Delhi News: दिल्ली में एक बड़े फर्जी वीजा रैकेट का खुलासा हुआ है, जो बेरोजगार युवाओं को विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर ठग रहा था। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने इस संगठित गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जो रूस, तुर्की और अजरबैजान जैसे देशों में उच्च वेतन वाली नौकरी का लालच देकर लोगों से लाखों रुपये ऐंठते थे।
जाने कैसे देते थे ठगी को अंजाम
बता दें कि जांच में सामने आया कि आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर आकर्षक विदेशी नौकरियों के विज्ञापन पोस्ट करते थे। इच्छुक उम्मीदवारों से व्हाट्सएप और फेसबुक के जरिए संपर्क किया जाता था। आरोपी खुद को किसी प्रतिष्ठित कंपनी का एचआर मैनेजर बताकर भरोसा जीतते और फिर उनसे पासपोर्ट की डिटेल्स मंगवाते थे।
इसके बाद पासपोर्ट की स्कैन कॉपी पर फर्जी वीजा स्टैंप बनाकर भेजे जाते थे। साथ ही नकली या अस्थायी फ्लाइट टिकट और फर्जी ऑनलाइन वेरिफिकेशन लिंक देकर पूरे प्रोसेस को असली जैसा दिखाया जाता था। इन सबके जरिए पीड़ितों को यह विश्वास दिलाया जाता था कि उनकी नौकरी पक्की हो चुकी है।
लाखों की ठगी, सबूत बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पांच पीड़ितों के पासपोर्ट, सात मोबाइल फोन, नकद रकम और कई फर्जी पहचान पत्र बरामद किए हैं। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि यह गिरोह लगातार अपने ठिकाने बदलता रहता था ताकि पुलिस की पकड़ से बच सके।
संगठित अंतरराज्यीय नेटवर्क
बता दें कि क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के अनुसार, यह एक सुनियोजित अंतरराज्यीय गिरोह है जो खासतौर पर बेरोजगार युवाओं को निशाना बनाता था। गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान और संभावित पीड़ितों तक पहुंचने के लिए जांच जारी है।


























