ऋषी तिवारी
Noida News : भारतीय किसान यूनियन मंच ने नोएडा प्राधिकरण के मुख्यालय पर जमकर अपनी आवाज बुलंद की है। संगठन के पदाधिकारियों ने प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) श्री कृष्णा करूणेश को ज्ञापन सौंपते हुए माननीय औद्योगिक मंत्री से तत्काल मीटिंग की मांग की है। किसान नेताओं ने स्पष्ट कहा है कि अगर मंत्री जी से किसानों की मीटिंग नहीं कराई गई, तो उनकी समीक्षा बैठक का विरोध किया जाएगा और उनका घेराव किया जाएगा।
सीईओ ने दिया आश्वासन
आज नोएडा प्राधिकरण के मुख्य प्रशासनिक कार्यालय सैक्टर-6 में भारतीय किसान यूनियन मंच के पदाधिकारियों ने सीईओ कृष्णा करूणेश से मुलाकात की। इस दौरान सीईओ ने किसानों को आश्वासन दिया कि किसानों और गांवों की सभी समस्याओं के समाधान के लिए प्राथमिकता पर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों और नोएडा प्राधिकरण के बीच किसी भी प्रकार का गतिरोध पैदा नहीं होने दिया जाएगा।
किसान शहर के साथ अपना भी चाहते हैं विकास: विमल त्यागी
इस अवसर पर भारतीय किसान यूनियन मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष विमल त्यागी ने कहा कि किसान नोएडा शहर के विकास के साथ-साथ अपना और अपने बच्चों का विकास भी चाहता है। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि किसानों की समस्याओं के समाधान और गांवों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाए।
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शासन स्तर पर लंबित मांगों को लेकर उठा सवाल: अशोक चौहान
संगठन के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अशोक चौहान ने सीईओ के समक्ष कई गंभीर मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा कि मीडिया रिपोर्ट्स के माध्यम से पता चला है कि माननीय औद्योगिक मंत्री जी नोएडा प्राधिकरण में आकर विकास कार्यों की समीक्षा बैठक करने वाले हैं। उन्होंने मांग की कि मंत्री जी से किसानों की वार्ता कराई जाए ताकि शासन स्तर पर लंबित मुद्दों का समाधान हो सके।
ये हैं प्रमुख लंबित मांगें:
अशोक चौहान ने उन मुद्दों का विस्तार से जिक्र किया जो काफी समय से शासन में पेंडिंग हैं:
- हाई पावर कमेटी: हाई पावर कमेटी द्वारा किसानों के पक्ष में की गई सिफारिशें आज तक लागू नहीं हुई हैं।
- आबादी का प्रस्ताव: 450 मीटर से 1000 मीटर आबादी करने का प्रस्ताव अभी तक कैबिनेट से पास नहीं हो सका है।
- अविवाहित बेटियों का मुद्दा: 18 वर्ष की अविवाहित बेटियों को आबादी की लीज बैक में शामिल करने का प्रस्ताव भी शासन में अटका है।
- मुआवजा और प्लॉट: किसानों को 10 प्रतिशत प्लॉट और 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजा देने पर अभी तक शासन द्वारा कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
अशोक चौहान ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि औद्योगिक मंत्री की समीक्षा बैठक से पहले किसानों की समस्याओं पर बात जरूरी है। उन्होंने कहा, “अगर किसानों की मीटिंग आदरणीय औद्योगिक मंत्री जी से नहीं कराई गई, तो उन्हें नोएडा प्राधिकरण में समीक्षा मीटिंग नहीं करने दी जाएगी और उनका घेराव किया जाएगा।”


























