How To Use Cooler For Best Cooling: गर्मी इस साल अपने चरम पर है और देशभर के तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। कई शहरों का पारा 48 से 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। ऐसी कड़ाके की गर्मी और चिलचिलाती धूप में लोगों का जीना मुहाल हो गया है। बचाव के लिए लोग एसी (AC) से लेकर डेस्क कूलर और एयर कूलर तक का सहारा ले रहे हैं। लेकिन, क्या आपने ever नोटिस किया है कि कई बार लगातार कूलर चलने के बावजूद कमरे में बेतहाशा उमस बन जाती है?
अक्सर लोग बंद कमरों में कूलर चलाते हैं, जिससे गर्मी और भी बढ़ जाती है। उमस भरे कमरे में बैठना मुश्किल हो जाता है और सांस लेने तक में तकलीफ होती है। अगर आपका कूलर भी ठंडी हवा नहीं दे रहा है, बल्कि गर्म और भीगी हुई हवा फेंक रहा है, तो समझ लीजिए कि आपके कमरे की सेटिंग या कूलर रखने की जगह कहीं गलत है।
आइए जानते हैं उन 3 मुख्य बदलावों के बारे में, जिन्हें अपनाकर आप अपने कूलर से जमकर ठंडी हवा ले सकते हैं:
1. वेंटिलेशन (हवा का आदान-प्रदान) पर दें खास ध्यान
सबसे बड़ी गलती ज्यादातर लोग करते हैं, वह है कूलर को बिल्कुल बंद कमरे में चलाना। एसी के उलट, कूलर का काम हवा में नमी बढ़ाकर कमरे को ठंडा करना होता है। अगर आपने कमरे की खिड़कियां और दरवाजे बंद कर रखे हैं, तो कूलर जो नमी पैदा करता है, वह कमरे के अंदर ही फंस जाती है।
हवा के आने और बाहर निकलने का कोई रास्ता न होने पर कमरे में भयंकर उमस बन जाती है और कूलर की हवा गर्म लगने लगती है।
समाधान: कूलर को हमेशा ऐसी जगह रखें जहां से बाहर की ताजी हवा आ सके। कूलर चलाते समय कमरे की एक खिड़की या दरवाजा थोड़ा खुला रखें ताकि गर्म और नमी भरी हवा बाहर निकल सके और क्रॉस-वेंटिलेशन (Cross-Ventilation) बन सके।
2. सही कूलर पैड (घास) का चयन करें
कूलर से आने वाली हवा की ठंडक सीधे तौर पर उसकी घास (पैड्स) पर निर्भर करती है। साधारण लकड़ी की छिड़कन (वुड वool) वाली घास की तुलना में ‘खस’ (Vetiver) की घास कहीं अधिक बेहतर और प्रभावी मानी जाती है। खस की घास में एक नेचुरल कूलेंट प्रॉपर्टी होती है, जिससे पानी के छींटों से गुजरने वाली हवा तुरंत बर्फीली ठंडी बन जाती है।
इसके अलावा, खस की घास से पूरे कमरे में एक बहुत ही अच्छी और भीनी-भीनी खुशबू फैलती है, जो मन को शांत करती है। साथ ही, यह कूलर में पानी खराब होने से आने वाली बदबू को भी प्राकृतिक रूप से अवशोषित कर लेती है। आजकल मार्केट में हनीकॉम्ब (Honeycomb) पैड्स भी उपलब्ध हैं, जो लंबे समय तक ठंडक बनाए रखते हैं।

3. पानी का सही स्तर और गुणवत्ता बनाए रखें
कूलर को ठंडी हवा देने के लिए पानी की निरंतर आपूर्ति की जरूरत होती है। हर कूलर में एक वॉटर लेवल इंडिकेटर (या फ्लोट वाल्व) लगा होता है। यदि पानी का स्तर उस निर्धारित लेवल से नीचे चला जाता है, तो पंप सूखी हवा खींचने लगता है। पानी के कम होने से घास सूखने लगती है और कूलर सिर्फ गर्म हवा देने लगता है।
समाधान: अपने कूलर में उपयोग के हिसाब से पानी भरते रहें। साथ ही ध्यान रहे कि कूलर में भरा पानी ज्यादा गर्म न हो जाए, क्योंकि गर्म पानी ठंडक नहीं दे सकता। अगर पानी बहुत गर्म हो गया है, तो उसमें थोड़ी बर्फ डाल सकते हैं (हालांकि बर्फ सिर्फ तात्कालिक राहत देती है)।
कूलर को अधिक बेहतर ढंग से चलाने के लिए कुछ खास टिप्स (Bonus Tips)
ऊपर बताए गए 3 मुख्य बदलावों के अलावा, अगर आप नीचे दी गई बातों का ध्यान रखेंगे, तो आपका कूलर एसी जैसा अनुभव देगा:
- नियमित सफाई जरूरी: कूलर की घास पर धूल और मिट्टी जमने से उसके पोर्स (रंध्र) बंद हो जाते हैं, जिससे हवा नहीं निकल पाती। समय-समय पर पैड्स को पानी से धोएं। अगर घास पुरानी और चिथड़े-चिथड़े हो गई है, तो तुरंत उसे बदल दें।
- टैंक की सफाई: कूलर के टैंक का पानी हमेशा साफ रखें। कई बार गंदे पानी से मच्छर और बैक्टीरिया पैदा हो जाते हैं, जिससे कूलर से बदबूदार हवा आती है। हफ्ते में एक बार टैंक जरूर साफ करें।
- पंखे का सही इस्तेमाल: अगर आप सीलिंग फैन (पंखा) के साथ कूलर चलाएंगे, तो कूलर की ठंडी हवा पूरे कमरे में बराबर फैलेगी। पंखे को हमेशा ‘anti-clockwise’ डायरेक्शन (हवा नीचे की तरफ) में चलाएं।
- धूप से बचाव: दोपहर के समय में कमरे के पर्दे या पर्दों (Curtains) को बंद रखें ताकि धूप सीधे कमरे के अंदर न आए। अगर कमरा गर्म होगा, तो कूलर को उसे ठंडा करने में ज्यादा समय और मेहनत लगेगी।
- पंप की चेकिंग: कभी-कभी पंप कमजोर हो जाता है और पानी को ऊपर तक पैड्स तक नहीं पहुंचा पाता। सुनिश्चित करें कि कूलर का पंप ठीक से काम कर रहा है और ऊपर लगी तीनों प्लेट्स पर पानी बराबर गिर रहा है।
कूलर एक मजबूत और बजट-फ्रेंडली उपकरण है, बशर्ते इसे सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए। वेंटिलेशन, सही पैड्स और पानी के लेवल पर ध्यान देकर आप 50 डिग्री की गर्मी में भी अपने घर को एक ठंडा और सुखद ओएसिस बना सकते हैं। इस गर्मी में इन छोटे-छोटे बदलावों को अपनाकर उमस और गर्मी से छुटकारा पाएं और अपने परिवार को कूल-कूल माहौल दें।























