संध्या समय न्यूज
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की सड़कों पर सुरक्षा का चित्र काफी चिंताजनक सामने आया है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के जनवरी 2026 के न्यूज़लैटर के अनुसार, साल 2025 में सड़क हादसों में कुल 649 लोगों की जान गई, जबकि 1738 लोग गंभीर रूप से घायल हुए। आंकड़ों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि दिल्ली की सड़कों पर सबसे ज्यादा असुरक्षित पैदल यात्री (राहगीर) हैं।

पैदल यात्रियों के लिए सबसे बड़ा खतरा ‘प्राइवेट कारें’
आंकड़ों का गहराई से विश्लेषण करने पर पता चला है कि पैदल यात्रियों के लिए सबसे बड़ा खतरा प्राइवेट कारें साबित हुई हैं। साल 2025 में प्राइवेट कारों की चपेट में आने से सबसे अधिक 92 राहगीरों की मौत हुई। इसके अलावा, दोपहिया वाहनों की टक्कर से 75 पैदल यात्रियों की जान गई, जबकि भारी परिवहन वाहन (एचटीवी) और मालवाहक गाड़ियां 43 राहगीरों की मृत्यु के लिए जिम्मेदार रहीं। ये आंकड़े इस ओर इशारा करते हैं कि शहर में पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित पारपथ और यातायात नियमों के प्रति संवेदनशीलता का अभाव एक बड़ी समस्या बना हुआ है।
सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता के लिए ‘रैली’ का आयोजन
बढ़ते हादसों को देखते हुए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूकता फैलाने का अभियान तेज किया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि सुरक्षित व्यवहार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 13 जनवरी को दोपहिया वाहनों की एक विशेष रैली निकाली गई। इस रैली में दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के 70 जवानों समेत 200 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया।
अधिकारी ने कहा, “रैली का मुख्य उद्देश्य खासकर दोपहिया वाहन चालकों को सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति संवेदनशील बनाना था। हमने इस बात पर जोर दिया कि दोपहिया वाहन पर सवार दोनों लोगों को आईएसआई (ISI) द्वारा अनुमोदित हेलमेट पहनना अनिवार्य है। दोपहिया वाहन दो लोगों के लिए होते हैं और ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन करना ही दुर्घटनाओं को रोकने का एकमात्र उपाय है।”
‘गलत दिशा’ में चलाने वालों पर बरपी पुलिस की कार्रवाई
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने ‘रोड रेज’ और लापरवाही से गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई शुरू की है। पिछले कुछ महीनों में गलत दिशा (Wrong Side) में वाहन चलाने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया गया, जिसके नतीजे बेहद चौंकाने वाले सामने आए हैं। आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर 2025 में ट्रैफिक पुलिस ने गलत दिशा में गाड़ी चलाने के 42,945 मामलों में कार्रवाई की। यह आंकड़ा दिसंबर 2024 के आंकड़ों के मुकाबले कई गुना ज्यादा है। पिछले साल दिसंबर में ऐसे केवल 8,854 मामले दर्ज किए गए थे। इनमें सबसे ज्यादा चालान दोपहिया वाहन चालकों के खिलाफ किए गए। दिसंबर 2025 में 30,224 दोपहिया वाहन चालकों पर गलत दिशा में गाड़ी चलाने के लिए जुर्माना लगाया गया, जबकि इससे पहले के साल यह संख्या 5,577 थी।
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पहली बार BNS की धारा 281 के तहत हुई कार्रवाई
इस बार ट्रैफिक पुलिस ने सख्ती का पहला अनुभव कराया है। अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली में पहली बार जनवरी 2026 में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 281 (लापरवाही से गाड़ी चलाना) के तहत गलत दिशा में वाहन चलाने के आरोप में 173 प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई हैं।
कानून क्या कहता है? (जुर्माना और सजा)
ट्रैफिक विशेषज्ञों के अनुसार, BNS की धारा 281 के तहत दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति को छह महीने तक की कैद या 1000 रुपये के जुर्माने का प्रावधान है, साथ ही वाहन को जब्त किए जाने का भी प्रावधान कानून में दिया गया है। वहीं, मोटर व्हीकल एक्ट के तहत गलत दिशा में गाड़ी चलाने का मानक जुर्माना 5000 रुपये निर्धारित किया गया है। पुलिस का यह कड़ा रुख दिल्ली की सड़कों पर अनुशासन लाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।























