ICC Women’s T20 World Cup 2026: क्रिकेट के दीवानों के लिए एक बहुत ही शानदार खबर है। दुनिया भर में महिला क्रिकेट को बढ़ावा देने और उसे नए आयाम देने के उद्देश्य के साथ ‘आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026’ (ICC Women’s T20 World Cup 2026) का आगाज आज से हो चुका है। यह टूर्नामेंट अपने आप में कई मायनों में खास है। इंग्लैंड की मेजबानी में खेले जा रहे इस विश्व कप का 10वां संस्करण आज (12 जून) से शुरू हो गया है, जहां क्रिकेट के सबसे बड़े मंच पर 12 टीमें अपनी ताकत आज़माने उतर चुकी हैं।
उद्घाटन मैच: मेजबान की चुनौती का सामना करेगा श्रीलंका
टूर्नामेंट की शुरुआत एक रोमांचक मुकाबले के साथ हुई। उद्घाटन मैच मेजबान इंग्लैंड और श्रीलंका की टीमों के बीच खेला गया। भारतीय समय के अनुसार यह मैच रात 11 बजे शुरू हुआ, जिसमें मेजबान टीम विजेता बनकर उभरी और उसने टूर्नामेंट का अच्छा आगाज किया।
इतिहास में पहली बार: 12 टीमों का विशाल समावेश
इस बार आयोजकों (ICC) ने इस टूर्नामेंट को और भी व्यापक बनाने का प्रयास किया है। यह महिला टी20 विश्व कप के इतिहास का सबसे बड़ा संस्करण है, क्योंकि पहली बार इसमें 12 टीमें हिस्सा ले रही हैं। इससे पहले विश्व कप में आमतौर पर 8 या 10 टीमें ही दिखाई देती थीं, लेकिन 12 टीमों के शामिल होने से टूर्नामेंट में कुल मैचों की संख्या और प्रतिस्पर्धा दोनों में वृद्धि हुई है।
यह दूसरा मौका है जब इंग्लैंड महिला टी20 विश्व कप की मेजबानी कर रहा है। इससे पहले इंग्लैंड ने साल 2009 में उद्घाटन संस्करण की मेजबानी की थी। दिलचस्प बात यह है कि 2009 में इंग्लैंड ने ही खिताब अपने नाम किया था। उस समय टीम की कप्तानी महान बल्लेबाज चार्लोट एडवर्ड्स (Charlotte Edwards) के हाथों में थी। नियति का खेल देखिए कि आज वही चार्लोट एडवर्ड्स इंग्लैंड की राष्ट्रीय महिला टीम की मुख्य कोच के रूप में टीम का निर्देशन कर रही हैं। वह चाहेंगी कि उनकी टीम घरेलू जमीन पर एक बार फिर से विजेता बने।
मौजूदा चैंपियन और सबसे सफल टीम
इस विश्व कप में हर टीम की निगाहें खिताब पर होंगी, लेकिन मौजूदा चैंपियन के रूप में न्यूजीलैंड की टीम बेहद आत्मविश्वास से भरी हुई है। न्यूजीलैंड ने 2024 में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में खेले गए विश्व कप के फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को हराकर अपना पहला महिला टी20 विश्व कप खिताब जीता था। ‘व्हाइट फर्न्स’ (White Ferns) की टीम अपने इस खिताब को बचाने के लिए पूरी ताकत झोंक देगी।
अगर हम बात करें टूर्नामेंट की सबसे सफल टीम की, तो वह ऑस्ट्रेलिया है। महिला टी20 विश्व कप के इतिहास में ऑस्ट्रेलिया का दबदबा कायम रहा है। उसने अब तक छह बार खिताब पर कब्जा किया है, जो एक रिकॉर्ड है। इंग्लैंड ने 2009 में जीत हासिल की थी, जबकि वेस्टइंडीज ने 2016 में एकमात्र खिताब अपने नाम किया था। दूसरी ओर, भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका और दक्षिण अफ्रीका जैसी टीमें अभी भी अपना पहला टी20 विश्व कप खिताब जीतने के लिए बेताब हैं। इस बार भारत की टीम काफी मजबूत नजर आ रही है और प्रशंसकों को उनसे काफी उम्मीदें हैं।
क्वालीफाई का क्राइटेरिया और टीमों का चयन
12 टीमों के इस विशाल टूर्नामेंट में टीमों के चयन की प्रक्रिया भी काफी दिलचस्प रही। इंग्लैंड के मेजबान होने की वजह से उसे सीधे प्रवेश मिला। वहीं, ऑस्ट्रेलिया, भारत, न्यूजीलैंड, दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका, पाकिस्तान और वेस्ट इंडीज ने आईसीसी रैंकिंग के आधार पर सीधे वर्ल्ड कप में अपनी जगह पक्की की। इसके अलावा, बांग्लादेश, आयरलैंड, स्कॉटलैंड और नीदरलैंड जैसी टीमों ने क्वालीफाइंग राउंड के बाद टूर्नामेंट में प्रवेश किया है। इन टीमों का शामिल होना यह साबित करता है कि महिला क्रिकेट का दायरा अब विस्तार पर है और नई टीमें भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने लायक हो चुकी हैं।
ग्रुप और टूर्नामेंट का प्रारूप
महिला टी20 विश्व कप 2026 में 12 टीमों को दो समूहों (ग्रुप A और ग्रुप B) में बांटा गया है। हर ग्रुप में छह-छह टीमें हैं।
- ग्रुप A: इस ग्रुप में ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, भारत, नीदरलैंड, पाकिस्तान और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं। यह ग्रुप ‘ग्रुप ऑफ डेथ’ की तरह लग रहा है क्योंकि इसमें भारत, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका जैसी शक्तिशाली टीमें एक साथ हैं।
- ग्रुप B: इस ग्रुप में मेजबान इंग्लैंड के साथ-साथ आयरलैंड, न्यूजीलैंड, स्कॉटलैंड, श्रीलंका और वेस्ट इंडीज की टीमें हैं। यहां भी मेजबान इंग्लैंड और गत विजेता न्यूजीलैंड के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिलेगी।
रोड टू फाइनल (Road to Final):
टूर्नामेंट का प्रारूप ‘राउंड रॉबिन’ है। इसका मतलब यह है कि ग्रुप की हर टीम अपने ग्रुप की हर अन्य टीम के साथ एक-एक मैच खेलेगी। लीग स्टेज के सभी मैचों के बाद, हर ग्रुप की शीर्ष दो टीमें (टॉप-2) सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करेंगी। सेमीफाइनल के विजेता 5 जुलाई को खेले जाने वाले फाइनल में अपनी जगह बनाएंगे।
मैदानों का परिचय: कहां खेले जाएंगे मैच?
