कॉकरोच जनता पार्टी नोएडा- गाजियाबाद चींटी जनता पार्टी बिल्डर पंजाब-हरियाणा बिहार-झारखंड क्राइम न्यूज़ फिल्म न्यूज राजनीतिक न्यूज लाइफस्टाइल जरा हटके खेल जर्नल नॉलेज

---Advertisement---

गुरुग्राम प्राचीन श्री माता शीतला देवी मंदिर में 30 जून से शुरू होगा आषाढ़ मेला

Gurugram News: आषाढ़ मेला, जो प्राचीन श्री माता शीतला देवी मंदिर का मुख्य आकर्षण है, इस बार 30 जून को शुरू हो रहा है। यह पूरे महीने तक चलेगा और 29 जुलाई को समाप्त होगा। मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या को ध्यान में रखते हुए, जिला प्रशासन और श्राइन बोर्ड ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।

गुरुग्राम में आषाढ़ मेले के दौरान विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम और भजन-कीर्तन

HIGHLIGHTS

  • भीड़भाड़ से निपटने के लिए ट्रैफिक व्यवस्था मजबूत
  • बच्चों के मुंडन संस्कार और पूजा-अर्चना का अद्भुत उत्सव
  • श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग और बस सेवा की व्यवस्था
  • सुरक्षा में तैनात 150 से अधिक पुलिस कर्मी और फायर सर्विस
  • मंदिर परिसर में विशेष सफाई अभियान और स्वच्छता व्यवस्था

Gurugram News: गुरुग्राम के प्रतिष्ठित श्री माता शीतला देवी मंदिर में इस वर्ष भी आकर्षक आषाढ़ मेले का आयोजन होने जा रहा है, जो पूरे एक महीने तक चलेगा। यह मेला इस बार 30 जून से शुरू होकर 29 जुलाई तक चलेगा और लाखों श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। इस मेले का आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह स्थानीय संस्कृति और परंपराओं का भी जीवंत उदाहरण है। मेले के दौरान भक्तजन माता की पूजा-अर्चना और दर्शन के साथ ही अपने जीवन में सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य की कामना करते हैं। आइए, इस खबर को विस्तार से समझते हैं और जानिए इस मुद्दे के विभिन्न पहलुओं को।

मेला कब और कैसे शुरू होगा?

बता दें कि यह आषाढ़ मेला, जो प्राचीन श्री माता शीतला देवी मंदिर का मुख्य आकर्षण है, इस बार 30 जून को शुरू हो रहा है। यह पूरे महीने तक चलेगा और 29 जुलाई को समाप्त होगा। मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या को ध्यान में रखते हुए, जिला प्रशासन और श्राइन बोर्ड ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। शुरुआत में, यानी पहले 15 दिनों के दौरान, दर्शन का समय सुबह 4:00 बजे से रात 10:00 बजे तक निर्धारित किया गया है। इस समयावधि में श्रद्धालु माता के दर्शन कर सकते हैं। वहीं, अंतिम 15 दिनों और विशेष तिथियों जैसे रविवार और सोमवार को मंदिर के कपाट 24 घंटे खुले रहेंगे, ताकि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के माता के दर्शन कर सकें। यह व्यवस्था खासतौर पर उन श्रद्धालुओं के लिए है, जो दूर-दराज से आते हैं और देर रात तक पूजा करना चाहते हैं।

बता दें कि मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण इंतजाम किए हैं ताकि मेले का आयोजन सुरक्षित और सुखद रहे। सबसे पहले, पेयजल की सुविधा को प्राथमिकता दी गई है। मंदिर परिसर में 14 वाटर कूलर चालू कर दिए गए हैं, ताकि श्रद्धालु ताजगी भरे पानी का सेवन कर सकें। इससे न केवल पानी की कमी नहीं होगी, बल्कि गर्मी के मौसम में राहत भी मिलेगी। इसके अतिरिक्त, परिसर में सफाई का भी विशेष ध्यान रखा गया है। मेले के दौरान, मंदिर प्रशासन ने कूड़ा-करकट को नियमित रूप से उठाने का इंतजाम किया है, ताकि श्रद्धालुओं को साफ-सुथरे वातावरण में पूजा-अर्चना करने का अवसर मिले।

सुरक्षा और मेडिकल सुविधाएं

श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। इस वर्ष, डेढ़ सौ से अधिक पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है, जो श्रद्धालुओं की सुरक्षा का ध्यान रखेंगे। इसके अलावा, मेडिकल टीम और एंबुलेंस भी पूरी तरह से तैनात रहेंगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मेडिकल सहायता प्रदान की जा सके। मंदिर परिसर के पास एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किया जाएगा, जिसमें आवश्यक चिकित्सा उपकरण और डॉक्टर मौजूद रहेंगे।

मेले के दौरान भारी भीड़ को देखते हुए, जिला प्रशासन ने यातायात व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया है। रास्तों पर ट्रैफिक पुलिस की तैनाती की गई है, ताकि यातायात सुचारू रूप से चलता रहे। पार्किंग की व्यवस्था भी व्यवस्थित की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को वाहन खड़ा करने में कोई परेशानी न हो। साथ ही, बाहरी श्रद्धालुओं को आसानी से मंदिर पहुंचाने के लिए विशेष बस सेवाओं का भी आयोजन किया जा सकता है। मेले के दौरान आने-जाने में किसी तरह की जाम या असुविधा न हो, इसके लिए ट्रैफिक रूट निर्धारित किए गए हैं।

आध्यात्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम

आषाढ़ मेले का उद्देश्य केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं है, बल्कि यह श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और पारंपरिक अनुभव भी प्रदान करता है। इस दौरान, मंदिर परिसर में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन, प्रवचन और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। श्रद्धालु इन आयोजनों का आनंद लेकर अपनी आत्मा को शांति प्रदान कर सकते हैं। बच्चों के लिए भी विशेष कार्यक्रम और धार्मिक गतिविधियों का आयोजन किया गया है, ताकि युवा पीढ़ी भी इस परंपरा से जुड़ी रहे।

मंदिर प्रशासन का विश्वास है कि इस मेले में सभी श्रद्धालु आरामदायक और सुरक्षित महसूस करें। इसलिए, हर संभव प्रयास किए गए हैं कि मंदिर परिसर स्वच्छ, सुरक्षित और सुव्यवस्थित रहे। श्रद्धालुओं को भोजन, पानी, शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। इसके अतिरिक्त, सोशल मीडिया और हेल्पडेस्क के माध्यम से किसी भी तरह की जानकारी या सहायता तुरंत प्रदान की जाएगी।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now