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AIOCD की हड़ताल का असर: देशभर में बंद रहीं हजारों मेडिकल दुकानें

Chemists and Druggists:देश की राजधानी दिल्ली में हड़ताल का असर मिला-जुला रहा। हालांकि, जरूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल के पास स्थित जरूरी दवा दुकानें आम लोगों के लिए खुली रहीं, ताकि किसी मरीज को कोई परेशानी न हो।

दवा कारोबारियों का दावा: ऑनलाइन बिक्री और नशीली दवाओं की होम डिलीवरी खतरनाक

HIGHLIGHTS

  • ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ केमिस्ट्स का बड़ा प्रदर्शन
  • ऑनलाइन फार्मेसी और डीप डिस्काउंटिंग के विरोध में उतरे दवा व्यापारी
  • लखनऊ से गुजरात तक मेडिकल स्टोर्स पर लगे ताले, मरीज परेशान
  • दिल्ली में मिला-जुला असर, अस्पतालों के पास खुलीं जरूरी दवा दुकानें
  • AIOCD की तीन बड़ी मांगें: सरकार पर खुदरा व्यापारियों की अनदेखी का आरोप

Chemists and Druggists:ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) के आह्वान पर बुधवार को देशभर में केमिस्ट्स और ड्रगिस्ट्स की एक दिवसीय देशव्यापी हड़ताल का असर देखने को मिला है। ऑनलाइन दवाओं की अनियंत्रित बिक्री, कॉर्पोरेट चेन फार्मेसी द्वारा अत्यधिक डिस्काउंट (डीप डिस्काउंटिंग) और नशा युक्त दवाओं के दुरुपयोग के विरोध में यह बंद बुलाया गया है।

लखनऊ, गुजरात और राजकोट में दुकानों पर ताले

इस आंदोलन को लेकर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मेडिकल एसोसिएशन और फार्मा एसोसिएशन के साथ पारंपरिक दवा विक्रेताओं ने एकजुटता दिखाते हुए अपने स्टोर पूरी तरह से बंद रखे। वहीं, गुजरात में अहमदाबाद की लगभग 3,000 दुकानों सहित राज्यभर के 35,000 मेडिकल स्टोर्स ने इस हड़ताल को पूर्ण समर्थन दिया। राजकोट में भी दवा की दुकानें पूरी तरह से बंद दिखाई दीं।

दिल्ली में मिला-जुला असर

देश की राजधानी दिल्ली में हड़ताल का असर मिला-जुला रहा। हालांकि, जरूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल के पास स्थित जरूरी दवा दुकानें आम लोगों के लिए खुली रहीं, ताकि किसी मरीज को कोई परेशानी न हो।

चंडीगढ़ में मरीजों को हुई परेशानी

चंडीगढ़ में भी अधिकतर दुकानें बंद रहीं, जिससे मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। पंजाब के फतेहगढ़ साहिब से अपने पिता के साथ पीजीआई (PGI) में दवा लेने आए न्यूरोलॉजी के मरीज वरिंदर सिंह को दुकानें बंद मिलीं। वरिंदर ने बताया कि उन्हें हड़ताल की कोई जानकारी नहीं थी और उन्हें मेडिकल रिपोर्ट लेकर वापस लौटना पड़ा।

AIOCD की तीन बड़ी मांगें

AIOCD के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे. एस. शिंदे और महासचिव राजीव सिंघल ने सरकार पर आरोप लगाया कि उसकी नीतियां खुदरा दवा व्यापारियों के हितों को नुकसान पहुंचा रही हैं। एसोसिएशन की तीन प्रमुख मांगें हैं:

  1. GSR 817 अधिसूचना रद्द करना: ऑनलाइन दवाओं की बिक्री को लेकर जारी अधिसूचना संख्या GSR 817 को तुरंत वापस लिया जाए और इस पर नए सिरे से ढांचा तैयार किया जाए।
  2. कोरोना काल के नियम खत्म करना: महामारी के दौरान लागू की गई अधिसूचना GSR 220 को पूरी तरह से बंद किया जाए।
  3. डीप डिस्काउंटिंग पर रोक: ऑनलाइन कंपनियों द्वारा दिए जा रहे अत्यधिक डिस्काउंट पर रोक लगाई जाए। साथ ही, ड्रग प्राइस कंट्रोल ऑर्डर (DPCO) में संशोधन कर खुदरा दुकानदारों का मार्जिन बढ़ाया जाए, ताकि वे बाजार में प्रतिस्पर्धा कर सकें।

अस्पतालों के पास रही राहत

हालांकि, आम जनता और गंभीर मरीजों को किसी भी तरह की समस्या न हो, इसके लिए एसोसिएशन ने छूट दी है। सभी सिविल अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) और प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों से जुड़े मेडिकल स्टोर्स पूरी तरह से खुले रहे। व्यापारियों का कहना है कि बिना डॉक्टरों के पर्चे की होने वाली ऑनलाइन बिक्री और नशीली दवाओं की होम डिलीवरी स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है।

हर जगह एकमत नहीं

इस हड़ताल को लेकर देशभर में एकमत स्थिति नहीं दिख रही है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने बताया कि कई राज्य स्तरीय फार्मेसी संगठनों ने सार्वजनिक हित को देखते हुए इस हड़ताल से खुद को अलग रखा है।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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