इंग्लैंड की सरजमीं पर यह टूर्नामेंट कुल सात सुंदर और ऐतिहासिक स्टेडियमों में खेला जाएगा। इन मैदानों की गिनती दुनिया के सबसे बेहतरीन क्रिकेट ग्राउंड में होती है। इनमें मैनचेस्टर का ‘ओल्ड ट्रैफर्ड’, लीड्स का ‘हेडिंग्ले’, बर्मिंघम का ‘एजबेस्टन’, ब्रिस्टल का ‘ब्रिस्टल काउंटी ग्राउंड’, साउथेम्प्टन का ‘हैम्पशायर बाउल’ और लंदन के प्रतिष्ठित ‘द ओवल’ तथा ‘लॉर्ड्स’ शामिल हैं। क्रिकेट प्रेमियों के लिए सबसे रोमांचक बात यह है कि सेमीफाइनल मैच 30 जून और 2 जुलाई को द ओवल में खेले जाएंगे, जबकि फाइनल मुकाबला 5 जुलाई को क्रिकेट के मंदिर ‘लॉर्ड्स’ पर आयोजित होगा।
प्रसारण और लाइव स्ट्रीमिंग
भारत सहित दुनिया भर के क्रिकेट प्रशंसक इस टूर्नामेंट का लुत्फ उठा सकेंगे। भारत में आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 का प्रसारण ‘स्टार स्पोर्ट्स’ (Star Sports) नेटवर्क पर किया जाएगा। अगर आप ट्रैवल पर हैं या टीवी के पास नहीं हैं, तो आप इसकी लाइव स्ट्रीमिंग ‘जियोहॉटस्टार’ (JioHotstar) ऐप और वेबसाइट पर देख सकते हैं।
भारतीय टीम का शेड्यूल और समय
इंग्लैंड में होने वाले इस टूर्नामेंट में भारतीय प्रशंसकों की सुविधा को देखते हुए मैचों के समय में बदलाव किया गया है। जहां कुछ मैच भारतीय समयानुसार रात 11 बजे शुरू होंगे, वहीं भारत के सभी ग्रुप मैच शाम 7:30 बजे शुरू होंगे, ताकि दर्शक आराम से अपनी पसंदीदा टीम का मैच देख सकें।
भारत के मैचों की तारीखें:
- 14 जून: भारत बनाम पाकिस्तान (India vs Pakistan) – यह मैच हमेशा से हाई-वोल्टेज रहा है और दोनों टीमें इसे जीतने के लिए बेताब रहती हैं।
- 17 जून: भारत बनाम नीदरलैंड (India vs Netherlands)
- 21 जून: भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका (India vs South Africa)
- 25 जून: भारत बनाम बांग्लादेश (India vs Bangladesh)
- 28 जून: भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया (India vs Australia) – यह भारत के लिए ग्रुप स्टेज का सबसे कठिन मैच हो सकता है।
रिकॉर्ड इनामी राशि
खिलाड़ियों के लिए यह टूर्नामेंट न केवल प्रतिष्ठा का मामला है, बल्कि आर्थिक रूप से भी बहुत फायदेमंद साबित होगा। आईसीसी (ICC) ने महिला क्रिकेट को प्रोत्साहित करने के लिए इस बार रिकॉर्ड पुरस्कार राशि की घोषणा की है। टूर्नामेंट के लिए कुल पुरस्कार पूल (Prize Pool) 87,64,615 अमेरिकी डॉलर रखा गया है, जो भारतीय मुद्रा में लगभग 82 करोड़ रुपये के बराबर है। यह राशि पिछले संस्करण की तुलना में 10 प्रतिशत अधिक है। इसमें विजेता टीम को सबसे बड़ा हिस्सा मिलेगा, जबकि उपविजेता और सेमीफाइनलिस्ट टीमों को भी बड़ी राशि दी जाएगी।


























