ईरान सीजफायर के बाद ट्रंप-मोदी की बड़ी चर्चा

ईरान के बीच ट्रंप ने मोदी को बताया अपना प्लान

Trump Speaks to PM Modi: ईरान के साथ ऐतिहासिक सीजफायर और बातचीत की पहल करने के तुरंत बाद, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत का रुख किया है। ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन किया है, जो कई मायनों में बेहद खास मानी जा रही है। ईरान के साथ तनाव शुरू होने से लेकर अब तक के पूरे घटनाक्रम में यह पहली बार है जब ट्रंप ने सीधे पीएम मोदी से संपर्क साधा है।

होर्मुज पर हाई-लेवल मंथन

आज हुई इस फोन कॉल का सबसे बड़ा एजेंडा ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz) रहा। दोनों नेताओं ने इस समुद्री मार्ग को बिना किसी रुकावट के खुला रखने की अहमियत पर जोर दिया। यह वह समुद्री रास्ता है, जहां से दुनिया का एक-तिहाई तेल गुजरता है और ईरान इसी होर्मुज पर चोकहोल्ड बनाकर वैश्विक सप्लाई को रोके हुए है। ट्रंप अच्छी तरह जानते हैं कि अगर ईरान के साथ सीजफायर को सफल बनाना है और तेल की ग्लोबल सप्लाई सुरक्षित रखनी है, तो भारत की भूमिका सबसे अहम होगी। इस पहल से साफ झलक रहा है कि वेस्ट एशिया के संकट को सुलझाने के लिए अमेरिका भारत को एक भरोसेमंद ‘मध्यस्थ’ (Mediator) के रूप में देख रहा है।

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रूबियो-जयशंकर ने की थी तैयारी

यह कॉल उस समय हुई है, जब महज 24 घंटे पहले भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के बीच लंबी चर्चा हुई थी। सूत्रों के मुताबिक, रूबियो और जयशंकर ने मिलकर इस ‘बॉस लेवल’ की बातचीत का मैदान तैयार किया था।

व्यापार से ‘वैश्विक शांति’ तक का सफर

इससे पहले फरवरी की शुरुआत में दोनों नेताओं के बीच ऐतिहासिक ‘ट्रेड डील’ को लेकर बातचीत हुई थी। उस समय से अब तक मिडिल ईस्ट में काफी खून बह चुका है। जहां फरवरी में चर्चा व्यापार और टैरिफ पर केंद्रित थी, वहीं आज की चर्चा ‘ग्लोबल पीस’ (वैश्विक शांति) और ‘एनर्जी सिक्योरिटी’ (ऊर्जा सुरक्षा) पर रही। ट्रंप ने पीएम मोदी को ईरान के साथ अपनी शुरुआती बातचीत का ब्योरा दिया है और उम्मीद जताई गई है कि वे इस मामले में भारत के प्रभाव का इस्तेमाल करेंगे।

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विश्लेषकों का मानना है कि अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होता है, तो भारत की अर्थव्यवस्था पर इसका सीधा और गहरा असर पड़ेगा। ऐसे में मोदी और ट्रंप की यह जुगलबंदी वैश्विक बाजार के लिए किसी बूस्टर डोज से कम नहीं है। यह द्विपक्षीय संवाद न केवल दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत करता है, बल्कि वैश्विक तेल कीमतों और आपूर्ति श्रृंखला को स्थिर करने में भी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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