता है, तो ऐसे आर्थिक अपराधों में भी फांसी का प्रावधान है।
हालांकि, चीन के कानून में एक खासियत यह भी है कि कई बार ‘मौत की सजा को दो साल के लिए निलंबित’ कर दिया जाता है। अगर दो साल तक कैदी का व्यवहार अच्छा रहता है, तो उसकी सजा उम्रकैद में बदल दी जाती है। छोटे टैक्स चोरी या हल्के भ्रष्टाचार में यहां फांसी नहीं दी जाती।
इन चारों देशों के कानूनों को ध्यान से देखें तो पता चलता है कि उनकी सख्ती के पीछे कारण अलग-अलग हैं। उत्तर कोरिया सूचनाओं को दबाने के लिए क्रूर है, ईरान धार्मिक नैतिकता बनाए रखने के लिए, सिंगापुर समाज को बिल्कुल अनुशासित रखने के लिए, जबकि चीन राष्ट्रीय शक्ति और व्यवस्था को बरकरार रखने के लिए मौत की सजा का इस्तेमाल करता है।
























