‘प्रैक्टिकल मराठी’ की किताब: महाराष्ट्र सरकार की बड़ी पहल, अब ऑटो-टैक्सी चालकों की बदलेगी बातचीत

Marathi Drivers Maharashtra:मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ‘प्रैक्टिकल मराठी’ के जरिए ड्राइवरों और यात्रियों के बीच बातचीत ज्यादा असरदार होगी। इससे न सिर्फ भाषा की दिक्कत दूर होगी, बल्कि परिवहन सेवा (Transport Service) की क्वालिटी में भी काफी सुधार आएगा।

'प्रैक्टिकल मराठी' से ऑटो-टैक्सी चालकों को बड़ी राहत

HIGHLIGHTS

  • CM फडणवीस ने जारी की 'प्रैक्टिकल मराठी' गाइड बुक
  • ओला-उबर ड्राइवर्स को भी होगा फायदा
  • रिक्शा-टैक्सी ड्राइवरों को 'व्यवहारिक मराठी' सिखाएगी सरकार
  • परप्रांतीय ड्राइवर्स के लिए 15 अगस्त तक बढ़ी मराठी सीखने की डेडलाइन
  • 'अमराठी' ड्राइवरों को महाराष्ट्र की भाषा का ज्ञान

Marathi Drivers Maharashtra: महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई एमएमआर (MMR) सहित पूरे राज्य में परप्रांतीय ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों को ‘प्रैक्टिकल मराठी’ सिखाने की एक महत्वाकांक्षी और सकारात्मक पहल शुरू की है। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के नेतृत्व में तैयार एक विशेष मार्गदर्शक पुस्तिका को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री सुनेत्राताई पवार ने कैबिनेट की बैठक में संयुक्त रूप से जारी किया।

यात्री-चालक के बीच आएगी आसानी

इस गाइड बुक का खास मकसद चालकों को मुश्किल व्याकरण सिखाना नहीं, बल्कि उन्हें रोजमर्रा की जिंदगी और यात्रियों से बातचीत के दौरान काम आने वाले आसान और जरूरी मराठी वाक्यों से रूबरू कराना है। यह पुस्तिका सड़क पर चलने वाले सरकारी या प्राइवेट रिक्शा-टैक्सी चालकों के साथ-साथ ओला (Ola) और उबर (Uber) जैसी कैब सेवाओं से जुड़े ड्राइवरों के लिए भी बेहद उपयोगी साबित होगी।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ‘प्रैक्टिकल मराठी’ के जरिए ड्राइवरों और यात्रियों के बीच बातचीत ज्यादा असरदार होगी। इससे न सिर्फ भाषा की दिक्कत दूर होगी, बल्कि परिवहन सेवा (Transport Service) की क्वालिटी में भी काफी सुधार आएगा।

15 अगस्त तक की राहत, खत्म हुई लायसेंस रद्द होने की डर

इस गाइड बुक के साथ ही सरकार ने लाखों परप्रांतीय चालकों के लिए राहत भरी खबर दी है। 1 मई से व्यवहारिक मराठी ज्ञान की अनिवार्यता को लेकर चालकों के मन में लायसेंस और परमिट रद्द होने का डर था, लेकिन सरकार ने उन्हें मराठी सीखने के लिए 15 अगस्त तक का पूरा समय दे दिया है।

शिवसेना के संगठक शशि यादव ने इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि परिवहन मंत्री की यह पहल स्वागत योग्य है। हमने पहले ही कहा था कि सरकार किसी भी चालक की रोजी-रोटी नहीं छीनेगी। चालकों को मराठी सीखने के लिए थोड़ा और वक्त मिलना चाहिए। परिवहन विभाग की इस सकारात्मक पहल से हम सभी को खुशी है और हर अमराठी को मराठी सिखाने का पूरा प्रयास किया जाएगा।

भविष्य में होंगे बड़े ट्रेनिंग कैंप

परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र में सेवा देने वाले हर व्यक्ति के लिए स्थानीय भाषा का ज्ञान आवश्यक है। उन्होंने बताया कि यह केवल एक पुस्तिका तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि भविष्य में पूरे राज्य में ‘प्रैक्टिकल मराठी’ सिखाने के लिए बड़े ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने रिक्शा-टैक्सी यूनियनों के पदाधिकारियों से भी अपील की है कि वे सरकार के इस अभियान का साथ दें और मराठी भाषा को बढ़ावा देने में अपनी भूमिका निभाएं।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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