Noida News: नोएडा सेक्टर-93बी के लगभग गेझा गांव क्षेत्र में एक ऐसी दर्दनाक घटना घटी है, जिसने एक बार फिर से जनसुविधाओं के नाम पर मजदूरों की जान की अहमियत और सुरक्षा मानकों की कमियों को उजागर कर दिया है। यहां एक गहरी सीवर लाइन की सफाई करते समय एक युवक की सांस घुटने से और जटिल परिस्थितियों में फंसने से मौत हो गई। इस घटना के बाद नोएडा अथॉरिटी के ऊपर लापरवाही का आरोप लगते ही प्रशासन ने तत्काल एक्शन लिया है। आइए, इस खबर को विस्तार से समझते हैं और जानिए इस मुद्दे के विभिन्न पहलुओं को।
जाने पूरा मामला क्या है?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना के दिन गेझा गांव के पास बने एक मेनहोल में जाम की समस्या को दूर करने के लिए सफाई अभियान चलाया जा रहा था। इस काम में लगे सफाईकर्मी शिवा को सीवर की ब्लॉकेज खोलने के लिए मेनहोल के अंदर उतरना पड़ा। प्राधिकरण के दावों के मुताबिक, शिवा को बेसिक सुरक्षा उपकरणों और ऑक्सीजन मास्क के साथ अंदर भेजा गया था।
सफाई के दौरान शिवा अचानक सीवर लाइन के अंदर मौजूद उलझे हुए तारों के जाल में बुरी तरह से फंस गया। ऑक्सीजन मास्क होने के बावजूद तारों में उलझने और संकरी जगह होने के कारण वह बाहर निकलने में असमर्थ रहा। काफी देर तक जब वह बाहर नहीं आया, तो ऊपर मौजूद उसके सहकर्मियों को चिंता होने लगी और उन्होंने तुरंत स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड को इस आपात स्थिति की सूचना दी।
रेस्क्यू ऑपरेशन और अस्पताल में मृत्यु
सूचना मिलते ही थाना फेज-2 की पुलिस टीम और फायर सर्विस की गाड़ियां मौके पर पहुंची। देखते ही देखते पुलिस और अग्निशमन विभाग के जवानों ने मिलकर एक संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। काफी मशक्कत और समय के बाद रेस्क्यू टीम शिवा को तारों के जटिल जाल से काटकर बाहर निकालने में कामयाब हो पाई।
हालांकि, तब तक काफी देर हो चुकी थी। गंभीर हालत में शिवा को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे लाने वालों को सदमे में डालते हुए उसे मृत घोषित कर दिया। अंदर फंसे रहने और संभवतः जहरीली गैसों के संपर्क में आने के कारण उसकी सांसें थम चुकी थीं।
नोएडा अथॉरिटी का सख्त एक्शन
इस पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए नोएडा अथॉरिटी ने तत्काल एक्शन मोड में आ गई है। इस हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा, यह सुनिश्चित करते हुए अथॉरिटी ने तीन स्तरों पर बड़ी कार्रवाई की है:
- ठेकेदार कंपनी पर गाज: यह सफाई कार्य करा रही संविदाकार कंपनी के खिलाफ आपराधिक मुकदमा (FIR) दर्ज करा दिया गया है। साथ ही, कंपनी को नोएडा अथॉरिटी की सभी भविष्य की टेंडर प्रक्रियाओं से बाहर रखने के लिए ब्लैकलिस्ट (काली सूची में डालने) का नोटिस जारी किया गया है।
- जूनियर इंजीनियर (JE) बर्खास्त: इस काम की निगरानी कर रहे संबंधित जूनियर इंजीनियर (JE) राकेश कुमार पर सीवर की गहराई और अंदर मौजूद खतरनाक तारों की जानकारी न लेने का आरोप लगाया गया है। उनकी लापरवाही को देखते हुए उनकी सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है।
- वरिष्ठ अधिकारियों को नोटिस: मामले की जांच और जवाबदेही तय करने के लिए संबंधित मैनेजर को प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज करने का नोटिस दिया गया है, जबकि इस विभाग के सीनियर मैनेजर को कारण बताओ नोटिस (जारी किया गया है।
पीड़ित परिवार को मिलेगा मदद
नोएडा अथॉरिटी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस त्रासदी के बाद सबसे पहले प्राथमिकता पीड़ित के परिवार को सरकारी सहायता प्रदान करने की है। अथॉरिटी ने स्पष्ट किया है कि शिवा के परिवार को शासन के नियमों के तहत मृतक आश्रित पेंशन, बीमा क्लेम और तत्काल आर्थिक सहायता के लिए हर संभव प्रशासनिक मदद मुहैया कराई जाएगी, ताकि परिवार को इस अकाल में और परेशानी न उठानी पड़े।






















