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इस्कॉन नोएडा में श्री जगन्नाथ की हुई भव्य स्नान यात्रा

Noida News: हिंदू धर्मशास्त्रों में ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा पर मनाए जाने वाले इस पवित्र अवसर पर मंदिर परिसर को विशेष रूप से सजाया गया और महोत्सव के दौरान अपने व्याख्यान में श्रीमान पुंडरीक विद्यानिधि प्रभु ने भगवान श्री जगन्नाथ की दिव्य लीलाओं एवं स्नान यात्रा के गहन आध्यात्मिक महत्व का भावपूर्ण वर्णन किया।

नोएडा एक्सप्रेसवे स्थित इस्कॉन मंदिर में दिव्यता का अनुभव रहा बेहद अनूठा

HIGHLIGHTS

  • बलदेव और सुभद्रा के साथ जगन्नाथ का हुआ दिव्य अभिषेक
  • नोएडा मंदिर परिसर में गूंजी हरिनाम संकीर्तन की मधुर धुनें
  • घी दूध और शहद से किया गया भगवान का महाअभिषेक
  • स्नान यात्रा देती है सार्वभौमिक भाईचारे और प्रेम का संदेश
  • पुंडरीक विद्यानिधि प्रभु की नई पुस्तक ग्रोथ माइंडसेट का विमोचन

Noida News: आध्यात्मिकता, भक्ति और ज्ञान का अनूठा संगम साकार होता देखने को मिला इस्कॉन नोएडा एक्सप्रेसवे मंदिर में, जहां भगवान श्री जगन्नाथ, श्री बलदेव एवं माता सुभद्रा की पावन स्नान यात्रा महोत्सव का अत्यंत भव्य आयोजन किया गया। इस दिव्य और अविस्मरणीय अवसर पर श्रीमान गिरिराज प्रभु जी के सानिध्य में बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने हरिनाम संकीर्तन की मधुर धुनों पर भक्ति भाव से नृत्य किया। आइए, इस खबर को विस्तार से समझते हैं और जानिए इस मुद्दे के विभिन्न पहलुओं को।

स्नान यात्रा का आध्यात्मिक महत्व

हिंदू धर्मशास्त्रों में ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा पर मनाए जाने वाले इस पवित्र अवसर पर मंदिर परिसर को विशेष रूप से सजाया गया और महोत्सव के दौरान अपने व्याख्यान में श्रीमान पुंडरीक विद्यानिधि प्रभु ने भगवान श्री जगन्नाथ की दिव्य लीलाओं एवं स्नान यात्रा के गहन आध्यात्मिक महत्व का भावपूर्ण वर्णन किया। कहा कि “जगन्नाथ” शब्द का अर्थ है ‘संसार का स्वामी’। भगवान जगन्नाथ की कृपा किसी एक वर्ग विशेष तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सभी जीवों पर समान रूप से बरसती है। उनके विशाल नेत्रों में सभी प्राणियों के प्रति समान दृष्टि और असीम प्रेम है। यह उत्सव मानवता, प्रेम, करुणा एवं सार्वभौमिक भाईचारे का शक्तिशाली संदेश देता है।

कार्यक्रम का सबसे मुख्य आकर्षण रहा भगवानों का विधिवत महाअभिषेक। वैदिक मंत्रों के उच्चारण और हरिनाम संकीर्तन के बीच भक्तों ने भगवान श्री जगन्नाथ, श्री बलदेव एवं माता सुभद्रा का घी, शहद, नारियल जल, विभिन्न फलों के रस, दही, दूध तथा अन्य पवित्र और औषधीय द्रव्यों से अभिषेक किया। गर्मी के मौसम में इन पवित्र तरल पदार्थों से भगवान को स्नान कराने की परंपरा अत्यंत प्राचीन है। इस दृश्य को देखकर उपस्थित श्रद्धालुओं को गहन आध्यात्मिक अनुभूति हुई और उनके मन में अपार शांति का संचार हुआ।

‘ग्रोथ माइंडसेट’ पुस्तक का विमोचन

इस पावन और भव्य अवसर पर एक विशेष आयोजन और भी सम्मिलित था—श्रीमान पुंडरीक विद्यानिधि प्रभु द्वारा लिखित प्रेरणादायक पुस्तक ‘ग्रोथ माइंडसेट’ का विधिवत विमोचन किया। इस पुस्तक का लोकार्पण श्री संजीव गोयल जी ने किया। कॉर्पोरेट दुनिया के एक प्रख्यात नेता द्वारा एक आध्यात्मिक पुस्तक का विमोचन करना इस बात का प्रतीक है कि आध्यात्मिकता और सांसारिक सफलता एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि पूरक हैं।

यह पुस्तक केवल सिद्धांतों की बात नहीं करती, बल्कि व्यावहारिक जीवन में सकारात्मक सोच कैसे अपनाई जाए, व्यक्तित्व विकास कैसे किया जाए और नेतृत्व क्षमता को कैसे निखारा जाए, इसके लिए एक मार्गदर्शक का काम करती है। पुस्तक में भगवद्गीता के आध्यात्मिक मूल्यों को आधुनिक प्रबंधन और मनोविज्ञान के साथ जोड़कर समझाया गया है, जिससे कोई भी व्यक्ति जीवन में अभूतपूर्व सफलता प्राप्त कर सके।

युवाओं के लिए मार्गदर्शक

मंदिर के मीडिया प्रभारी बैकुंठ निवास प्रभु ने इस पुस्तक के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ‘ग्रोथ माइंडसेट’ केवल कुछ पृष्ठों का बंधन नहीं है, बल्कि यह आज के युवाओं को उनकी मूल आध्यात्मिक जड़ों से जोड़ने वाला एक सशक्त माध्यम है। आज के तेजी से बदलते और प्रतिस्पर्धी दौर में युवा अक्सर तनाव, अवसाद और दिशाहीनता का शिकार हो रहे हैं। ऐसे में यह पुस्तक उन्हें सकारात्मक, अनुशासित एवं उद्देश्यपूर्ण जीवन जीने की व्यावहारिक प्रेरणा देती है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पुस्तक समाज में नैतिक मूल्यों के संवर्धन तथा नई पीढ़ी को सही दिशा प्रदान करने में मील का पत्थर साबित होगी। जब युवा ‘ग्रोथ माइंडसेट’ (विकास की मानसिकता) को अपनाएंगे, तो वे असफलता को अंत नहीं, बल्कि सीखने का एक अवसर मानेंगे, जो कि भगवद्गीता के कर्मयोग के सिद्धांत का ही आधुनिक रूप है।

सामूहिक कल्याण की कामना

सभी श्रद्धालुओं ने भगवान श्री जगन्नाथ का महाप्रसाद ग्रहण किया। प्रसाद ग्रहण करना केवल भोजन खाना नहीं है, बल्कि यह भगवान की कृपा को अपने भीतर समाने की प्रक्रिया है। इस दिव्य यात्रा और पुस्तक विमोचन के अवसर पर सभी ने विश्व शांति, सामाजिक सद्भाव, पारस्परिक प्रेम और समग्र मानव कल्याण की प्रार्थना की।

निस्संदेह, इस्कॉन नोएडा एक्सप्रेसवे मंदिर द्वारा आयोजित यह दोहरा कार्यक्रम—एक ओर भगवान जगन्नाथ की प्राचीन भक्ति परंपरा का निर्वाह और दूसरी ओर आधुनिक युवा पीढ़ी के लिए ‘ग्रोथ माइंडसेट’ जैसी सामयिक पुस्तक का विमोचन—समाज के समग्र विकास की दिशा में एक अत्यंत सराहनीय और प्रशंसनीय कदम है।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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